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Ghazipur News: पुलिस और आयोजकों के बीच नोकझोंक, शाम 7 बजे मंच कराया खाली
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जमानिया। कोतवाली क्षेत्र के स्थानीय कस्बे में रामलीला मंचन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद शनिवार की शाम गरमा गया। बलुआ घाट पर मंच तैयार कर रहे आयोजकों को रोकने भारी पुलिस बल पहुंच गई।
पुलिस द्वारा मंच खाली कराने के निर्देश पर समिति के पदाधिकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और गहमागहमी की स्थिति बन गई। शाम सात बजे 7 बजे पुलिस ने जबरदस्ती मंच खाली करा दिया।
बलुआ घाट पर एक पक्ष द्वारा रामलीला मंचन की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही थीं। जिस पर प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और आयोजकों को बिना प्रशासनिक अनुमति के मंचन न करने की हिदायत देते हुए मंच से हटने को कहा। इस पर आयोजक भड़क गए और मौके पर ही पुलिस व समिति सदस्यों के बीच बहस शुरू हो गई।
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रामलीला समिति के अध्यक्ष अरविंद वर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि रामलीला मंचन के लिए अयोध्या से कलाकारों को पहले ही आमंत्रित किया जा चुका है और वे पहुंच भी चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से ट्रस्ट को रामलीला कराने की अनुमति दी गई है, हम उस निर्णय का पूरा सम्मान करते हैं।
हमारे कलाकारों और तैयारियों को देखते हुए प्रशासन को हमें भी नगर में किसी अन्य उपयुक्त स्थल पर मंचन की अनुमति देनी चाहिए। वहीं, प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने कहा कि शासन और प्रशासन के निर्देश हैं कि शांति व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।
किसी भी नए स्थल पर बिना पूर्व अनुमति के कोई नया धार्मिक अनुष्ठान या नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच वार्ता और मंथन का दौर चलता रहा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल सतर्क है और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
वहीं जब समिति के लोग मंच से हटने को तैयार नहीं हुई तो पुलिस ने शाम सात बजे जबरदस्ती लोगों को पकड़ कर कोतवाली ले गई और मंच खाली कराया।
इस दौरान नारायण दास चौरसिया, मुन्ना गुप्ता, गोविंद चौबे, नगसर थानाध्यक्ष वीरेंद्र सोनकर, दिलदारनगर संतोष कुमार राय, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, लेखपाल रूपेश रंजन सिन्हा, कानूनगो नसीमुल्लाह अंसारी, शाह आलम, विजय सिंह, संदीप यादव, दीपक मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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पुलिस द्वारा मंच खाली कराने के निर्देश पर समिति के पदाधिकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और गहमागहमी की स्थिति बन गई। शाम सात बजे 7 बजे पुलिस ने जबरदस्ती मंच खाली करा दिया।
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बलुआ घाट पर एक पक्ष द्वारा रामलीला मंचन की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही थीं। जिस पर प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और आयोजकों को बिना प्रशासनिक अनुमति के मंचन न करने की हिदायत देते हुए मंच से हटने को कहा। इस पर आयोजक भड़क गए और मौके पर ही पुलिस व समिति सदस्यों के बीच बहस शुरू हो गई।
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रामलीला समिति के अध्यक्ष अरविंद वर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि रामलीला मंचन के लिए अयोध्या से कलाकारों को पहले ही आमंत्रित किया जा चुका है और वे पहुंच भी चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से ट्रस्ट को रामलीला कराने की अनुमति दी गई है, हम उस निर्णय का पूरा सम्मान करते हैं।
हमारे कलाकारों और तैयारियों को देखते हुए प्रशासन को हमें भी नगर में किसी अन्य उपयुक्त स्थल पर मंचन की अनुमति देनी चाहिए। वहीं, प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने कहा कि शासन और प्रशासन के निर्देश हैं कि शांति व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।
किसी भी नए स्थल पर बिना पूर्व अनुमति के कोई नया धार्मिक अनुष्ठान या नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच वार्ता और मंथन का दौर चलता रहा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल सतर्क है और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
वहीं जब समिति के लोग मंच से हटने को तैयार नहीं हुई तो पुलिस ने शाम सात बजे जबरदस्ती लोगों को पकड़ कर कोतवाली ले गई और मंच खाली कराया।
इस दौरान नारायण दास चौरसिया, मुन्ना गुप्ता, गोविंद चौबे, नगसर थानाध्यक्ष वीरेंद्र सोनकर, दिलदारनगर संतोष कुमार राय, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, लेखपाल रूपेश रंजन सिन्हा, कानूनगो नसीमुल्लाह अंसारी, शाह आलम, विजय सिंह, संदीप यादव, दीपक मिश्रा आदि मौजूद रहे।