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जाम में जकड़ा रहा शहर का चप्पा-चप्पा
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:04 PM IST
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गाजीपुर।
सोमवार को शहर का चप्पा-चप्पा जाम की जकड़न में रहा। जिला अस्पताल, महुआबाग, लंका, विशेश्वरगंज में लोगों ने सुबह से लेकर शाम तक कई बार जाम का सामना किया। जाम ऐसा था कि वाहनों के पहिए ही नहीं पैदल राहगीरों को भी आगे बढ़ने में दिक्कत हुई। स्कूली बच्चे, छात्राएं ही नहीं बाजार आई महिलाएं भी जाम में हांफती रहीं। रिक्शा चालक, ठेला और स्कूली बसें भी फंसी रहीं। किसी मार्ग पर आधा तो किसी पर एक से लेकर डेढ़ घंटे तक रफ्तार थमी रही। पुलिस आवागमन सुचारू कराने के लिए हांफती रही।
वैसे तो खासकर जिला अस्पताल और लंका के पास प्रतिदिन जाम लगता है लेकिन सोमवार को पूरा शहर जाम की जकड़न में रहा। सुबह साढ़े 10 बजे जिला अस्पताल के पास जाम का झाम शुरू हो गया। देखते ही देखते काफी दूर तक वाहनों की लाइन लग गई। वाहनों के साथ ही पैदल आवागमन करने वालों के पैर थम गए। सदर कोतवाल राजीव सिंह ने पुलिसकर्मियों के साथ वाहनों को आगे-पीछे कराकर एक घंटा बाद आवागमन सुचारू कराया। इसी बीच, करीब साढ़े 12 बजे महुआबाग, विशेश्वरगंज और लंका में जाम लग गया। चार पहिया वाहन, टेंपो, रिक्शा, ठेला, बाइक, साइकिल सवारों के साथ ही पैदल आवागमन करने वाले भी फंसे रहे। आलम यह था कि वाहनों की कौन कहे, पैदल आवागमन करने वालों को भी यह सोचना पड़ रहा था कि आखिरकार वह किधर से निकलें। जाम में स्कूली वाहन भी फंसे रहे। उसमें सवार बच्चे परेशान रहे। भीड़ में वाहनों को आगे-पीछे करने को लेकर लोगों में झिकझिक भी होती रही। महुआबाग का हाल यह था कि पूरा चौराह जाम की जद में था, जिससे लोगों का एक कदम भी बढ़ पाना संभव नहीं हो पा रहा था। जाम में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और युवतियों को हुई। उन्हें भीड़ में जद्दोजहद करनी पड़ी। मौके पर पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचे सदर कोतवाल यातायात सुचारू कराने में जुट गए। करीब डेढ़ घंटा बाद आवागमन सुचारू होने पर लोगों ने राहत सांस ली। जाम की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
वाहन चालकों की मनमानी से लग रहा जाम
गाजीपुर। शहर में दिन पर दिन जाम की समस्या गहराती जा रही है। कोई भी दिन बाकी नहीं जा रहा है, जिस दिन लोगों को किसी न किसी मार्ग पर जाम का मुंह न देखना पड़े। जाम का मुख्य कारण वाहन चालकों की मनमानी बन रही है। वाहन चालक अपने वाहनों को सड़क पर ही खड़ा कर दे रहे हैं। इससे अन्य वाहनों की रफ्तार थम जा रही है। विशेश्वरगंज तिराहा पर टेंपो चालक सड़क पर वाहन को खड़ा कर सवारियों को बैठा रहे हैं। इससे यहां रोज जाम लग रहा है। कुछ ऐसी ही स्थिति लंका बस स्टैंड की है। जैसे ही वाराणसी से बसें आती हैं, सवारी लेने के चक्कर में कई टेंपो चालक वाहनों को सड़क पर ही खड़ा कर सवारियों को वाहन में बैठने के लिए आवाज लगाने लगते हैं। इससे यहां पर सुबह से लेकर शाम तक कई बार जाम की वजह से वाहनों के पहिए थमते हैं। खास बात यह है कि ऐसे वाहन चालकों पर नजर पड़ने के बाद भी पुलिस इनको नियम-कानून बताना मुनासिब नहीं समझ रही है, जिसका खामियाजा लोगों को जाम का सामना कर भुगतना पड़ रहा है।
