फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   110 km of sewer lines to be laid in the city; 13,000 household connections to be provided.

Ghazipur News: शहर में 110 किलोमीटर बिछेगी सीवर लाइन, होंगे 13 हजार घरेलू कनेक्शन

Fri, 09 Oct 2026 12:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
110 km of sewer lines to be laid in the city; 13,000 household connections to be provided.
देवकठिया के जमुनादेव स्थित एसटीपी। स्रोत पाठक
गाजीपुर। दूसरे फेज के तहत शहर में सीवर लाइन बिछाने की कवायद शुरू हो गई है। शहर में दूसरे फेज के तहत 110 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इस कार्य पर 286 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही 13 हजार घरेलू कनेक्शन होंगे। जल निगम शहरी विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है।
विज्ञापन

प्रस्ताव बनाने के लिए जल निगम शहरी विभाग की ओर से शहर में सर्वे किया गया। यह सर्वे तीन महीने तक चला। इसके तहत यह तय किया गया कि शहर में कितने किलोमीटर सीवर लाइन बिछाए जाने की आवश्यकता है। साथ ही कितने होम कनेक्शन होंगे। शहर में कहां-कहा मैनहोल का निर्माण होगा। सर्वे पूरा होने के बाद कागज पर इसका पूरा खाका तैयार करके डीपीआर तैयार किया गया। पूरी प्रक्रिया होने के बाद जल निगम शहरी विभाग की ओर से प्रस्ताव को शासन के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।
विज्ञापन

--
क्या है सीवर लाइन -
- सीवर लाइन एक भूमिगत पाइप और सुरंग प्रणाली है, जो घरों, दफ्तरों और उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी और सीवेज को मुख्य सीवरेज सिस्टम या उपचार संयंत्र (ट्रीटमेंट प्लांट) तक पहुंचाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- यह घर के अंदर के सभी गंदे पानी और अपशिष्ट को जमीन के नीचे मुख्य सीवर लाइन या सेप्टिक टैंक तक ले जाती है।
- आम तौर पर सीवर लाइनें जमीन से 4 से 6 फीट की गहराई पर दबाई जाती हैं, ताकि वे बाहरी दबाव और नुकसान से सुरक्षित रहें।
- पानी के सुचारू प्रवाह और गुरुत्वाकर्षण की मदद से अपशिष्ट को आगे बढ़ाने के लिए पाइप में हल्का ढलान रखा जाता है (लगभग प्रति फुट 1/4 इंच या प्रति मीटर 4 मिमी)।
- घरों के लिए सामान्य सीवर पाइप का व्यास आमतौर पर 4 इंच होता है, जबकि मुख्य सेवा लाइन 6 इंच की हो सकती है।
- समय-समय पर पाइप के रखरखाव और निरीक्षण के लिए जमीन पर मैनहोल बनाए जाते हैं।
---
सीवर लाइन बिछाए जाने का लाभ
-स्वच्छता और स्वास्थ्य : यह घरों और कार्यालयों के गंदे पानी को सीधे उपचार संयंत्रों (ट्रीटमेंट प्लांट) तक पहुंचाती है, जिससे मोहल्ले में जलभराव, मक्खी-मच्छर और बीमारियों का खतरा कम होता है।
-सुरक्षित जल निकासी: शौचालय, किचन और बाथरूम से निकलने वाले अपशिष्ट जल का सुचारू और बंद पाइपों के जरिए लगातार निकास होता है।
- भूजल प्रदूषण से बचाव: गंदा पानी खुले में या जमीन में रिसने से बचता है, जिससे आसपास के बोरवेल और पीने के पानी के स्रोत सुरक्षित रहते हैं।
- बार-बार सेप्टिक टैंक की झंझट से मुक्ति: सीवर कनेक्शन जुड़ने के बाद अलग से सेप्टिक टैंक साफ कराने या उसके भरने की परेशानी समाप्त हो जाती है।
-पर्यावरण संरक्षण: अपशिष्ट जल को सीधे नदियों या खुले स्थानों में जाने से रोकने के लिए इसे ट्रीटमेंट प्लांट्स तक ले जाया जाता है।
--
105 किलोमीटर बिछ चुकी है सीवर लाइन
गाजीपुर। शहर में फेज एक के तहत 105 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। इसको नगर पालिका को हैंडओवर भी कर दिया गया है। साथ ही 14 हजार होम कनेक्शन किए गए हैं। फेज एक के तहत 105 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने पर 133 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। शहर की कुल परिधि 215 किलाेमीटर है। इसलिए सीवर बिछाने को लेकर दूसरे फेज के तहत कवायद शुरू करने की जरूरत पड़ी।
--
68.65 करोड़ की एसटीपी
नमामि गंगे योजना के तहत देवकठिया-जमुनादेवा के पास 68.65 करोड़ रुपये की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण पूरा हो चुका है। इसकी क्षमता 21 एमएलडी है। दो हेक्टेयर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य किया गया है।

--
दूसरे फेज के तहत शहर में सीवर लाइन बिछाने को लेकर प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया गया है। इसके तहत शहर में 110 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाया जाना प्रस्तावित है।
- स्वतंत्र सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed