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Ghazipur News: बैंड-बाजे संग श्री राम चबूतरा से निकाली गई शोभायात्रा

Mon, 12 Oct 2026 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:00 AM IST
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A procession was taken out from the Shri Ram Chabutra, accompanied by a musical band.
शहर के हरिशंकरी मोहल्ले से वनगमन की लीला के लिए जाते कलाकारों का तिलक करती श्रद्धालु। स्रोत- आय - फोटो : सांकेतिक
गाजीपुर। अति प्राचीन श्रीरामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से रविवार को रामलीला के छठवें दिन वन गमन, निषादराज मिलन और तमसा नदी तट पर विश्राम का प्रसंग मंचित किया गया। शाम छह बजे प्रभु श्रीराम की शोभायात्रा हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा से निकाली गई। बैंड-बाजे के साथ निकली शोभायात्रा में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। महाजन टोली, झुन्नू लाल चौराहा, आमघाट, ददरीघाट चौक और महुआबाग होते हुए शोभायात्रा पहाड़ खां पोखरा स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर पहुंची। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम का स्वागत किया।
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कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि रामलीला में दिखाया गया कि माता कैकेयी के वरदान के चलते प्रभु श्रीराम तपस्वी का वेश धारण कर माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ वन के लिए प्रस्थान करते हैं। वन जाने से पहले वे माता-पिता, गुरुजनों और ब्राह्मणों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लेते हैं। अयोध्या में शोक का वातावरण देखकर श्रीराम सभी को धैर्य बंधाते हैं। वह गुरु वशिष्ठ के पास पहुंचकर ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देते हैं तथा अपने सेवकों को गुरुजी की देखरेख में सौंपते हैं। प्रभु श्रीराम अयोध्यावासियों से आग्रह करते हैं कि वह महाराज दशरथ और अपनी माताओं का ध्यान रखें, ताकि उनके वन जाने से उन्हें अधिक कष्ट न हो। इसके बाद वे माता सीता, लक्ष्मण, गुरु वशिष्ठ और मंत्री सुमंत के साथ श्रृंगवेरपुर की ओर बढ़ते हैं। अयोध्या की सीमा पर पहुंचकर श्रीराम वहां की मिट्टी को प्रणाम करते हैं और आगे की यात्रा शुरू करते हैं। श्रृंगवेरपुर पहुंचने पर प्रभु श्रीराम की अपने परम मित्र निषादराज से भेंट होती है। दोनों के मिलन के प्रसंग में मित्रता, प्रेम और समर्पण का भाव देखने को मिलता है। इसके बाद श्रीराम, सीता और लक्ष्मण तमसा नदी के तट पर विश्राम करते हैं। वन गमन का यह प्रसंग मर्यादा, त्याग, पारिवारिक कर्तव्य और मित्रता का संदेश देता है। इस मौके पर उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उपप्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, गोपाल जी पांडेय आदि मौजूद रहे।
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