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अंकुर सिंह का मुख्य हत्यारोपी पुलिस के फंदे में
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:51 PM IST
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गाजीपुर। सादात पुलिस ने अंकुर सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी को सोमवार की सुबह जगदीशपुर चौराहा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल भी बरामद किया। पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में आरोपी को मीडिया के समक्ष पेश करते हुए पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने बताया कि बकाया पैसा न देने और फर्जी मुकदमा में फंसाने की धमकी दिए जाने को लेकर युवक की हत्या की गई थी।
उन्होंने बताया कि बीते 28 नवंबर की दोपहर सादात थाना क्षेत्र के पट्टी गरीब (मई) गांव के चकुरापुर मौजा के पास पैसे के लेन-देन के विवाद को लेकर इसी गांव के निवासी सुनील सिंह के पुत्र अंकुर सिंह (25) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पिता ने चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मामले के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। जबकि मुख्य आरोप पट्टी गरीब उर्फ मई गांव निवासी संजय सिंह पुलिस पकड़ से बाहर था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसी क्रम में सादात के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को आज सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी संजय सिंह जगदीशपुर चौराहा के पास असलहा के साथ खड़ा है और कहीं भागने की फिराक में है। थाना प्रभारी पुलिस कर्मियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल बरामद किया। एसपी ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ सादात थाना में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि अंकुर सिंह के पास उसका काफी पैसा बकाया था, जिसे देने से उसने इंकार कर दिया था और फर्जी मुकदमा में फंसाने की धमकी दी थी। इसी को लेकर अपने साथी संदसीप सिंह एवं रणजीत सिंह के साथ मिलकर पहले अपनी स्कार्पियो से अंकुर सिंह की बाइक में टक्कर मारी और उसके गिरने पर गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद मैं अपना वाहन छोड़कर दूसरे की बाइक छीनकर फरार हो गया था। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक कृपेंद्र प्रताप सिंह, रोहित राज यादव, कांस्टेबल विनोद यादव और पुष्पराज यादव शामिल थे।
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उन्होंने बताया कि बीते 28 नवंबर की दोपहर सादात थाना क्षेत्र के पट्टी गरीब (मई) गांव के चकुरापुर मौजा के पास पैसे के लेन-देन के विवाद को लेकर इसी गांव के निवासी सुनील सिंह के पुत्र अंकुर सिंह (25) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पिता ने चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मामले के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। जबकि मुख्य आरोप पट्टी गरीब उर्फ मई गांव निवासी संजय सिंह पुलिस पकड़ से बाहर था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसी क्रम में सादात के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को आज सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी संजय सिंह जगदीशपुर चौराहा के पास असलहा के साथ खड़ा है और कहीं भागने की फिराक में है। थाना प्रभारी पुलिस कर्मियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल बरामद किया। एसपी ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ सादात थाना में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि अंकुर सिंह के पास उसका काफी पैसा बकाया था, जिसे देने से उसने इंकार कर दिया था और फर्जी मुकदमा में फंसाने की धमकी दी थी। इसी को लेकर अपने साथी संदसीप सिंह एवं रणजीत सिंह के साथ मिलकर पहले अपनी स्कार्पियो से अंकुर सिंह की बाइक में टक्कर मारी और उसके गिरने पर गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद मैं अपना वाहन छोड़कर दूसरे की बाइक छीनकर फरार हो गया था। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक कृपेंद्र प्रताप सिंह, रोहित राज यादव, कांस्टेबल विनोद यादव और पुष्पराज यादव शामिल थे।
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