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Ghazipur News: सफाईकर्मियों की पगार पर 15 करोड़ खर्च, फिर भी गांवों में बिखरा है कूड़ा

Tue, 19 Nov 2024 12:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Nov 2024 12:23 AM IST
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15 crores spent on salaries of sanitation workers, yet garbage is scattered in the villages
गाजीपुर। जिले की 1238 ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी के लिए 3298 सफाईकर्मियों की तैनाती है। एक सफाईकर्मी के पगार पर 46 हजार रुपये खर्च होता है। इस तरह से प्रति महीने 3298 सफाईकर्मियों को वेतन के नाम पर शासन की ओर से 15,170, 8000 रुपये भुगतान किया जाता है। इतनी भारी-भरकम धनराशि खर्च होने के बाद भी जिले के अधिकांश गांव कूड़े के ढेर पर हैं।
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गांवों में साफ-सफाई के बेहतर इंतजाम नहीं हैं। मार्गों के किनारे गांवों में कूड़े के ढेर आसानी से देखने को मिल जाएंगे। कूड़ों के सड़ांध से लोगों को संबंधित मार्गों से आवागमन के वक्त नाक पर रुमाल या गमछा रखना पड़ता है। आवागमन में लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। कई जगहों पर आरआरसी सेंटर (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) का निर्माण कराया गया है, ताकि तरल व ठोस कूड़ों को अलग-अलग करके यहां पर उनका निस्तारण किया जा सके। लेकिन, कई गांवों में आरआरसी सेंटर पर ताला लटक रहे हैं। डीपीआरओ अंशुल मौर्या ने बताया कि साफ-सफाई का निर्देश दिया गया है। जहां से शिकायत आ रही है, उसकी जांच कराई जाएगी।
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केस नंबर एक - भीमापार बाजार से गांव में जाने वाले मार्ग पर कूड़े का ढेर लगा है। लोगों ने बताया कि सफाई नहीं होती है। आरआरसी सेंटर में कूड़ा निस्तारण के बजाय मार्ग पर ही कूड़े का ढेर लगा दिया जाता है। साथ ही भीमापार में बने आरआरसी सेंटर पर काफी दिनों से ताला लटका हुआ है। गांव की आबादी लगभग सात हजार है।
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केस नंबर दो - जखनिया गोविंद गांव से जखनिया ब्लाक को जाने वाले मार्ग पर नाली से गंदगी निकालकर 15 दिनों से सड़क पर ही छोड़ दिया गया है।मलबा सूख गया है। इसके बावजूद इसे उठाया नहीं गया है। साथ ही सड़क किनारे कूड़े का ढेर लगा है। लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा सताता रहता है।

केस नंबर तीन - बारा गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। स्थिति यह है कि गांव स्थित एक खाली प्लाट कूड़ाघर बन गया है। उक्त प्लाट से आवागमन में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गांव में कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। सड़क किनारे व खाली प्लॉट को कूड़ा कलेक्शन बना दिया गया है।
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