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अब यूके के लोग खाएंगे जिले की पोष्टिक ब्रोकली
Updated Sat, 23 Dec 2017 12:13 AM IST
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गाजीपुर। अब यूके के लोग जिले के पौष्टिक ब्रोकली (हरी गोभी) खाएंगे। इसके उत्पादन के लिए किसानों को उर्वरक खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है। फिलहाल दुबई के लोग जनपद की हरी मटर और मिर्च के स्वाद का आनंद ले रहे हैं। यहां के किसानों के पसीने की महक अब विदेशों की मंडी में अपनी छाप छोड़नी शुरू कर दी है। यही वजह है कि नमूने के रूप में 500 किलो गई हरी मटर की मांग अब दुबई में बढ़ गई है।
रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से सब्जी का निर्यात जिले से विदेशों की मंडी में होना शुरू हो गया है। मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र भांवरकोल क्षेत्र स्थित पाताल गंगा सब्जी मंडी से मटर, हरी मिर्च और टमाटर का व्यापार देश के सभी प्रांतों में होने के साथ बांग्लादेश और नेपाल में होता था। लेकिन आईटीसी के माध्यम से अब इन हरी सब्जियों का निर्यात दुबई जैसे देशों में भी होना शुरू हो गया है। पहली खेप में गाजीपुर घाट स्थित पेरिशेबल कार्गो के तरफ से 16 टन हरी मिर्च दुबई के लिए गई थी। साथ ही हरे मटर का नमूना भी मंडी भेजा गया था। नमूना देखकर मटर की मांग विदेश की मंडी से होने के बाद दुबई के लिए एक टन मटर कार्गो से भेजा गया। किसानों की अच्छी आमदनी हो इसके लिए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने पहल शुरू की है। किसानों तक विदेशों का डालर पहुंचे, इसके लिए फार्मर एंड फार्मर फाउंडेशन की ओर से यूके ब्रोकली, लूट्स और इंग्लिस कैरेट्स जैसी उच्च तकनीक की हरी सब्जी भेजने के लिए किसानों को उर्वरक की खेती के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है। इसके लिए डेढ़गांवा के किसानों का चयन करने के साथ पौष्टिक ब्रोकली के उत्पादन की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
7500 एकड़ में पैदा की जाती है मिर्च, मटर और टमाटर
भांवरकोल। क्षेत्र के करीब दस हजार किसान साढ़े सात हजार एकड़ में मिर्च, मटर और टमाटर की खेती करते हैं। इसमें सबसे ज्यादा पांच हजार एकड़ में हरी मिर्च की खेती की जाती है। जबकि मटर की दो हजार एकड़ में और टमाटर की खेती 500 एकड़ में की गई है। एक एकड़ में हरे मिर्च की पैदावार करीब 80 क्विंटल होती है। इसमें 50 से 60 हजार की लागत आती है। किसानों को इससे एक लाख से डेढ़ लाख तक का फायदा मिलता है। इसी तरह एक एकड़ में 20 कुंतल मटर की पैदावार हुई है। इसमें 20 से 25 हजार की लागत आई है। जबकि एक एकड़ में 100 क्विंटल टमाटर की पैदावार हुई है।
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रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से सब्जी का निर्यात जिले से विदेशों की मंडी में होना शुरू हो गया है। मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र भांवरकोल क्षेत्र स्थित पाताल गंगा सब्जी मंडी से मटर, हरी मिर्च और टमाटर का व्यापार देश के सभी प्रांतों में होने के साथ बांग्लादेश और नेपाल में होता था। लेकिन आईटीसी के माध्यम से अब इन हरी सब्जियों का निर्यात दुबई जैसे देशों में भी होना शुरू हो गया है। पहली खेप में गाजीपुर घाट स्थित पेरिशेबल कार्गो के तरफ से 16 टन हरी मिर्च दुबई के लिए गई थी। साथ ही हरे मटर का नमूना भी मंडी भेजा गया था। नमूना देखकर मटर की मांग विदेश की मंडी से होने के बाद दुबई के लिए एक टन मटर कार्गो से भेजा गया। किसानों की अच्छी आमदनी हो इसके लिए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने पहल शुरू की है। किसानों तक विदेशों का डालर पहुंचे, इसके लिए फार्मर एंड फार्मर फाउंडेशन की ओर से यूके ब्रोकली, लूट्स और इंग्लिस कैरेट्स जैसी उच्च तकनीक की हरी सब्जी भेजने के लिए किसानों को उर्वरक की खेती के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है। इसके लिए डेढ़गांवा के किसानों का चयन करने के साथ पौष्टिक ब्रोकली के उत्पादन की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
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7500 एकड़ में पैदा की जाती है मिर्च, मटर और टमाटर
भांवरकोल। क्षेत्र के करीब दस हजार किसान साढ़े सात हजार एकड़ में मिर्च, मटर और टमाटर की खेती करते हैं। इसमें सबसे ज्यादा पांच हजार एकड़ में हरी मिर्च की खेती की जाती है। जबकि मटर की दो हजार एकड़ में और टमाटर की खेती 500 एकड़ में की गई है। एक एकड़ में हरे मिर्च की पैदावार करीब 80 क्विंटल होती है। इसमें 50 से 60 हजार की लागत आती है। किसानों को इससे एक लाख से डेढ़ लाख तक का फायदा मिलता है। इसी तरह एक एकड़ में 20 कुंतल मटर की पैदावार हुई है। इसमें 20 से 25 हजार की लागत आई है। जबकि एक एकड़ में 100 क्विंटल टमाटर की पैदावार हुई है।
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