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सदोष मानव वध के आरोप में को एक को सजा
Updated Sat, 29 Jul 2017 11:26 PM IST
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गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन संजीव कुमार सिन्हा की अदालत ने शनिवार को शादियाबाद थाना क्षेत्र के कनुआन गांव में हुए सदोष मानव वध के मामले में एक अभियुक्त को दस वर्ष के सश्रम कारावास और दस हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया है।
प्रकरण के मुताबिक शादियाबाद थाना क्षेत्र के कनुआन गांव निवासी श्यामनारायण सिंह ने बीते 21 सितंबर वर्ष 2009 को थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 14 सितंबर वर्ष 2009 को दिन में साढ़े 12 बजे मोनू तिवारी एवं अन्य तीन लड़के नाली की बात को लेकर गालियां दे रहे थे। उन्हें पिता रामराज सिंह ने मना किया तो नाराज होकर सभी लोग लात-घूसे से मारने लगे। थाने में एनसीआर दर्ज हुई। बीते 28 सितंबर 2009 को श्यामनारायण सिंह ने तहरीर दी कि मारपीट की घटना से उसके पिता को चोटें आई थी। उनका इलाज मऊ जनपद के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बीते 28 सितंबर वर्ष 2009 को शाम साढ़े 7 बजे उनकी मृत्यु हो गई। एनसीआर में धारा 304 की बढोत्तरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रषित किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह यादव ने पांच गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त मोनू तिवारी को धारा 304 पार्ट द्वितीय में दोष सिद्ध पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।
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प्रकरण के मुताबिक शादियाबाद थाना क्षेत्र के कनुआन गांव निवासी श्यामनारायण सिंह ने बीते 21 सितंबर वर्ष 2009 को थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 14 सितंबर वर्ष 2009 को दिन में साढ़े 12 बजे मोनू तिवारी एवं अन्य तीन लड़के नाली की बात को लेकर गालियां दे रहे थे। उन्हें पिता रामराज सिंह ने मना किया तो नाराज होकर सभी लोग लात-घूसे से मारने लगे। थाने में एनसीआर दर्ज हुई। बीते 28 सितंबर 2009 को श्यामनारायण सिंह ने तहरीर दी कि मारपीट की घटना से उसके पिता को चोटें आई थी। उनका इलाज मऊ जनपद के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बीते 28 सितंबर वर्ष 2009 को शाम साढ़े 7 बजे उनकी मृत्यु हो गई। एनसीआर में धारा 304 की बढोत्तरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रषित किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह यादव ने पांच गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त मोनू तिवारी को धारा 304 पार्ट द्वितीय में दोष सिद्ध पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।
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