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मच्छर जनित बीमारियों से लड़ने को तैयार स्वास्थ्य विभाग
Updated Tue, 25 Jul 2017 11:46 PM IST
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गाजीपुर। बरसात के मौसम में मच्छरों की संख्या में हो रही बढ़ोत्तरी के चलते इनसे फैलने वाले रोगों से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी पर इस मौसम में होने वाली बीमारियों के लिए जांच किट और दवाइयां भी उपलब्ध हैं। डेंगू मच्छर के लारवा को मारने के लिए शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में टेमी फॉस केमिकल्स का छिड़काव भी विभाग की ओर से गठित टीम की ओर से किया जा रहा है।
मच्छरों के काटने से फैलने वाले रोगों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के 25 वार्डो, स्टेडियम, गोराबाजार, नवोदय विद्यालय सहित सरकारी विभागों में वेक्टर बांड डिजीज के द्वारा छिड़काव कराया गया है। साथ ही ब्लाक स्तरीय सीएचसी और पीएचसी से संबंधित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का भी छिड़काव कराया जा रहा है। खासकर डेेंगू मच्छरों और उनके लारवा को जड़ से समाप्त करने के लिए टेमी फॉस केमिकल्स का छिड़काव नालियों में किया जा रहा है। साथ ही टीम के सदस्यों की ओर से प्रत्येक घरों के कूलर की जांच कराने के साथ लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का काम किया जा रहा है। यहीं नहीं स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की टीम की तरफ से इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है। मच्छरों के काटने से फैलने वाले मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू सहित अन्य खतरनाक बीमारियों से पीड़ित मरीजों की जांच की किट और दवाइयां जिला अस्पताल सहित सीएचसी और पीएचसी पर विभाग की ओर से भरपूर मात्रा में उपलब्ध करा दी गई है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि बरसात के दिनों में जगह-जगह जल जमाव के चलते मच्छरों की संख्या बढ़ने लगती है। इनकी संख्या पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की ओर से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही सीएचसी- पीएचसी पर मच्छर जनित बीमारियों की जांच के लिए किट और दवाइयां भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
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मच्छरों के काटने से फैलने वाले रोगों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के 25 वार्डो, स्टेडियम, गोराबाजार, नवोदय विद्यालय सहित सरकारी विभागों में वेक्टर बांड डिजीज के द्वारा छिड़काव कराया गया है। साथ ही ब्लाक स्तरीय सीएचसी और पीएचसी से संबंधित गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का भी छिड़काव कराया जा रहा है। खासकर डेेंगू मच्छरों और उनके लारवा को जड़ से समाप्त करने के लिए टेमी फॉस केमिकल्स का छिड़काव नालियों में किया जा रहा है। साथ ही टीम के सदस्यों की ओर से प्रत्येक घरों के कूलर की जांच कराने के साथ लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का काम किया जा रहा है। यहीं नहीं स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की टीम की तरफ से इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है। मच्छरों के काटने से फैलने वाले मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू सहित अन्य खतरनाक बीमारियों से पीड़ित मरीजों की जांच की किट और दवाइयां जिला अस्पताल सहित सीएचसी और पीएचसी पर विभाग की ओर से भरपूर मात्रा में उपलब्ध करा दी गई है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि बरसात के दिनों में जगह-जगह जल जमाव के चलते मच्छरों की संख्या बढ़ने लगती है। इनकी संख्या पर अंकुश लगाने के लिए विभाग की ओर से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही सीएचसी- पीएचसी पर मच्छर जनित बीमारियों की जांच के लिए किट और दवाइयां भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
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