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जिले में दम तोड़ रहा योगी का फरमान
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गाजीपुर। जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फरमान बेमतलब साबित हो रहा है। छुट्टा पशु खुलेआम घुम रहे हैं, खेत तबाह हो रहे हैं, पशु आश्रय गृह केवल कागजों में चल रहे हैं तथा किसान दर्द से कसक और सुबक रहा है। देखा जाए तो छुट्टा/आवारा पशुओं की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। इससे रात की कौन कहे, दिन में भी झुंड के झुंड खेतों में पहुंचे आवारा पशु गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसान दु:खी और मर्माहत हैं। आलम यह है कि अब तक सैकड़ों एकड़ गेहूं के खेत तहस-नहस हो चुके हैं।
बिरनो थाना क्षेत्र के भड़सर इलाके में आवारा पशुओं का आतंक चरम पर है। इससे परेशान किसान सुबक रहे हैं। किसान अपनी तैयार फसल बचाने को लेकर परेशान हैं, क्योंकि आवारा पशु आश्रय गृह से बाहर होकर खेतों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में किसानों की रात की नींद और दिन का चैन गायब है। किसानों का कहना है कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पशुओं के लिए गांव-गांव में पशु आश्रय गृह खोलने का निर्देश दिया था। आश्रय गृह में पशुओं के रखने और उनके खाने-पीने तक की व्यवस्था सरकार की तरफ से की गई है। बावजूद पशु खुलेआम बाहर घुम रहे हैं। छुट्टा पशुओं पर कोई अंकुश न लगने से किसान मुसीबत में पड़ गए हैं।
वर्तमान में गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है। उसे बचाने का अंतिम प्रयास चल रहा है। फसलों को अपनी आंखों के सामने नष्ट होते देख किसान मर्माहत हैं। किसानों का कहना है कि सीएम का आदेश कागजी साबित हो रहा है। जनपद के ज्यादातर इलाकों में आवारा पशुओं ने नाक में दम कर रखा है। किसानों को फसल सुरक्षा के लिए पूरी रात जाग कर गुजारनी पड़ रही है। इन दिनों मुहम्मदाबाद, जमानिया, सैदपुर तहसील के दर्जनों गांवों में आवारा पशुओं ने सैकड़ों एकड़ फसलों को नष्ट कर दिया है। किसान बार-बार जिला प्रशासन से इसकी गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने बताया कि आवारा/छुट्टा पशुओं को रखने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक गांव में पशु आश्रय गृह बनाया गया है, जहां उनके चारे की भरपूर मात्रा में व्यवस्था की गई है। उनकी देखरेख करने तथा पानी पीलाने की जिम्मेदारी गांव के किसी एक व्यक्ति को दी गई है।
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बिरनो थाना क्षेत्र के भड़सर इलाके में आवारा पशुओं का आतंक चरम पर है। इससे परेशान किसान सुबक रहे हैं। किसान अपनी तैयार फसल बचाने को लेकर परेशान हैं, क्योंकि आवारा पशु आश्रय गृह से बाहर होकर खेतों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में किसानों की रात की नींद और दिन का चैन गायब है। किसानों का कहना है कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पशुओं के लिए गांव-गांव में पशु आश्रय गृह खोलने का निर्देश दिया था। आश्रय गृह में पशुओं के रखने और उनके खाने-पीने तक की व्यवस्था सरकार की तरफ से की गई है। बावजूद पशु खुलेआम बाहर घुम रहे हैं। छुट्टा पशुओं पर कोई अंकुश न लगने से किसान मुसीबत में पड़ गए हैं।
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वर्तमान में गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है। उसे बचाने का अंतिम प्रयास चल रहा है। फसलों को अपनी आंखों के सामने नष्ट होते देख किसान मर्माहत हैं। किसानों का कहना है कि सीएम का आदेश कागजी साबित हो रहा है। जनपद के ज्यादातर इलाकों में आवारा पशुओं ने नाक में दम कर रखा है। किसानों को फसल सुरक्षा के लिए पूरी रात जाग कर गुजारनी पड़ रही है। इन दिनों मुहम्मदाबाद, जमानिया, सैदपुर तहसील के दर्जनों गांवों में आवारा पशुओं ने सैकड़ों एकड़ फसलों को नष्ट कर दिया है। किसान बार-बार जिला प्रशासन से इसकी गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने बताया कि आवारा/छुट्टा पशुओं को रखने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक गांव में पशु आश्रय गृह बनाया गया है, जहां उनके चारे की भरपूर मात्रा में व्यवस्था की गई है। उनकी देखरेख करने तथा पानी पीलाने की जिम्मेदारी गांव के किसी एक व्यक्ति को दी गई है।
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