{"_id":"5b61ed544f1c1b75568b4bec","slug":"131533144404-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ंद्रह गांवों में जला है ट्रांसफार्मर, एक हजार घर अंधेरे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ंद्रह गांवों में जला है ट्रांसफार्मर, एक हजार घर अंधेरे में
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नंदगंज(गाजीपुर)। क्षेत्र के 15 गांवों में विभिन्न क्षमताओं के ट्रांसफार्मर कई दिनों से जले पड़े हैं। इससे इन ट्रांसफार्मरों से संबंधित करीब एक घरों की बत्ती गुल है। बिजली के अभाव में ग्रामीणों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बाद भी ट्रांसफार्मरों को नहीं बदला जा रहा है। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष गहराता जा रहा है।
धरना, सौरम, नारी पचदेवरा, ईशोपुर, दवोपुर, मड़ई, बरहपुर, सहेड़ी, नौसारा, चाड़ीपुर, मठिया, कुसुम्ही कला, मैनपुर, हकीमपुर, सोठी और मानिकपुर कोटे में विभिन्न क्षमाओं के ट्रांसफार्मर 15 से लेकर 20 दिनों से जले हुए हैं। इसकी वजह इन ट्रांसफार्मरों से संबंधित करीब एक हजार घर अंधेरे में डूबे हुए हैं। बिजली के अभाव में ग्रामीणों के तरह-तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में जहां लोग रात को चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं, वहीं मोटर न चलने से पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिन लोगों ने इनवर्टर लगा है, चार्ज न होने से वह भी शो-पीस बने हुए हैं। बिजली से चलने वाले उपकरण बंद पड़े हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को इधर-उधर की दौड़ लगानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर को जलने की सूचना विभाग के टोल-फ्री नंबर पर दी गई है। बावजूद इसके ट्रांसफार्मर को नहीं बदला जा रहा है। ट्रांसफार्मरों को न बदले जाने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष गहराता जा रहा है। इसको लेकर कभी लोगों का गुस्सा सड़क पर दिख सकता है। इस संबंध में जेई रमेश कुमार कहा कि जले ट्रांसफार्मरों का इस्टीमेट बना कर भेज दिया गया है। वर्कशाप में ट्रांसफार्मर उपलब्ध है, लेकिन उन्हें उपकेंद्र पर नहीं भेजा जा रहा है। ट्रांसफार्मर उपलब्ध होते ही वरीयता सूची के आधार पर लगा कर आपूर्ति चालू करा दी जाएगी।
विज्ञापन
धरना, सौरम, नारी पचदेवरा, ईशोपुर, दवोपुर, मड़ई, बरहपुर, सहेड़ी, नौसारा, चाड़ीपुर, मठिया, कुसुम्ही कला, मैनपुर, हकीमपुर, सोठी और मानिकपुर कोटे में विभिन्न क्षमाओं के ट्रांसफार्मर 15 से लेकर 20 दिनों से जले हुए हैं। इसकी वजह इन ट्रांसफार्मरों से संबंधित करीब एक हजार घर अंधेरे में डूबे हुए हैं। बिजली के अभाव में ग्रामीणों के तरह-तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में जहां लोग रात को चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं, वहीं मोटर न चलने से पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिन लोगों ने इनवर्टर लगा है, चार्ज न होने से वह भी शो-पीस बने हुए हैं। बिजली से चलने वाले उपकरण बंद पड़े हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को इधर-उधर की दौड़ लगानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर को जलने की सूचना विभाग के टोल-फ्री नंबर पर दी गई है। बावजूद इसके ट्रांसफार्मर को नहीं बदला जा रहा है। ट्रांसफार्मरों को न बदले जाने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष गहराता जा रहा है। इसको लेकर कभी लोगों का गुस्सा सड़क पर दिख सकता है। इस संबंध में जेई रमेश कुमार कहा कि जले ट्रांसफार्मरों का इस्टीमेट बना कर भेज दिया गया है। वर्कशाप में ट्रांसफार्मर उपलब्ध है, लेकिन उन्हें उपकेंद्र पर नहीं भेजा जा रहा है। ट्रांसफार्मर उपलब्ध होते ही वरीयता सूची के आधार पर लगा कर आपूर्ति चालू करा दी जाएगी।
विज्ञापन