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कटान से गांवों को बचाने के लिए किसानों ने निकाली पदयात्रा
Updated Sun, 25 Mar 2018 10:55 PM IST
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करंडा (गाजीपुर)। गंगा कटान से प्रभावित गांवों को बचाने की मांग को लेकर रविवार को रामनवमी के दिन स्वाभिमान संगठन और गंगा कटान संघर्ष समिति के साथ किसानों ने पदयात्रा की। मां गंगा का पूजन-अर्चन कर और जल अर्पण कर कटान की विभीषिका से बचाने की प्रार्थना की।
सुबह आठ बजे गंगा कटान संघर्ष समिति और स्वाभिमान संगठन के लोगों ने सोकनी प्राथमिक विद्यालय से पदयात्रा प्रारंभ की। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे उसमें किसानों की संख्या में इजाफा भी होता गया। यात्रा के बड़सरा पहुंचते-पहुंचते सैकड़ों लोग शामिल हो गए। विभिन्न गांवों से होते हुए यात्रा गंगा किनारे पूजन बाबा आश्रम पर पहुंचकर समाप्त हुई। यहां पर किसानों ने पतित पावनी का पूजन-अर्चन करने के बाद जल देकर कटान से बचाने की प्रार्थना किया। इस मौके पर आयोजित सभा में समिति के अध्यक्ष रामअवतार यादव ने कहा कि पिछले कई दशकों से कटान की विनाशलीला लोग देख रहे हैं। बावजूद इसके शासन द्वारा बचाव का कोई उपाय नहीं किया गया। पिछले साल ही विधायक ने कहा था कि ये कटान का आखिरी साल है। नवम्बर-दिसम्बर में ही बोल्डर पिचिंग का कार्य प्रारंभ कर सबको बचा लिया जाएगा लेकिन मार्च बीतने को है, सारे वादे खोखले साबित हुए। स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष डा. देवेश सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता की वजह से इस साल फिर पचासों बीघा खेत गंगा की धारा में समाहित हो जाएगा। एक बार फिर कई दर्जन लोग भूमिहीन हो जाएंगे। हम लोग पदयात्रा के माध्यम से अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाह रहे हैं। अगर एक सप्ताह के अंदर कोई उपाय नहीं किया गया तो सारे किसान जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी का घेराव करेंगे। पदयात्रा में रामअवतार राम, कंचन यादव, सुदामा यादव, उपेंद्र सिंह, रमापति गौतम, नगीना यादव, विनीत दुबे, श्रीकांत मास्टर, रितुराज सिंह, नितिन कुमार, पियूष राय, धीरेंद्र ब्रह्मचारी, सोनू सिंह, राजेश वर्मा, सादिक खां, मनोज यादव, मुन्ना सिंह, रतंजय शर्मा, पंचदेव सिंह, पिंटू सिंह, अभिषेक सिंह, गोविंद चौधरी, सुरेंद्र मोहन, शशिभूषण सिंह सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।
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सुबह आठ बजे गंगा कटान संघर्ष समिति और स्वाभिमान संगठन के लोगों ने सोकनी प्राथमिक विद्यालय से पदयात्रा प्रारंभ की। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे उसमें किसानों की संख्या में इजाफा भी होता गया। यात्रा के बड़सरा पहुंचते-पहुंचते सैकड़ों लोग शामिल हो गए। विभिन्न गांवों से होते हुए यात्रा गंगा किनारे पूजन बाबा आश्रम पर पहुंचकर समाप्त हुई। यहां पर किसानों ने पतित पावनी का पूजन-अर्चन करने के बाद जल देकर कटान से बचाने की प्रार्थना किया। इस मौके पर आयोजित सभा में समिति के अध्यक्ष रामअवतार यादव ने कहा कि पिछले कई दशकों से कटान की विनाशलीला लोग देख रहे हैं। बावजूद इसके शासन द्वारा बचाव का कोई उपाय नहीं किया गया। पिछले साल ही विधायक ने कहा था कि ये कटान का आखिरी साल है। नवम्बर-दिसम्बर में ही बोल्डर पिचिंग का कार्य प्रारंभ कर सबको बचा लिया जाएगा लेकिन मार्च बीतने को है, सारे वादे खोखले साबित हुए। स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष डा. देवेश सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता की वजह से इस साल फिर पचासों बीघा खेत गंगा की धारा में समाहित हो जाएगा। एक बार फिर कई दर्जन लोग भूमिहीन हो जाएंगे। हम लोग पदयात्रा के माध्यम से अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाह रहे हैं। अगर एक सप्ताह के अंदर कोई उपाय नहीं किया गया तो सारे किसान जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी का घेराव करेंगे। पदयात्रा में रामअवतार राम, कंचन यादव, सुदामा यादव, उपेंद्र सिंह, रमापति गौतम, नगीना यादव, विनीत दुबे, श्रीकांत मास्टर, रितुराज सिंह, नितिन कुमार, पियूष राय, धीरेंद्र ब्रह्मचारी, सोनू सिंह, राजेश वर्मा, सादिक खां, मनोज यादव, मुन्ना सिंह, रतंजय शर्मा, पंचदेव सिंह, पिंटू सिंह, अभिषेक सिंह, गोविंद चौधरी, सुरेंद्र मोहन, शशिभूषण सिंह सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।
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