{"_id":"59-91058","slug":"Ghazipur-91058-59","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुनर है, जरूरत है तो बस मौके की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुनर है, जरूरत है तो बस मौके की
Ghazipur
Updated Sat, 09 Mar 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। न तो प्रतिभा की कमी है और न ही जज्बे की। दरकार है तो सिर्फ सही मौके मिलने की। फिर देखिए कि अपने हुनर का डंका कैसे बजवाते हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने शुक्रवार को विविध प्रस्तुतियां देकर कुछ ऐसा ही संदेश दिया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सभी कस्तूरबा विद्यालयों में कार्यक्रमों की धूम रही।
सदर स्थित कस्तूरबा विद्यालय में महिला दिवस के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्राओं ने सरस्वती वंदना के साथ ही अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान विद्यालय की वार्डेन आरती यादव, अर्चना सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। उधर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मरदह में भी रंगारंग कार्यक्रम पेश किए गए। महिलाओं के उत्थान के संबंध में छात्राओं ने अपने विचार भी जोरदार तरीके से रखे। छात्राओं ने प्रशभनोत्तरी कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने आकर्षक रंगोली भी बनाई। यही नहीं झांसी की रानी, मदर टरेसा और कल्पना चावला के चित्र भी बनाए। वार्डन प्रेमा सिंह ने कहा कि महिला दिवस मनाने के साथ-साथ उसके उद्श्यों को आत्मसात करने की भी जरूरत है। इस दौरान साधना उपाध्याय, सीमा यादव, रीता कुमारी, अशोक आदि शिक्षक और शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। इसके साथ ही बाराचंवर, मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, सादात, सैदपुर, मनिहारी, जखनियां, बिरनो, देवकली, जमानियां, रेवतीपुर सहित सभी 14 कस्तूरबा विद्यालयों में भी मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
विज्ञापन
सदर स्थित कस्तूरबा विद्यालय में महिला दिवस के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्राओं ने सरस्वती वंदना के साथ ही अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान विद्यालय की वार्डेन आरती यादव, अर्चना सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। उधर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मरदह में भी रंगारंग कार्यक्रम पेश किए गए। महिलाओं के उत्थान के संबंध में छात्राओं ने अपने विचार भी जोरदार तरीके से रखे। छात्राओं ने प्रशभनोत्तरी कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने आकर्षक रंगोली भी बनाई। यही नहीं झांसी की रानी, मदर टरेसा और कल्पना चावला के चित्र भी बनाए। वार्डन प्रेमा सिंह ने कहा कि महिला दिवस मनाने के साथ-साथ उसके उद्श्यों को आत्मसात करने की भी जरूरत है। इस दौरान साधना उपाध्याय, सीमा यादव, रीता कुमारी, अशोक आदि शिक्षक और शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। इसके साथ ही बाराचंवर, मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, सादात, सैदपुर, मनिहारी, जखनियां, बिरनो, देवकली, जमानियां, रेवतीपुर सहित सभी 14 कस्तूरबा विद्यालयों में भी मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
विज्ञापन