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नैसारा के काश्तकारों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार
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नन्दगंज। नैसारा गांव में फोरलेन चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि के नक्शे में हेराफेरी कर किसानों को उचित मुआवजा न दिए जाने से नाराज काश्तकार / किसानों ने गांव स्थित हुनमान मंदिर पर गुरुवार को बैठक की। चेतावनी दी कि अगर जिला प्रशासन अन्याय करता है, तो किसान चुप नहीं बैठेंगे।
गोपाल यादव ने कहा कि जिले का एकमात्र गांव नैसारा है, जहां के किसानों को अभी तक फोरलेन के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिल पाया है। पैमाइश के नाम पर प्रशासन ने सिर्फ खानापूर्ति की। बार-बार भू-नक्शे में गड़बड़ी की शिकायत की गयी लेकिन उसे अब तक दुरुस्त नहीं कराया गया और न ही अब तक जिले स्तर से कोई ठोस कार्रवाई की गई। किसानों को अपनी कीमती भूमि का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। कुंवरपुर और दवोपुर में जमीन का अधिग्रहण 60 मीटर तो नैसारा गांव की जमीन का अधिग्रहण 40 मीटर किया गया है। इसके संशोधन के लिए बार-बार गुहार लगाई गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अन्य वक्ताओं ने कहा कि आखिर नैसारा गांव के किसानों के साथ ही सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई प्लेन एरिया में बराबर होती है। अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि नक्शे का संशोधन करा लिया गया है लेकिन प्रोजेक्ट डायरेक्टर राष्ट्रीय राजमार्ग का कोई निर्देश न जारी होने से पैमाइश नहीं की जा रही है। किसानों का समूह जब पीडी से मिला तो उन्होंने भी विचार करेंगे शब्द कहकर किसानों को टाल दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों में घोर निराशा है। बैठक में संतोष जायसवाल, राधेश्याम प्रजापति, नन्दू विश्वकर्मा, उमा यादव, महेंद्र यादव, कैलाश पाण्डेय समेत बड़ी संख्या में किसान- काश्तकार आदि उपस्थित रहे।
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गोपाल यादव ने कहा कि जिले का एकमात्र गांव नैसारा है, जहां के किसानों को अभी तक फोरलेन के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिल पाया है। पैमाइश के नाम पर प्रशासन ने सिर्फ खानापूर्ति की। बार-बार भू-नक्शे में गड़बड़ी की शिकायत की गयी लेकिन उसे अब तक दुरुस्त नहीं कराया गया और न ही अब तक जिले स्तर से कोई ठोस कार्रवाई की गई। किसानों को अपनी कीमती भूमि का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। कुंवरपुर और दवोपुर में जमीन का अधिग्रहण 60 मीटर तो नैसारा गांव की जमीन का अधिग्रहण 40 मीटर किया गया है। इसके संशोधन के लिए बार-बार गुहार लगाई गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अन्य वक्ताओं ने कहा कि आखिर नैसारा गांव के किसानों के साथ ही सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई प्लेन एरिया में बराबर होती है। अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि नक्शे का संशोधन करा लिया गया है लेकिन प्रोजेक्ट डायरेक्टर राष्ट्रीय राजमार्ग का कोई निर्देश न जारी होने से पैमाइश नहीं की जा रही है। किसानों का समूह जब पीडी से मिला तो उन्होंने भी विचार करेंगे शब्द कहकर किसानों को टाल दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों में घोर निराशा है। बैठक में संतोष जायसवाल, राधेश्याम प्रजापति, नन्दू विश्वकर्मा, उमा यादव, महेंद्र यादव, कैलाश पाण्डेय समेत बड़ी संख्या में किसान- काश्तकार आदि उपस्थित रहे।
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