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ट्रक स्वामी ने 100 अज्ञात के खिलाफ दी तहरीर
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नंदगंज। थाना क्षेत्र के फतेउल्लाहपुर में शुक्रवार की रात ट्रक से कुचलकर युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने दो ट्रकों को आग के हवाले करने के साथ पुलिस पर पथराव कर दिया था। शनिवार को ट्रक स्वामी ने 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी।
फतेउल्लाहपुर गांव निवासी गुड्डू राम (45) रोज की तरह शुक्रवार की रात भी शहर से मजदूरी कर साइकिल से घर लौट रहा था। इसी रात करीब साढ़े आठ बजे गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर फतेउल्लाहपुर के पास ही ट्रक की जद में आने से उसकी मौत हो गई थी। दुर्घटना की जानकारी होते ही परिवार के साथ ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। आक्रोशित लोगों ने दुर्घटना करने वाले ट्रक के साथ ही बगल में खड़े दूसरे ट्रक को आग के हवाले कर दिया था। घटना की जानकारी होते ही नंदगंज के साथ ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव भी किया था। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लोगों को वहां से खदेड़ा था। शनिवार की सुबह ट्रक स्वामी संजय सिंह ने थाना में 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। इस संबंध में थानाध्यक्ष विनीत राय ने बताया कि बताया कि ट्रक स्वामी की तरफ से 100 अज्ञात के खिलाफ तहरीर मिली है। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की जाएगी।
गांव में छा गया सियापा
नंदगंज। थाना क्षेत्र के फतेउल्लाहपुर गांव में ट्रक की जद में आने से इसी गांव निवासी गुड्डू राम की मौत की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई थी। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण वहां पहुंच गए थे। मौत को लेकर लोग इस कदर आक्रोशित थे कि उन्होंने अपने गुस्से की आग में दो ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया। गुस्से में तो ग्रामीण ने गलत फैसला ले डाला, लेकिन बाद ने उपद्रव करने वालों की इस बात से परेशानियों बढ़ गई कि पुलिस चिन्हित कर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुलिस गांव में रात ही में न धमक जाए और गिरफ्तार न कर लें, इस आशंका से गांव के अधिकांश लोगों ने जागकर रात बिताई। उधर रात के सन्नाटा में मृतक के परिवार वालों की रोने की आवाज सुनाई देती रही।
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जगह-जगह होती रही घटना की चर्चा
नंदगंज। ट्रक की टक्कर से युवक की मौत और उसके बाद गुस्साएं लोगों द्वारा दो ट्रकों में आगजनी और पुलिस पर पथराव की शनिवार को जगह-जगह चर्चा होती रही। लोगों की चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से शामिल थी कि गुस्से में लिया गया हर फैसला गलत होता है, कुछ ऐसा ही फैसला ले लिया ग्रामीणों ने। गुस्सें में ट्रकों को फूंक दिया। इतना ही नहीं पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिस कर्मी घायल भी हुए है। इस मामले में पुलिस गांव के कितने लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेगी, यह किसी को पता नहीं है, लेकिन इतना तय है कि ट्रकों में आगजनी की घटना की आग की लपटें गांव में कई दिनों तक बनी रहेगी। आरोपियों की धर-पकड़ के लिए गांव में पुलिस की बूटों की खटखट सुनाई देगी।
पथराव में घायल हुए पांच पुलिस कर्मी
नंदगंज। थाना पुलिस को जैसे ही इस बात की जानकारी हुई की फतेउल्लाहपुर में ट्रक की जद में आने से एक युवक की मौत हो गई और आक्रोशित लोगोिं ने दो ट्रकों में आग लगा दिया है, उसके होश उड़ गए। सभी थानों के वायरलेस से घटना को लेकर गरजने लगे। कुछ ही देर में मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंच गए। भारी मात्रा में पुलिस फोर्स देख आक्रोशित ग्रामीण ने पथराव शुरु कर दिया। इस पथराव में थानाध्यक्ष विनित राय, हेड कांस्टेबल सुरेश बिंद, सिपाही अरुण राय, विपिन कुमार, ओम प्रकाश घायल घायल हो गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी की मरहम-पट्टी कराई गई। थानाध्यक्ष विनित राय ने कहा कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा।
बिलखती रही पत्नी, सांत्वाना देते रहे लोग
नंदगंज। थाना क्षेत्र के फतेउल्लाहपुर गांव निवासी बृजेंद्र प्रताप उर्फ गुड्डू मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। रोज की तरह शुक्रवार की सुबह भी वह घर से शहर में रोटी की व्यवस्था के लिए निकला था। रोज की तरह देर शाम होने पर पत्नी निरोजा अब-तब पति के घर आने की राह निहार रही थी। इसी दौरान रात करीब आठ बजे जैसे ही ट्रक की जद में आने से पति की मौत होने की खबर आई, वह बदहवास हो लड़खड़ाते हुए घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़ी। मौके पर पहुंचने पर जैसे ही मृत पति पर नजर पड़ी, वह छाती पीटकर चीखने-चिल्लाने लगी। पूरी रात वह बिलखती रही। घटना के दूसरे दिन शनिवार को भी उसके आंसू थमने नहीं थे। लोगों द्वारा ढांढस बंधाने पर वह कभी पूरी तरह से शांत हो जा रही तो कभी अपने बच्चों नमन (05), अंशिता (03) और एक वर्षीय दिप्ती का चेहरा निहारते हुए आंखों से नीर बहाते हुए यह कहने लग रही थी हे भगवान तूने मुझे किस बात के लिए इतनी बड़ी सजा दे दी। एक तरफ जहां मुझसे मेरा सुहाब छीन लिया, वहीं बच्चों के सर से पिता का साया। उसकी इस व्यथा को सुन ढांढस बंधाने वालों की आंखें भी छलक जा रही थी। परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को घर नहीं ले गए और श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
