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Ghazipur News: अब जिला नहीं, ब्लाॅक स्तर पर होगा एआरपी का चयन
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गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का चयन अब जिला स्तर पर न होकर ब्लॉक स्तर पर जरूरत के अनुसार होगा। हर विकासखंड में पांच एआरपी और एक डायट मेंटर होगा।
शासन के निर्देश पर सभी जिलों में जुलाई तक रिक्त एआरपी के पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है ताकि नए शैक्षणिक सत्र से व्यवस्था पूरी क्षमता के साथ लागू की जा सके।
अब सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष शेष रहने वाले शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा अधिक थी। इसके अलावा किसी भी विषय के परिषदीय शिक्षक पात्र होंगे और चयन केवल लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। माइक्रो टीचिंग का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। एआरपी पद के लिए वही शिक्षक आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने स्नातक के साथ शिक्षक प्रशिक्षण की योग्यता प्राप्त की हो और परिषदीय विद्यालयों में कम से कम पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव हो। साथ ही ऐसे शिक्षक, जिनकी सेवानिवृत्ति में कम से कम पांच वर्ष शेष हो, आवेदन के पात्र होंगे।
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जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सर्वजीत यादव ने बताया कि चयनित एआरपी का कार्यकाल एक वर्ष का रहेगा। लगातार तीन वर्ष तक एआरपी के रूप में कार्य करने के बाद संबंधित शिक्षक को दोबारा चयन प्रक्रिया में शामिल होकर आवेदन करना होगा। एआरपी का वेतन उनके मूल विद्यालय से ही मिलता रहेगा। संवाद
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शासन के निर्देश पर सभी जिलों में जुलाई तक रिक्त एआरपी के पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है ताकि नए शैक्षणिक सत्र से व्यवस्था पूरी क्षमता के साथ लागू की जा सके।
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अब सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष शेष रहने वाले शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा अधिक थी। इसके अलावा किसी भी विषय के परिषदीय शिक्षक पात्र होंगे और चयन केवल लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। माइक्रो टीचिंग का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। एआरपी पद के लिए वही शिक्षक आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने स्नातक के साथ शिक्षक प्रशिक्षण की योग्यता प्राप्त की हो और परिषदीय विद्यालयों में कम से कम पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव हो। साथ ही ऐसे शिक्षक, जिनकी सेवानिवृत्ति में कम से कम पांच वर्ष शेष हो, आवेदन के पात्र होंगे।
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जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) सर्वजीत यादव ने बताया कि चयनित एआरपी का कार्यकाल एक वर्ष का रहेगा। लगातार तीन वर्ष तक एआरपी के रूप में कार्य करने के बाद संबंधित शिक्षक को दोबारा चयन प्रक्रिया में शामिल होकर आवेदन करना होगा। एआरपी का वेतन उनके मूल विद्यालय से ही मिलता रहेगा। संवाद