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कार्य बहिष्कार कर धरना दिया
Updated Wed, 25 Oct 2017 11:02 PM IST
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गाजीपुर। उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन के निर्देशानुसार गाजीपुर टैक्स बार एसोसिएशन ने बुधवार को कार्य बहिष्कार कर फुल्लनपुर स्थित वाणिज्य कर कार्यालय परिसर में धरना दिया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि नए विधान एवं संक्रमण काल को विचारते हुए विलंब शुल्क की व्यवस्था तत्काल मार्च 2018 तक स्थगित की जाए। फार्म-3 बी प्रस्तुति में विलंब पर दंड आरंभ से ही समाप्त किया जाए। फार्म-3बी जीएसटी विधान का अंग नहीं है।
सभा में उन्होंने कहा कि व्यापारी की तरफ से विलंब शुल्क के रूप में जमा की राशि स्वत: कैश लेजर में जमा की जाए। विलंब शुल्क की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। अपवाद स्वरूप अगर विलंब शुल्क आरोपित करना हो तो पहले व्यापारियों को समुचित अवसर प्रदान किया जाए। कर की विभिन्न दरों का वर्गीकरण कम किया जाए और जीएसटी विधान में संशोधन से पहले व्यापार मंडल अधिवक्ता संघ-टैक्स प्रैक्टिशनर्स से भी सुझाव आमंत्रित किया जाए। कहा कि जिला, मंडल एवं राज्य स्तर पर जीएसटी सलाहकार परिषद गठित किया जाए जिसमें अधिवक्ता बंधुओं को नामित किया जाए। लोकल आफिस में जीएसटी हेल्प डेस्क से कोई सकारात्मक सहयोग नहीं मिल रहा है। सभा में सुभाषचंद्र बरनवाल, मंत्री धीरज श्रीवास्तव, अनिल कुमार श्रीवास्तव, राजेंद्र प्रसाद बरनवाल, चंद्रमणि प्रसाद बरनवाल, व्यापारी निर्गुणदास, कुंभनाथ जायसवाल, विजयशंकर वर्मा, रमेशचंद्र, शांतिकुमार शुक्ल, नाग मणि मिश्र, गंगासागर कुशवाहा, आशीष बरनवाल, सुरेंद्र सिंह यादव तथा सैयद सफदर अली आदि उपस्थित थे। संचालन चंद्रिका प्रसाद वर्मा ने किया।
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सभा में उन्होंने कहा कि व्यापारी की तरफ से विलंब शुल्क के रूप में जमा की राशि स्वत: कैश लेजर में जमा की जाए। विलंब शुल्क की व्यवस्था को समाप्त किया जाए। अपवाद स्वरूप अगर विलंब शुल्क आरोपित करना हो तो पहले व्यापारियों को समुचित अवसर प्रदान किया जाए। कर की विभिन्न दरों का वर्गीकरण कम किया जाए और जीएसटी विधान में संशोधन से पहले व्यापार मंडल अधिवक्ता संघ-टैक्स प्रैक्टिशनर्स से भी सुझाव आमंत्रित किया जाए। कहा कि जिला, मंडल एवं राज्य स्तर पर जीएसटी सलाहकार परिषद गठित किया जाए जिसमें अधिवक्ता बंधुओं को नामित किया जाए। लोकल आफिस में जीएसटी हेल्प डेस्क से कोई सकारात्मक सहयोग नहीं मिल रहा है। सभा में सुभाषचंद्र बरनवाल, मंत्री धीरज श्रीवास्तव, अनिल कुमार श्रीवास्तव, राजेंद्र प्रसाद बरनवाल, चंद्रमणि प्रसाद बरनवाल, व्यापारी निर्गुणदास, कुंभनाथ जायसवाल, विजयशंकर वर्मा, रमेशचंद्र, शांतिकुमार शुक्ल, नाग मणि मिश्र, गंगासागर कुशवाहा, आशीष बरनवाल, सुरेंद्र सिंह यादव तथा सैयद सफदर अली आदि उपस्थित थे। संचालन चंद्रिका प्रसाद वर्मा ने किया।
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