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थम यहीं रहा कटान का कहर
Updated Sun, 09 Sep 2018 11:38 PM IST
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गाजीपुर। गंगा नदी के तटवर्ती गांवों के पास रविवार को खेतों में कटान जारी रहा। जिले के बड़े भूभाग से हो कर गुजर रही गंगा हर जगह कहर बरपा रही है। किनारों से टकरा रहे थपेड़े से जमीन गंगा में समाती जा रही है। रविवार को भी करीब 10 बीघा जमीन गंगा में समाहित हो गई। पीड़ित मायूस होकर विलीन होती जमीन को निहार रहे हैं। शहर के आसपास बयेपुर, जैतपुरा, उसरा तथा कुर्था में कटान कभी हल्का तो कभी तेज होता रहा।
कुर्था गांव में गंगा किनारे कैलाशानंदजी के भव्य आश्रम का एक पिलर आज फिर गंगा में समा गया। पानी के जहाज के टावर का दिख रहा हिस्सा भी विलीन हो गया। धीरे-धीरे कर खेतों के कटान का काम भी जारी रहा। रह-रह कर पानी में गिर रहे मिट्टी के बड़े हिस्से की जोरदार आवाज ग्रामीणों के कलेजे को चीर जा रही है। इसी प्रकार आसपास के तटवर्ती जैतपुरा, बयेपुर, उसरा आदि के बाहरी हिस्सों में खेतों में कटान होती रही। करंडा के बड़हरिया में भी कटान की आवाज सुनाई देती रही। ग्रामीणों की मानें तो कटान का क्रम अभी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले एक सप्ताह में करीब आठ बीघा जमीन गंगा में विलीन हुई है। इसी तरह बच्छल का पुरा तथा सेमरा में भी जमीन कट कर गंगा में समाती रही। गंगा के पूरे तटवर्ती क्षेत्रों में कहीं धीरे तो कही तेज कटान का क्रम बना रहा।
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कुर्था गांव में गंगा किनारे कैलाशानंदजी के भव्य आश्रम का एक पिलर आज फिर गंगा में समा गया। पानी के जहाज के टावर का दिख रहा हिस्सा भी विलीन हो गया। धीरे-धीरे कर खेतों के कटान का काम भी जारी रहा। रह-रह कर पानी में गिर रहे मिट्टी के बड़े हिस्से की जोरदार आवाज ग्रामीणों के कलेजे को चीर जा रही है। इसी प्रकार आसपास के तटवर्ती जैतपुरा, बयेपुर, उसरा आदि के बाहरी हिस्सों में खेतों में कटान होती रही। करंडा के बड़हरिया में भी कटान की आवाज सुनाई देती रही। ग्रामीणों की मानें तो कटान का क्रम अभी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले एक सप्ताह में करीब आठ बीघा जमीन गंगा में विलीन हुई है। इसी तरह बच्छल का पुरा तथा सेमरा में भी जमीन कट कर गंगा में समाती रही। गंगा के पूरे तटवर्ती क्षेत्रों में कहीं धीरे तो कही तेज कटान का क्रम बना रहा।
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