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सिटी स्कैन शुरू हुआ, फिर बंद
Updated Fri, 06 Jul 2018 10:36 PM IST
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गाजीपुर। जिला अस्पताल में सिटी स्कैन शुक्रवार को आरंभ हुआ, लेकिन अग्निशमन कार्यालय द्वारा एनओसी के अभाव में पुन: बंद कर दिया गया। अब यह व्यवस्था एनओसी के प्राप्त होने के बाद ही शुरू हो पाएगी। सुबह सीएमएस डा. एसएन प्रसाद ने कुछ मरीजों का सिटी स्कैन शुरू कराया। लोग इस सुविधा से गदगद थे कि जैसे ही एनओसी न मिलने की खबर लखनऊ से मिली, सीटी स्कैन किया जाना बंद हो गया।
गोराबाजार स्थित 200 बेड के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लग कर तैयार हो गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जर्मन देश से लाई गई डिजीटल मशीन कि कुल किमत एक करोङ 28 लाख रुपये है। इसमें खासियत यह कि मशीन द्वारा मरीजों के पूरे शरीर कि जांच कराई जाएगी और जांच कि रिपोर्ट आनलाइन लखनऊ से दो घंटे के अंदर ही मरीज को उपलब्ध करा दी जाएगी। यहां से मरीजों कि जांच कर जब रिपोर्ट लखनऊ आनलाइन भेजे जाएंगे तो वहां बैठे वरिष्ठ चिकित्सकों की रिपोर्ट को तैयार कर आनलाइन द्वारा रिपोर्ट भेजेंगे। जिला अस्पताल में डिजीटल सीटी स्कैन मशीन कि देख- रेख के लिए दो सीनियर साप्टवेयर टेक्निशियन, दो स्टाप नर्स और दो वार्ड ब्वाय हर समय सीटी स्कैन कक्ष में मौजूद रहेंगे। कुछ ऐसी जांच जैसे सीटी एफनेसी जांच, सीटी ब्यापसी जांच के लिए दो से तीन दिन समय लगेगा। इसके लिए लखनऊ से एक चिकित्सक यहां आएंगे। सुबह नौ बजे से लेकर शाम छह बजे तक स्कैनिंग और रिपोटिंग का कार्य किया जाएगा। इस संबंध में सीएमएस डा, एसएन प्रसाद गुप्ता ने बताया कि जिले में आए दिन दुर्घटना होती रहती है। लोग अपना इलाज कराने जिला अस्पताल आते हैं और जब सीटी स्कैन कि जांच कि जरूरत पड़ती थी, तो मरीजों को बाहर दूसरे जनपद जाना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
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गोराबाजार स्थित 200 बेड के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लग कर तैयार हो गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जर्मन देश से लाई गई डिजीटल मशीन कि कुल किमत एक करोङ 28 लाख रुपये है। इसमें खासियत यह कि मशीन द्वारा मरीजों के पूरे शरीर कि जांच कराई जाएगी और जांच कि रिपोर्ट आनलाइन लखनऊ से दो घंटे के अंदर ही मरीज को उपलब्ध करा दी जाएगी। यहां से मरीजों कि जांच कर जब रिपोर्ट लखनऊ आनलाइन भेजे जाएंगे तो वहां बैठे वरिष्ठ चिकित्सकों की रिपोर्ट को तैयार कर आनलाइन द्वारा रिपोर्ट भेजेंगे। जिला अस्पताल में डिजीटल सीटी स्कैन मशीन कि देख- रेख के लिए दो सीनियर साप्टवेयर टेक्निशियन, दो स्टाप नर्स और दो वार्ड ब्वाय हर समय सीटी स्कैन कक्ष में मौजूद रहेंगे। कुछ ऐसी जांच जैसे सीटी एफनेसी जांच, सीटी ब्यापसी जांच के लिए दो से तीन दिन समय लगेगा। इसके लिए लखनऊ से एक चिकित्सक यहां आएंगे। सुबह नौ बजे से लेकर शाम छह बजे तक स्कैनिंग और रिपोटिंग का कार्य किया जाएगा। इस संबंध में सीएमएस डा, एसएन प्रसाद गुप्ता ने बताया कि जिले में आए दिन दुर्घटना होती रहती है। लोग अपना इलाज कराने जिला अस्पताल आते हैं और जब सीटी स्कैन कि जांच कि जरूरत पड़ती थी, तो मरीजों को बाहर दूसरे जनपद जाना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
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