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फतेउल्लाहपुर गांव निवासी गुड्डू राम (45) रोज की तरह शुक्रवार की रात भी शहर से मजदूरी कर साइकिल से घर लौट रहा था। इसी रात करीब साढ़े आठ बजे गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर फतेउल्लाहपुर के पास ही ट्रक की जद में आने से उसकी मौत हो गई थी। दुर्घटना की जानकारी होते ही परिवार के साथ ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। आक्रोशित लोगों ने दुर्घटना करने वाले ट्रक के साथ ही बगल में खड़े दूसरे ट्रक को आग के हवाले कर दिया था। घटना की जानकारी होते ही नंदगंज के साथ ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव भी किया था। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लोगों को वहां से खदेड़ा था। शनिवार की सुबह ट्रक स्वामी संजय सिंह ने थाना में 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। इस संबंध में थानाध्यक्ष विनीत राय ने बताया कि बताया कि ट्रक स्वामी की तरफ से 100 अज्ञात के खिलाफ तहरीर मिली है। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की जाएगी।
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गांव में छा गया सियापा
नंदगंज। थाना क्षेत्र के फतेउल्लाहपुर गांव में ट्रक की जद में आने से इसी गांव निवासी गुड्डू राम की मौत की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई थी। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण वहां पहुंच गए थे। मौत को लेकर लोग इस कदर आक्रोशित थे कि उन्होंने अपने गुस्से की आग में दो ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया। गुस्से में तो ग्रामीण ने गलत फैसला ले डाला, लेकिन बाद ने उपद्रव करने वालों की इस बात से परेशानियों बढ़ गई कि पुलिस चिन्हित कर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुलिस गांव में रात ही में न धमक जाए और गिरफ्तार न कर लें, इस आशंका से गांव के अधिकांश लोगों ने जागकर रात बिताई। उधर रात के सन्नाटा में मृतक के परिवार वालों की रोने की आवाज सुनाई देती रही।
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जगह-जगह होती रही घटना की चर्चा
नंदगंज। ट्रक की टक्कर से युवक की मौत और उसके बाद गुस्साएं लोगों द्वारा दो ट्रकों में आगजनी और पुलिस पर पथराव की शनिवार को जगह-जगह चर्चा होती रही। लोगों की चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से शामिल थी कि गुस्से में लिया गया हर फैसला गलत होता है, कुछ ऐसा ही फैसला ले लिया ग्रामीणों ने। गुस्सें में ट्रकों को फूंक दिया। इतना ही नहीं पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिस कर्मी घायल भी हुए है। इस मामले में पुलिस गांव के कितने लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेगी, यह किसी को पता नहीं है, लेकिन इतना तय है कि ट्रकों में आगजनी की घटना की आग की लपटें गांव में कई दिनों तक बनी रहेगी। आरोपियों की धर-पकड़ के लिए गांव में पुलिस की बूटों की खटखट सुनाई देगी।
पथराव में घायल हुए पांच पुलिस कर्मी
नंदगंज। थाना पुलिस को जैसे ही इस बात की जानकारी हुई की फतेउल्लाहपुर में ट्रक की जद में आने से एक युवक की मौत हो गई और आक्रोशित लोगोिं ने दो ट्रकों में आग लगा दिया है, उसके होश उड़ गए। सभी थानों के वायरलेस से घटना को लेकर गरजने लगे। कुछ ही देर में मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंच गए। भारी मात्रा में पुलिस फोर्स देख आक्रोशित ग्रामीण ने पथराव शुरु कर दिया। इस पथराव में थानाध्यक्ष विनित राय, हेड कांस्टेबल सुरेश बिंद, सिपाही अरुण राय, विपिन कुमार, ओम प्रकाश घायल घायल हो गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी की मरहम-पट्टी कराई गई। थानाध्यक्ष विनित राय ने कहा कि उपद्रव करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा।
बिलखती रही पत्नी, सांत्वाना देते रहे लोग
नंदगंज। थाना क्षेत्र के फतेउल्लाहपुर गांव निवासी बृजेंद्र प्रताप उर्फ गुड्डू मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। रोज की तरह शुक्रवार की सुबह भी वह घर से शहर में रोटी की व्यवस्था के लिए निकला था। रोज की तरह देर शाम होने पर पत्नी निरोजा अब-तब पति के घर आने की राह निहार रही थी। इसी दौरान रात करीब आठ बजे जैसे ही ट्रक की जद में आने से पति की मौत होने की खबर आई, वह बदहवास हो लड़खड़ाते हुए घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़ी। मौके पर पहुंचने पर जैसे ही मृत पति पर नजर पड़ी, वह छाती पीटकर चीखने-चिल्लाने लगी। पूरी रात वह बिलखती रही। घटना के दूसरे दिन शनिवार को भी उसके आंसू थमने नहीं थे। लोगों द्वारा ढांढस बंधाने पर वह कभी पूरी तरह से शांत हो जा रही तो कभी अपने बच्चों नमन (05), अंशिता (03) और एक वर्षीय दिप्ती का चेहरा निहारते हुए आंखों से नीर बहाते हुए यह कहने लग रही थी हे भगवान तूने मुझे किस बात के लिए इतनी बड़ी सजा दे दी। एक तरफ जहां मुझसे मेरा सुहाब छीन लिया, वहीं बच्चों के सर से पिता का साया। उसकी इस व्यथा को सुन ढांढस बंधाने वालों की आंखें भी छलक जा रही थी। परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को घर नहीं ले गए और श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।