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धरना देकर तहसीलदार को हटाने की मांग की
Updated Tue, 26 Sep 2017 11:39 PM IST
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मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। उप्र लेखपाल संघ उपशाखा मुहम्मदाबाद की ओर से अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को तहसील परिसर में धरना दिया गया। इसमें तहसीलदार मोहनलाल गुप्ता को हटाने की मांग की गई।
धरने की अध्यक्षता करते हुए उप्र लेखपाल संघ उपशाखा मुहम्मदाबाद के अध्यक्ष ने कहा कि तहसीलदार मुहम्मदाबाद के स्तर से लेखपालों को पीड़ित किया जा रहा है। साथ ही वेतन काटने की भी चेतावनी दी जा रही है। जो अन्याय पूर्ण है। बता दें कि तहसीलदार मुहम्मदाबाद ने उपजिलाधिकारी को लेखपालों की मांगों के संबंध में प्रस्तरवार रिपोर्ट देकर लेखपालों पर बिना काम किए वेतन लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि लेखपालों के हठधर्मी रवैये के कारण अगर कार्य बाधित होता है तो नो-वर्क, नो-पे के सिद्धांत पर कार्य न करने वाले लेखपालों को वेतन नही मिलेगा। तहसीलदार मोहनलाल गुप्ता ने बताया कि लेखपाल उत्पीड़क कार्रवाई से नाराज होकर उनके अधीन रहकर न कार्य करने तथा उनका स्थानांतरण किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। एक सेवानिवृत्त लेखपाल के विरूद्ध गंभीर वित्तीय अनियमितता की आडिट आपत्ति लगी हुई है। इससे उन्हें कई बार अवगत भी कराया गया है। आपत्ति में निहित धनराशि जमा करने के बाद ही इनका भुगतान किया जाना संभव है। अधिकांश लेखपाल अपने हलकों में नहीं जाते हैं। बायोमैट्रिक उपस्थिति शासन की नीति है। लेखपालों को भी बायोमेट्रिक उपस्थिति देनी पडे़गी। अगले माह का वेतन बायोमैट्रिक उपस्थिति के अनुसार ही दिया जाएगा। तहसीलदार के कड़े रुख के चलते लेखपाल संघ एवं तहसीलदार के बीच टकराव की संभावना बढ़ गई है। धरना दे रहे लेखपालों ने तहसीलदार का स्थानांतरण होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
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धरने की अध्यक्षता करते हुए उप्र लेखपाल संघ उपशाखा मुहम्मदाबाद के अध्यक्ष ने कहा कि तहसीलदार मुहम्मदाबाद के स्तर से लेखपालों को पीड़ित किया जा रहा है। साथ ही वेतन काटने की भी चेतावनी दी जा रही है। जो अन्याय पूर्ण है। बता दें कि तहसीलदार मुहम्मदाबाद ने उपजिलाधिकारी को लेखपालों की मांगों के संबंध में प्रस्तरवार रिपोर्ट देकर लेखपालों पर बिना काम किए वेतन लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि लेखपालों के हठधर्मी रवैये के कारण अगर कार्य बाधित होता है तो नो-वर्क, नो-पे के सिद्धांत पर कार्य न करने वाले लेखपालों को वेतन नही मिलेगा। तहसीलदार मोहनलाल गुप्ता ने बताया कि लेखपाल उत्पीड़क कार्रवाई से नाराज होकर उनके अधीन रहकर न कार्य करने तथा उनका स्थानांतरण किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस पर हमें कोई आपत्ति नहीं है। एक सेवानिवृत्त लेखपाल के विरूद्ध गंभीर वित्तीय अनियमितता की आडिट आपत्ति लगी हुई है। इससे उन्हें कई बार अवगत भी कराया गया है। आपत्ति में निहित धनराशि जमा करने के बाद ही इनका भुगतान किया जाना संभव है। अधिकांश लेखपाल अपने हलकों में नहीं जाते हैं। बायोमैट्रिक उपस्थिति शासन की नीति है। लेखपालों को भी बायोमेट्रिक उपस्थिति देनी पडे़गी। अगले माह का वेतन बायोमैट्रिक उपस्थिति के अनुसार ही दिया जाएगा। तहसीलदार के कड़े रुख के चलते लेखपाल संघ एवं तहसीलदार के बीच टकराव की संभावना बढ़ गई है। धरना दे रहे लेखपालों ने तहसीलदार का स्थानांतरण होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
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