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बढ़नपुरा गांव के विकास में लाखों का गोलमाल
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:16 PM IST
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गाजीपुर। भांवरकोल ब्लॉक के बढ़नपुरा गांव के प्रधान पर लाखों रुपये घोटाला करने तथा विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया गया है। विकास के नाम पर धन का बंदरबांट किए जाने से लोगों में नाराजगी है। इसे लेकर गांव के अवधेश सिंह कुशवाहा ने चकरोड बनाने, हैंडपंप मरम्मत, सोलर लाइट आदि के कामों में धन की लूट-खसोट करने का आरोप लगाया है। अवधेश ने जिलाधिकारी के बाला जी को प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने इस मामले की जांच बैठा दी है।
डीएम को दिए गए पत्रक में आरोप लगाया गया है कि 30 मई 2012 तक मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों में ऐसे भी काम हैं, जो पूरा नहीं किए गए हैं और उसके मद में आए धन को खाते से उतार लिया गया है। बढ़नपुरा सरकारी ट्यूबवेल के पास की सड़क, गांव से नकटीकोल जाने वाले मार्ग आदि पर मिट्टी डालने का फर्जी कार्य कराया गया है। सरकारी आवासों का लाभ अपात्र लोगों को दिया गया है। जबकि कई पात्र इस सुविधा से वंचित रहे। 2016-17 में गांव में 22 सरकारी हैंडपंपों की मरम्मत के लिए करीब एक लाख अस्सी हजार रुपये निकाल लिया गया है। इसी प्रकार सोलर लाइट, सोख्ता निर्माण कार्य जैसे काम में लगभग 15 लाख रुपये के गबन की बात सामने आ रही है। प्रधान ने जनता का पैसा स्वयं के हित में खर्च किया है। ग्रामसभा की चकरोड पर वह खुद कब्जा कर रखे हैं। नोटिस आने के बाद भी अवैध निर्माण को नहीं हटवाया। अवधेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि ग्रामीणों की हक के लिए वह इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। गांव का विकास सिर्फ कागजों पर ही किया गया है। जबकि हकीकत कुछ और है। इस संबंध में जिलाधिकारी के बाला जी ने बताया कि इस मामले में जांच बैठा दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम को दिए गए पत्रक में आरोप लगाया गया है कि 30 मई 2012 तक मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों में ऐसे भी काम हैं, जो पूरा नहीं किए गए हैं और उसके मद में आए धन को खाते से उतार लिया गया है। बढ़नपुरा सरकारी ट्यूबवेल के पास की सड़क, गांव से नकटीकोल जाने वाले मार्ग आदि पर मिट्टी डालने का फर्जी कार्य कराया गया है। सरकारी आवासों का लाभ अपात्र लोगों को दिया गया है। जबकि कई पात्र इस सुविधा से वंचित रहे। 2016-17 में गांव में 22 सरकारी हैंडपंपों की मरम्मत के लिए करीब एक लाख अस्सी हजार रुपये निकाल लिया गया है। इसी प्रकार सोलर लाइट, सोख्ता निर्माण कार्य जैसे काम में लगभग 15 लाख रुपये के गबन की बात सामने आ रही है। प्रधान ने जनता का पैसा स्वयं के हित में खर्च किया है। ग्रामसभा की चकरोड पर वह खुद कब्जा कर रखे हैं। नोटिस आने के बाद भी अवैध निर्माण को नहीं हटवाया। अवधेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि ग्रामीणों की हक के लिए वह इस लड़ाई को लड़ रहे हैं। गांव का विकास सिर्फ कागजों पर ही किया गया है। जबकि हकीकत कुछ और है। इस संबंध में जिलाधिकारी के बाला जी ने बताया कि इस मामले में जांच बैठा दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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