{"_id":"5d83c65a8ebc3e93da787bc1","slug":"civic-animities-ghazipur-news-vns484744562","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोषण माह में चिन्हित किशोरियों को वितरित किया जाएगा देशी घी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोषण माह में चिन्हित किशोरियों को वितरित किया जाएगा देशी घी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग़ाजीपुर। शासन की ओर से सितंबर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसको लेकर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साथ ही जिले के कई अन्य विभाग भी पोषण माह को सफल बनाने में जुटे हैं। इस माह प्रत्येक सप्ताह पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां की जा रही हैं। जिले में एनीमिया यानी खून की कमी से ग्रसित किशोरियों को पोषण माह के अंतर्गत देशी घी का वितरण करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शासन की तरफ से जिले को 16.51 कुंतल देशी घी उपलब्ध कराया गया है।
इस संदर्भ में जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि अगस्त एवं सितंबर माह में चल रहे वीएचएनडी कार्यक्रम में स्कूल न जाने वाली किशोरियों को चिन्हित करने का कार्यक्रम किया गया। इसमें 11 से 14 वर्ष की 3670 किशोरियों को एनीमिक होने की स्थिति में चिन्हित किया गया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि देशी घी पराग डेयरी उद्योग के माध्यम से अंब्रेला योजना के तहत शासन की ओर से विभाग को दिया गया है जो प्रत्येक चौथे माह पर चिन्हित की गई किशोरियों का आंकड़ा शासन को भेजने पर शासन से प्राप्त होता है। जिले में 4118 आंगनबाड़ी केंद्रों पर देशी घी भेजा जा चुका है जहां पर चिन्हित किशोरियों को शत-प्रतिशत मिलने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाराचवर ब्लॉक में 311, भदौरा में 133, भांवरकोल में 219, बिरनो में 309, शहर में 70, देवकली में 251, सदर में 158, जखनिया में 327, जमानिया में 416, करंडा में 83, कासिमाबाद में 161, मनिहारी में 161, मरदह में 195, मुहम्मदाबाद में 401, रेवतीपुर में 58, सैदपुर में 258 एवं सादात ब्लॉक में 159 किशोरियों को चिन्हित किया गया है। इसके तहत एक किशोरी को 450 ग्राम देशी घी वितरित किया जाएगा। देशी घी के फायदे के बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पांडेय ने बताया कि देशी घी में शॉर्ट चेन फैटी एसिड होते हैं जिसे पचाना बेहद आसान होता है और यह हार्मोंस के लिए भी फायदेमंद होते हैं। घी में विटामिन ए, डी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, मिनरल्स, पोटैशियम जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो ज्यादा समय तक जवान बनाए रखते हैं। एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का देशी घी और मिश्री मिला कर पीने से शारीरिक और मानसिक कमजोरी दूर होती है। गर्भवती महिला के घी खाने से उसका बच्चा मजबूत और बुद्धिमान बनता है। घी में एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर के वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
विज्ञापन
इस संदर्भ में जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि अगस्त एवं सितंबर माह में चल रहे वीएचएनडी कार्यक्रम में स्कूल न जाने वाली किशोरियों को चिन्हित करने का कार्यक्रम किया गया। इसमें 11 से 14 वर्ष की 3670 किशोरियों को एनीमिक होने की स्थिति में चिन्हित किया गया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि देशी घी पराग डेयरी उद्योग के माध्यम से अंब्रेला योजना के तहत शासन की ओर से विभाग को दिया गया है जो प्रत्येक चौथे माह पर चिन्हित की गई किशोरियों का आंकड़ा शासन को भेजने पर शासन से प्राप्त होता है। जिले में 4118 आंगनबाड़ी केंद्रों पर देशी घी भेजा जा चुका है जहां पर चिन्हित किशोरियों को शत-प्रतिशत मिलने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि बाराचवर ब्लॉक में 311, भदौरा में 133, भांवरकोल में 219, बिरनो में 309, शहर में 70, देवकली में 251, सदर में 158, जखनिया में 327, जमानिया में 416, करंडा में 83, कासिमाबाद में 161, मनिहारी में 161, मरदह में 195, मुहम्मदाबाद में 401, रेवतीपुर में 58, सैदपुर में 258 एवं सादात ब्लॉक में 159 किशोरियों को चिन्हित किया गया है। इसके तहत एक किशोरी को 450 ग्राम देशी घी वितरित किया जाएगा। देशी घी के फायदे के बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पांडेय ने बताया कि देशी घी में शॉर्ट चेन फैटी एसिड होते हैं जिसे पचाना बेहद आसान होता है और यह हार्मोंस के लिए भी फायदेमंद होते हैं। घी में विटामिन ए, डी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, मिनरल्स, पोटैशियम जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो ज्यादा समय तक जवान बनाए रखते हैं। एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का देशी घी और मिश्री मिला कर पीने से शारीरिक और मानसिक कमजोरी दूर होती है। गर्भवती महिला के घी खाने से उसका बच्चा मजबूत और बुद्धिमान बनता है। घी में एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर के वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
विज्ञापन