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कोटे की दुकान के चयन का ग्रामीणों ने शुरू किया विरोध
Updated Sun, 21 Jan 2018 11:28 PM IST
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जखनियां (गाजीपुर)।
क्षेत्र के हुसनपुर गांव में सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान बिना जांच और बिना खुली बैठक के ही ग्राम प्रधान द्वारा अपने ही परिवार के सदस्य के नाम प्रस्ताव पास करने की जानकारी होते ही ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया का विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इसकी लिखित शिकायत की थी। इस पर जिलाधिकारी द्वारा गंभीरता से लेते हुए पुन: जांच करवाने के लिए खंड विकास अधिकारी जखनिया को निर्देश दिया था लेकिन पुन: बिना जांच और खुली बैठक बिना ही पुरानी पत्रावली को चयन में रखा गया है। इससे गांव के सदस्यों एवं उपभोक्ताओं ने रविवार को गांव के प्राथमिक विद्यालय पर ग्राम प्रधान निराला राम की अगुवाई में बैठक करने के लिए गांव में डुगडुगी पिटवा कर अवगत कराया लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा बैठक में नहीं आने और मनमाने ढंग से अपने ही परिवार में सरकारी दुकान का चयन करवाने को लेकर गांव में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गांव में बिना खुली बैठक कराए ही दुकान का चयन न किया जाए। जबकि गांव में अन्य सदस्य भी आवेदन किए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दुकान का चयन के लिए खुली बैठक ब्लॉककर्मियों की देखरेख में करवाने का आश्वासन खंड विकास अधिकारी द्वारा भी दिया गया था। मौके पर विवेक सिंह, संजय सिंह, आशुतोष, गोपाल, राजेंद्र राम, हरिनाथ चौहान, जयसिंह, रामकृत सिंह आदि मौजूद रहे।
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क्षेत्र के हुसनपुर गांव में सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान बिना जांच और बिना खुली बैठक के ही ग्राम प्रधान द्वारा अपने ही परिवार के सदस्य के नाम प्रस्ताव पास करने की जानकारी होते ही ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया का विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इसकी लिखित शिकायत की थी। इस पर जिलाधिकारी द्वारा गंभीरता से लेते हुए पुन: जांच करवाने के लिए खंड विकास अधिकारी जखनिया को निर्देश दिया था लेकिन पुन: बिना जांच और खुली बैठक बिना ही पुरानी पत्रावली को चयन में रखा गया है। इससे गांव के सदस्यों एवं उपभोक्ताओं ने रविवार को गांव के प्राथमिक विद्यालय पर ग्राम प्रधान निराला राम की अगुवाई में बैठक करने के लिए गांव में डुगडुगी पिटवा कर अवगत कराया लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा बैठक में नहीं आने और मनमाने ढंग से अपने ही परिवार में सरकारी दुकान का चयन करवाने को लेकर गांव में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि गांव में बिना खुली बैठक कराए ही दुकान का चयन न किया जाए। जबकि गांव में अन्य सदस्य भी आवेदन किए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दुकान का चयन के लिए खुली बैठक ब्लॉककर्मियों की देखरेख में करवाने का आश्वासन खंड विकास अधिकारी द्वारा भी दिया गया था। मौके पर विवेक सिंह, संजय सिंह, आशुतोष, गोपाल, राजेंद्र राम, हरिनाथ चौहान, जयसिंह, रामकृत सिंह आदि मौजूद रहे।