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जाम में पांच घंटे तक ठहरी रही रफ्तार.
Updated Sat, 03 Nov 2018 11:29 PM IST
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सुहवल(गाजीपुर)। गाजीपुर-जमानिया-सैयदराजा राष्ट्रीय राजमार्ग 24/97 पर आवागमन करने वालों को जाम की समस्या से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। आए दिन लोगों को जाम में पसीना बहाना पड़ रहा है। कभी पांच तो कभी छह से आठ घंटे तक जाम लग रहा है। इससे आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम में फंसकर किसी की ट्रेन छूट जा रही है तो कर्मचारी और छात्र-छात्राएं समय से स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस मार्ग पर शनिवार को राहगीरों को पांच घंटे तक जाम में पसीना बहाना पड़ा।
गाजीपुर-जमानिया-सैयदराजा राष्ट्रीय राजमार्ग 24/97 पर नो-इंट्री में सड़क के एक तरफ ट्रकों की कतार लगी थी। सुबह करीब पांच बजे मेदिनीपुर के पास बगल से चार पहिया वाहन के निकलने के दौरान सामने से दूसरा वाहन आने पर जाम लगना शुरू हो गया। कुछ ही देर में हमीद सेतु से लेकर गाजीपुर घाट ताड़ीघाट बारा स्टेट हाईवे पर मेदिनीपुर से नवली तक एवं मेदिनीपुर से मलसा तक इस कदर मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की काफी लंबी कतार लगी थी। आलम यह हो गया कि दोपहिया वाहनों का निकलना तो दूर, पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया था। हमीद सेतु वाहनों से पूरी तरह से भर गया था। जाम में कई स्कूली वाहन भी फंसे रहे। चालक बार-बार वाहन से उतरकर यह पता करते रहे कि जाम की क्या स्थिति है और कब तक आवागमन सुचारु हो जाएगा। बाइक सवार लोगों से यह पूछते रहे है कि आगे जाने के लिए कोई दूसरा रास्ता है या नहीं। वाहनों को आगे-पीछे करने को लेकर लोगों में बहस के साथ ही किचकिच होती रही। सरकारी तथा गैर सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी इस बात से परेशान रहे कि वह समय से दफ्तर नहीं पहुंच सकेंगे। परेशान लोग यातायात व्यवस्था को कोसते हुए कहते रहे कि वर्षों पहले बक्सर-भरौली सेतु से भारी वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया गया, जिसके चलते इस मार्ग पर दिन पर दिन वाहनों का दबाव बढ़ता गया, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं किया। इसका खामियाजा आए दिन लोगों को जाम का झाम झेलकर भुगतना पड़ रहा है। पुलिस ने काफी प्रयास कर दिन में 10 बजे आवागमन सुचारु कराया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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गाजीपुर-जमानिया-सैयदराजा राष्ट्रीय राजमार्ग 24/97 पर नो-इंट्री में सड़क के एक तरफ ट्रकों की कतार लगी थी। सुबह करीब पांच बजे मेदिनीपुर के पास बगल से चार पहिया वाहन के निकलने के दौरान सामने से दूसरा वाहन आने पर जाम लगना शुरू हो गया। कुछ ही देर में हमीद सेतु से लेकर गाजीपुर घाट ताड़ीघाट बारा स्टेट हाईवे पर मेदिनीपुर से नवली तक एवं मेदिनीपुर से मलसा तक इस कदर मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की काफी लंबी कतार लगी थी। आलम यह हो गया कि दोपहिया वाहनों का निकलना तो दूर, पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया था। हमीद सेतु वाहनों से पूरी तरह से भर गया था। जाम में कई स्कूली वाहन भी फंसे रहे। चालक बार-बार वाहन से उतरकर यह पता करते रहे कि जाम की क्या स्थिति है और कब तक आवागमन सुचारु हो जाएगा। बाइक सवार लोगों से यह पूछते रहे है कि आगे जाने के लिए कोई दूसरा रास्ता है या नहीं। वाहनों को आगे-पीछे करने को लेकर लोगों में बहस के साथ ही किचकिच होती रही। सरकारी तथा गैर सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी इस बात से परेशान रहे कि वह समय से दफ्तर नहीं पहुंच सकेंगे। परेशान लोग यातायात व्यवस्था को कोसते हुए कहते रहे कि वर्षों पहले बक्सर-भरौली सेतु से भारी वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया गया, जिसके चलते इस मार्ग पर दिन पर दिन वाहनों का दबाव बढ़ता गया, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं किया। इसका खामियाजा आए दिन लोगों को जाम का झाम झेलकर भुगतना पड़ रहा है। पुलिस ने काफी प्रयास कर दिन में 10 बजे आवागमन सुचारु कराया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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