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एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी से मरीज हलाकान
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:56 PM IST
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गाजीपुर।
एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले के सीएचसी-पीएचसी पर वैक्सीन की कमी से मरीज जिला अस्पताल का चक्कर लगाने को विवश हैं लेकिन यहां पर उन्हें घंटों कतार में लगना पड़ रहा है। पीएचसी पर तैनात वार्ड ब्याय की तरफ से मरीजों को इंजेक्शन लगाने के नाम पर 50 से 100 रुपए तक लिया जा रहा है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से मौन बने हुए हैं। जमानिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज आए दिन इस समस्या से दो-चार हो रहे हैं।
लोगों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन पूरी तरह से गंभीर है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी अस्पतालों में तैनात स्वास्थ्य कर्मी शासन की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। अगर जिले के दवा भंडारण केंद्र से वैक्सीन की होने वाली आपूर्ति की बात की जाए तो वर्तमान समय में 260 वॉयल एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है लेकिन जमानिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक सप्ताह से इस वैक्सीन की कमी बनी हुई है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से रोजाना एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए 100 मरीज पहुंचते हैं लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से मरीजों को बिना इंजेक्शन लगवाए ही घर वापस लौटना पड़ रहा है। पीएचसी प्रभारी अनिल कुमार रत्नेश की मानी जाए तो बीते 28 फरवरी को मांग पर 20 वॉयल एंटी रेबीज इंजेक्शन जिला स्थित दवा भंडार केंद्र से मिला था, जो समाप्त हो गया। वहीं मरीजों की मानी जाए तो फार्मासिस्ट की जगह वार्ड ब्याय की तरफ से इंजेक्शन लगाया जा रहा है। इंजेक्शन के लिए एक मरीज से 50 से 100 रुपए लिया जाता है जो मरीज पैसा नहीं देते हैं उन्हें बताया जाता है कि इंजेक्शन समाप्त हो गया है। मरीजों के अनुसार वार्ड ब्वाय मरीजों से मारपीट पर भी आमादा हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पीएचसी की स्थिति इतनी खराब है कि न तो समय से दवा मिलती है और न ही इंजेक्शन ही लग पाता है। ऐसे में मरीजों को 30 किमी की दूरी तय कर जिला अस्पताल आना पड़ता है। यहां भी पूरे दिन कतार में लगने के बाद ही एंटी रेबीज इंजेक्शन लग पाता है।
जिले में एआरबी की कमी है। इसे लेकर कई बार डिमांड भेजा गया है लेकिन उसके सापेक्ष आपूर्ति नहीं हो पा रही है जिससे सभी पीएचसी एवं सीएचसी पर पूर्ति नहीं हो पा रही है। एक ही कंपनी द्वारा पूर्ति की जा रही है, जो वैक्सीन समय से उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। रेबीज का इंजेक्शन लगाने के नाम पर पैसा लेने की शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डा. जीसी मौर्या, सीएमओ
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एंटी रेबीज वैक्सीन की कमी से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले के सीएचसी-पीएचसी पर वैक्सीन की कमी से मरीज जिला अस्पताल का चक्कर लगाने को विवश हैं लेकिन यहां पर उन्हें घंटों कतार में लगना पड़ रहा है। पीएचसी पर तैनात वार्ड ब्याय की तरफ से मरीजों को इंजेक्शन लगाने के नाम पर 50 से 100 रुपए तक लिया जा रहा है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से मौन बने हुए हैं। जमानिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज आए दिन इस समस्या से दो-चार हो रहे हैं।
लोगों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन पूरी तरह से गंभीर है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी अस्पतालों में तैनात स्वास्थ्य कर्मी शासन की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। अगर जिले के दवा भंडारण केंद्र से वैक्सीन की होने वाली आपूर्ति की बात की जाए तो वर्तमान समय में 260 वॉयल एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है लेकिन जमानिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक सप्ताह से इस वैक्सीन की कमी बनी हुई है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से रोजाना एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए 100 मरीज पहुंचते हैं लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से मरीजों को बिना इंजेक्शन लगवाए ही घर वापस लौटना पड़ रहा है। पीएचसी प्रभारी अनिल कुमार रत्नेश की मानी जाए तो बीते 28 फरवरी को मांग पर 20 वॉयल एंटी रेबीज इंजेक्शन जिला स्थित दवा भंडार केंद्र से मिला था, जो समाप्त हो गया। वहीं मरीजों की मानी जाए तो फार्मासिस्ट की जगह वार्ड ब्याय की तरफ से इंजेक्शन लगाया जा रहा है। इंजेक्शन के लिए एक मरीज से 50 से 100 रुपए लिया जाता है जो मरीज पैसा नहीं देते हैं उन्हें बताया जाता है कि इंजेक्शन समाप्त हो गया है। मरीजों के अनुसार वार्ड ब्वाय मरीजों से मारपीट पर भी आमादा हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पीएचसी की स्थिति इतनी खराब है कि न तो समय से दवा मिलती है और न ही इंजेक्शन ही लग पाता है। ऐसे में मरीजों को 30 किमी की दूरी तय कर जिला अस्पताल आना पड़ता है। यहां भी पूरे दिन कतार में लगने के बाद ही एंटी रेबीज इंजेक्शन लग पाता है।
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जिले में एआरबी की कमी है। इसे लेकर कई बार डिमांड भेजा गया है लेकिन उसके सापेक्ष आपूर्ति नहीं हो पा रही है जिससे सभी पीएचसी एवं सीएचसी पर पूर्ति नहीं हो पा रही है। एक ही कंपनी द्वारा पूर्ति की जा रही है, जो वैक्सीन समय से उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। रेबीज का इंजेक्शन लगाने के नाम पर पैसा लेने की शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डा. जीसी मौर्या, सीएमओ
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