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स्कंदमाता स्वरूप में फूलों से सजीं भवानी
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:41 PM IST
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नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को देवी के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता के दर्शन-पूजन के लिए शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में धूम मची रही। सुबह से ही घंटा-घड़ियाल के बजने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह देर शाम तक थमा नहीं। मां के दरबार में श्रद्धालुओं ने मत्था टेक मंगल की कामना की। भारी भीड़ के चलते मंदिरों के आस-पास पूरे दिन मेले जैसी स्थिति बनी रही।
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली, रौजा स्थित देवी मंदिर, हमीद सेतु स्थित मां काली मंदिर, नवाबगंज स्थित शीतला माता मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। गहमर संवाददाता के अनुसार मां कामाख्या धाम पर भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। विभिन्न साधनों से पहुंचे भक्तों ने मंदिर परिसर में स्थित पोखरा और हैंडपंपों पर हाथ-पैर धोने के बाद पूजन सामग्री की खरीदारी की। इसके बाद इसे मां के चरणों में अर्पित कर उनसे अपने और परिवार की कुशलता की कामना की। हवन कुंड में पूरे दिन आहुति डालने का सिलसिला चलता चलता रहा। करीमुद्दीनपुर और दुबिहा संवाददाता के अनुसार मां कष्टहरणी देवी के दरबार में सैकड़ों भक्तों ने उपस्थिति दर्ज कराई। देवी का दर्शन-पूजन कर उससे कल्याण की विनती की। आलम यह था कि जितने भक्त दर्शन कर लौट रहे थे, इसी दौरान उससे अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार तहसील परिसर स्थित मनोकामना देवी के दरबार में पांचवें दिन भी भक्तों द्वारा दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा। भक्त मां का दर्शन कर निहाल हो गए। सैदपुर संवाददाता के अनुसार तहसील के पास स्थित मां काली मंदिर में सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने देवी का दर्शन कर मन्नतें मांगी। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार रेलवे स्टेशन पर स्थित शायर माता मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देवी का दर्शन कर मंगल की कामना की। जिन भक्तों की मन्नतें पूरी हुई थी, उन्होंने परंपरा के अनुसार मंदिर में घंटा चढ़ाया। सुहवल संवाददाता के अनुसार भगवती देवी के दरबार में पूरे दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहा। इसके अलावा कासिमाबाद, मरदह, दुल्लहपुर, बिरनो, जंगीपुर, नंदगंज, देवकली, बहरियाबाद, शादियाबाद, सादात, भीमापार, जखनिया, करंडा, भांवरकोल, जमानिया, मतसा, खानपुर सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिर पूरे दिन भक्तों का गुलजार रहे। श्रद्धालुओं ने देवी की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली, रौजा स्थित देवी मंदिर, हमीद सेतु स्थित मां काली मंदिर, नवाबगंज स्थित शीतला माता मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। गहमर संवाददाता के अनुसार मां कामाख्या धाम पर भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। विभिन्न साधनों से पहुंचे भक्तों ने मंदिर परिसर में स्थित पोखरा और हैंडपंपों पर हाथ-पैर धोने के बाद पूजन सामग्री की खरीदारी की। इसके बाद इसे मां के चरणों में अर्पित कर उनसे अपने और परिवार की कुशलता की कामना की। हवन कुंड में पूरे दिन आहुति डालने का सिलसिला चलता चलता रहा। करीमुद्दीनपुर और दुबिहा संवाददाता के अनुसार मां कष्टहरणी देवी के दरबार में सैकड़ों भक्तों ने उपस्थिति दर्ज कराई। देवी का दर्शन-पूजन कर उससे कल्याण की विनती की। आलम यह था कि जितने भक्त दर्शन कर लौट रहे थे, इसी दौरान उससे अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार तहसील परिसर स्थित मनोकामना देवी के दरबार में पांचवें दिन भी भक्तों द्वारा दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा। भक्त मां का दर्शन कर निहाल हो गए। सैदपुर संवाददाता के अनुसार तहसील के पास स्थित मां काली मंदिर में सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने देवी का दर्शन कर मन्नतें मांगी। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार रेलवे स्टेशन पर स्थित शायर माता मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देवी का दर्शन कर मंगल की कामना की। जिन भक्तों की मन्नतें पूरी हुई थी, उन्होंने परंपरा के अनुसार मंदिर में घंटा चढ़ाया। सुहवल संवाददाता के अनुसार भगवती देवी के दरबार में पूरे दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहा। इसके अलावा कासिमाबाद, मरदह, दुल्लहपुर, बिरनो, जंगीपुर, नंदगंज, देवकली, बहरियाबाद, शादियाबाद, सादात, भीमापार, जखनिया, करंडा, भांवरकोल, जमानिया, मतसा, खानपुर सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिर पूरे दिन भक्तों का गुलजार रहे। श्रद्धालुओं ने देवी की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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