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सोमवार को शहर का चप्पा-चप्पा जाम की जकड़न में रहा। जिला अस्पताल, महुआबाग, लंका, विशेश्वरगंज में लोगों ने सुबह से लेकर शाम तक कई बार जाम का सामना किया। जाम ऐसा था कि वाहनों के पहिए ही नहीं पैदल राहगीरों को भी आगे बढ़ने में दिक्कत हुई। स्कूली बच्चे, छात्राएं ही नहीं बाजार आई महिलाएं भी जाम में हांफती रहीं। रिक्शा चालक, ठेला और स्कूली बसें भी फंसी रहीं। किसी मार्ग पर आधा तो किसी पर एक से लेकर डेढ़ घंटे तक रफ्तार थमी रही। पुलिस आवागमन सुचारू कराने के लिए हांफती रही।
वैसे तो खासकर जिला अस्पताल और लंका के पास प्रतिदिन जाम लगता है लेकिन सोमवार को पूरा शहर जाम की जकड़न में रहा। सुबह साढ़े 10 बजे जिला अस्पताल के पास जाम का झाम शुरू हो गया। देखते ही देखते काफी दूर तक वाहनों की लाइन लग गई। वाहनों के साथ ही पैदल आवागमन करने वालों के पैर थम गए। सदर कोतवाल राजीव सिंह ने पुलिसकर्मियों के साथ वाहनों को आगे-पीछे कराकर एक घंटा बाद आवागमन सुचारू कराया। इसी बीच, करीब साढ़े 12 बजे महुआबाग, विशेश्वरगंज और लंका में जाम लग गया। चार पहिया वाहन, टेंपो, रिक्शा, ठेला, बाइक, साइकिल सवारों के साथ ही पैदल आवागमन करने वाले भी फंसे रहे। आलम यह था कि वाहनों की कौन कहे, पैदल आवागमन करने वालों को भी यह सोचना पड़ रहा था कि आखिरकार वह किधर से निकलें। जाम में स्कूली वाहन भी फंसे रहे। उसमें सवार बच्चे परेशान रहे। भीड़ में वाहनों को आगे-पीछे करने को लेकर लोगों में झिकझिक भी होती रही। महुआबाग का हाल यह था कि पूरा चौराह जाम की जद में था, जिससे लोगों का एक कदम भी बढ़ पाना संभव नहीं हो पा रहा था। जाम में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और युवतियों को हुई। उन्हें भीड़ में जद्दोजहद करनी पड़ी। मौके पर पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचे सदर कोतवाल यातायात सुचारू कराने में जुट गए। करीब डेढ़ घंटा बाद आवागमन सुचारू होने पर लोगों ने राहत सांस ली। जाम की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
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वाहन चालकों की मनमानी से लग रहा जाम
गाजीपुर। शहर में दिन पर दिन जाम की समस्या गहराती जा रही है। कोई भी दिन बाकी नहीं जा रहा है, जिस दिन लोगों को किसी न किसी मार्ग पर जाम का मुंह न देखना पड़े। जाम का मुख्य कारण वाहन चालकों की मनमानी बन रही है। वाहन चालक अपने वाहनों को सड़क पर ही खड़ा कर दे रहे हैं। इससे अन्य वाहनों की रफ्तार थम जा रही है। विशेश्वरगंज तिराहा पर टेंपो चालक सड़क पर वाहन को खड़ा कर सवारियों को बैठा रहे हैं। इससे यहां रोज जाम लग रहा है। कुछ ऐसी ही स्थिति लंका बस स्टैंड की है। जैसे ही वाराणसी से बसें आती हैं, सवारी लेने के चक्कर में कई टेंपो चालक वाहनों को सड़क पर ही खड़ा कर सवारियों को वाहन में बैठने के लिए आवाज लगाने लगते हैं। इससे यहां पर सुबह से लेकर शाम तक कई बार जाम की वजह से वाहनों के पहिए थमते हैं। खास बात यह है कि ऐसे वाहन चालकों पर नजर पड़ने के बाद भी पुलिस इनको नियम-कानून बताना मुनासिब नहीं समझ रही है, जिसका खामियाजा लोगों को जाम का सामना कर भुगतना पड़ रहा है।
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