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उधारी के राशन से बन रहा एमडीएम
Ghazipur
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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गाजीपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम योजना को संचालित करने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान एवं संबंधित विद्यालय के हेडमास्टर को सौंपी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के एमडीएम सेल की ओर ग्राम निधि के खाते में करोड़ों रुपये की कनवर्जन भेजी जाती है। इसके साथ ही प्रत्येक माह प्राथमिक विद्यालयों में नामांकित प्रति छात्र के हिसाब से 100 ग्राम खाद्यान्न भेजा जाता है। इसी तरह जूनियर के बच्चों को 150 ग्राम खाद्यान्न दिया जाता है। यह खाद्यान्न संबंधित कोटेदारों से ग्राम प्रधान रिसीव करते हैं। इधर एक माह से किसी भी प्राथमिक विद्यालय एवं जूनियर हाईस्कूल के छात्रों के लिए एमडीएम का खाद्यान्न नहीं भेजा गया। जिसके चलते योजना के संचालन में ग्राम प्रधानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं कई माह से कनवर्जन मनी भी नहीं भेजी जा रही है। एमडीएम सेल से जुड़े कर्मचारी जिम्मेदार अधिकारियों को बता रहे हैं कि प्राथमिक विद्यालयों की कनवर्जन मनी भेज दी गई है, लेकिन एमडीएम सेल के कर्मचारियों के दावे की पोल ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष शमीम अहमद सिद्दीकी ने सीडीओ के सामने खोल दी। उन्होंने शिकायत किया कि कहीं भी खाद्यान्न और कनवर्जन मनी की धनराशि नहीं पहुंची है। योजना का पलीता खुद एमडीएम सेल के कर्मचारी लगा रहे हैं। इस संबंध में बीएसए वीपी सिंह ने कहा कि खाद्यान्न विलंब से आने के कारण ग्राम पंचायतों को नहीं उपलब्ध हो पाया है। उन्होंने बताया कि कनवर्जन भेजने का निर्देश एमडीएम सेल को दिया गया है।
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