UP: भाभी के बाद देवर ने भी तोड़ा दम, आपत्तिजनक हाल में मिले थे दोनों, एक साथ खाया जहर; जानें मामला
यूपी के गाजीपुर में सैदपुर कोतवाली का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस को सूचना दिए बगैर ही परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। दोनों आपत्तिजनक हाल में पाए गए थे। इसी के बाद खाैफनाक कदम उठा लिया।
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Ghazipur News: गाजीपुर के सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में भाभी की मौत के बाद देवर ने भी उपचार के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया। परिवार के लोग बिना किसी को सूचना दिए अंतिम संस्कार कर दिए। दोनों आपत्तिजनक हालत में पाए जाने के बाद विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिए थे।
एक गांव निवासी युवक हैदराबाद में रहकर नौकरी करता है। घर पर उसकी पत्नी परिवार के लोगों के साथ रहती थी। यहां पर उसकी अपने देवर के ही साथ नजदीकियां बढ़ गई। बुधवार को दोनों को देर रात परिवार के लोगों ने आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इसे लेकर काफी फटकार लगाई।
परिजनों की डांट और शर्मिंदगी से दोनों ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। तबीयत खराब होने पर परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर पहुंचे। जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
बताया जाता है कि रास्ते में ही भाभी की मौत हो गई। वहीं, शुक्रवार को इलाज के दौरान देवर की भी मौत हो गई। घर वालों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। कोतवाल योगेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं है। यदि किसी प्रकार की कोई सूचना देता है तो कार्रवाई की जाएगी।
पिलर लगाकर जमीन को कब्जे में लिया
गाजीपुर एअर फील्ड की रक्षा भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर रक्षा संपदा और सेना की टीम की ओर से लगातार कवायद की जा रही है। सर्वे की गई रक्षा भूमि पर गड्ढे खोदकर पिलर लगाने का काम किया जा रहा है। इस क्रम में शुक्रवार को बकुलियापुर एवं चक जीवधर गांव में एअर फील्ड की भूमि पर पिलर लगाकर संबंधित जमीन को कब्जे में लिया गया।
उप मंडल अधिकारी रंजीत कुमार एवं उप मंडल अधिकारी अंकित यादव ने बताया कि जमीन को कब्जे में लेने के साथ ही उस पर तत्काल पिलर लगाने का काम किया जा रहा है। गाजीपुर की एअर फील्ड में 17 राजस्व गांव शामिल हैं।
टीम अब तक फतेहपुर सिकंदर, अंधऊ, बिराइच, देवकठिया, मिश्रौलिया, चंदनवाहा आदि गांवों में सर्वेक्षण का कार्य कर चुकी है। जमीन पर मार्किंग कर पिलर लगाकर उसे कब्जे में लिया जा रहा है। सर्वेक्षण का काम पूरा होते ही रक्षा भूमि पर से अस्थाई और पक्का दोनों अतिक्रमण हटाया जाएगा।