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शौचालय निर्माण में बालू बना बाधा
Updated Mon, 04 Sep 2017 11:35 PM IST
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गाजीपुर। वित्तीय वर्ष 2017-18 में तीन लाख 50 हजार 490 शौचालय निर्माण का लक्ष्य जनपद को मिला है। लेकिन अभी तक 50 हजार 533 शौचालय का ही निर्माण कार्य पूरा हो सका है। इसके लिए सरकार पात्र लाभार्थी को शौचालय निर्माण के लिए दो किश्तों में 12 हजार रुपये उपलब्ध करा रही है। शौचालय निर्माण के लिए निर्धारित अवधि समाप्त होने में अभी तीन माह शेष है। लेकिन इन दिनों शौचालय निर्माण का कार्य पूरी तरह से ठप है। इसकी मुख्य वजह बालू का न मिलना है। इन दिनों लाल तथा सफेद बालू नहीं मिल रही है। कहीं-कहीं बालू मिल भी रही है तो उसका रेट पहले की अपेक्षा चार गुना अधिक है।
‘स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण’ योजना के तहत गांवों में शौचालय निर्माण का कार्य कराया जाना है। शौचालय निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष जिला पंचायत राज विभाग को तीन लाख 50 हजार 490 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित है। निर्धारित तिथि समाप्त होने में मात्र तीन माह ही शेष बचे है। जबकि लक्ष्य के एक तिहाई 50 हजार 533 शौचालय का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। वर्ष 2011 के बेस लाइन सर्वे के आधार पर ही लाभार्थियों का चयन किया गया है। शौचालय निर्माण के निर्धारित मानक के अनुसार दो गड्ढे और चैंबर के साथ सीट और शौचालय भवन का निर्माण कराया जाता है। शौचालय निर्माण के लिए विभाग की ओर से करीब चार हजार 450 राजमिस्त्री को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इन्हीं के द्वारा शौचालय का निर्माण कार्य किया जाता है। इस निर्माण कार्य में ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की भी भूमिका निर्धारित की गई है। ग्राम प्रधान और सचिव के नाम से संयुक्त खाता है। गांव निधि के खाता संख्या छह में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भेजी जाती है। धांधली की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर अब विभाग द्वारा शौचालय निर्माण के डिमांड के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है।
इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे ने बताया कि अगर लाभार्थी स्वंय शौचालय का निर्माण कराकर रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करता है तो विभाग की ओर से सीधे उसके खाते में धनराशि भेज दी जाती है। धांधली की शिकायत मिलने पर लगातार जांचकर कार्रवाई भी की जा रही है। लाल और सफेद बालू के कारण शौचालय निर्माण कार्य ठप पड़ा है। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी गई है। अक्तूबर माह से बालू उपलब्ध होने के बाद निर्धारित समय तक लक्ष्य पूर्ण कर दिए जाएंगे।
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‘स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण’ योजना के तहत गांवों में शौचालय निर्माण का कार्य कराया जाना है। शौचालय निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष जिला पंचायत राज विभाग को तीन लाख 50 हजार 490 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित है। निर्धारित तिथि समाप्त होने में मात्र तीन माह ही शेष बचे है। जबकि लक्ष्य के एक तिहाई 50 हजार 533 शौचालय का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। वर्ष 2011 के बेस लाइन सर्वे के आधार पर ही लाभार्थियों का चयन किया गया है। शौचालय निर्माण के निर्धारित मानक के अनुसार दो गड्ढे और चैंबर के साथ सीट और शौचालय भवन का निर्माण कराया जाता है। शौचालय निर्माण के लिए विभाग की ओर से करीब चार हजार 450 राजमिस्त्री को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इन्हीं के द्वारा शौचालय का निर्माण कार्य किया जाता है। इस निर्माण कार्य में ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की भी भूमिका निर्धारित की गई है। ग्राम प्रधान और सचिव के नाम से संयुक्त खाता है। गांव निधि के खाता संख्या छह में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भेजी जाती है। धांधली की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर अब विभाग द्वारा शौचालय निर्माण के डिमांड के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है।
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इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दूबे ने बताया कि अगर लाभार्थी स्वंय शौचालय का निर्माण कराकर रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करता है तो विभाग की ओर से सीधे उसके खाते में धनराशि भेज दी जाती है। धांधली की शिकायत मिलने पर लगातार जांचकर कार्रवाई भी की जा रही है। लाल और सफेद बालू के कारण शौचालय निर्माण कार्य ठप पड़ा है। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी गई है। अक्तूबर माह से बालू उपलब्ध होने के बाद निर्धारित समय तक लक्ष्य पूर्ण कर दिए जाएंगे।
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