फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   1.24 crore rupees spent, yet canals are filled with garbage and weeds

Ghazipur News: 1.24 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी कचरे और खरपतवार से पटीं नहरें

Wed, 14 Jan 2026 12:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jan 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
1.24 crore rupees spent, yet canals are filled with garbage and weeds
झाड़ियों से पटी धर्मागतपुर-बिरनो नहर। संवाद
गाजीपुर। जनपद में 450 किलोमीटर नहरों की सफाई के लिए शासन ने सिंचाई विभाग को 1.24 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। विभाग का दावा है कि 95 प्रतिशत यानि 427 किलो मीटर नहरों की सफाई का काम पूरा हो गया है लेकिन हकीकत इससे अलग है। नहरों में उगी सरपत, खरपतवार और झाड़ियां इस दावे की पोल खोल रही हैं। खेतों तक नहीं पहुंचने से गेहूं की सिंचाई बाधित है, जिसके कारण किसान परेशान हैं।
विज्ञापन

जनपद में नहरों से लगभग 47,267 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होती है। एक लाख 69 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की जा रही है। औड़िहार के किसान विजय चौधरी, गहमर के पुरुषोत्तम व नरेश पासवान ने बताया कि सिंचाई के लिए नहरें किसानों के लिए जीवनरेखा है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के लिए। गरीब किसान फसलों की सिंचाई के लिए निजी संसाधनों का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं, क्योंकि उसमें काफी ज्यादा खर्च होता है। ऐसे में नहरें ही किसानों का मुख्य सहारा हैं। नहरों की सफाई में लापरवाही से किसान परेशान हैं है।
विज्ञापन

0000000000000000
केस नंबर- एक
- दलपतपुर रजवाहा डेढ़ किलोमीटर लंबी है। इसके ऊपर खड़हरा, बिंदवलिया, दुबिहा, नेवादा, पाहुपुर, इटवा, निहालपुर के करीब 15 हजार किसान निर्भर हैं। बांदा के मुलायम यादव व दुबिहा के सुरेंद्र बांसफोर, अनिल राजभर ने बताया कि दलपतपुर रजवाहा की सफाई अब तक नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस नंबर- दो
- लघु डाल नहर गहमर पश्चिमी चार किलोमीटर लंबी है। लघु डाल नहर गहमर पश्चिमी से हथौरी, करहिया, खुदरा, पथरा, शेरपुर, गदाईपुर, नई बस्ती, मरगड़ा आदि गांवों के 10 हजार किसान सिंचाई कार्य करते हैं। नहर के दोनों ओर उगी झाड़ियां और सरपत इस बात की गवाह हैं कि सफाई नहीं हुई है।

केस नंबर- तीन
- धर्मागतपुर से बिरनो टेल तक नहर की लंबाई आठ किलोमीटर है। नहर पूरी तरह से झाड़ियों और खरपतवार से पटी हुई है। किसान रामप्रवेश कुमार, विजय यादव ने बताया कि न तो झाड़ियों की कटाई की गई और न सिल्ट हटाई गई। ऐसे में गेहूं की सिंचाई कैसे हो पाएगी।

केस नंबर- चार
- भांवरकोल-वीरपुर नहर सूखी पड़ी है। अब तक इसकी सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है। कचरे और खरपतवार के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा। ऐसे में किसानों को फसल की सिंचाई के लिए निजी संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
--------------------------
सिंचाई विभाग की ओर से कागज में सफाई का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत में कई नहरें बदहाल पड़ी हुई हैं। इसके कारण गेहूं की फसल की सिंचाई की चिंता सता रही हैै। - जितेंद्र उपाध्याय, करहिया

हर वर्ष सिंचाई विभाग की ओर से नहरों की सफाई का दावा किया जाता है, लेकिन हर बार केवल औपचारिकता पूरी की जाती है। इसका दंश किसानों को झेलना पड़ता है। - गोलू उपाध्याय, गदाईपुर


हम जैसे आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के लिए नहरें काफी महत्व रखती हैं। लेकिन, विभाग उदासीन है। किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इसके कारण किसानों की स्थिति नहीं सुधर रही है। - बृजेश यादव, बागा

हर वर्ष विभाग की ओर से सफाई का दावा किया जाता है, लेकिन टेल तक पानी नहीं पहुंचता है। इसके कारण किसानों को निजी संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इससे खेती की लागत बढ़ जाती है। - दीनानाथ बिंद, खड़हरा
------------------
नहरों की सफाई का कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। एक-दो दिनों में नहरों की सफाई का कार्य पूरा हो जाएगा। इससे किसानों को सहूलियत मिलेगी।
- सीमंत अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed