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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   1021 crore rupees were wasted in six years, yet not a single drop fell from the taps.

Ghazipur News: छह साल में बह गए 1021 करोड़, फिर भी नलों से नहीं गिरी एक बूंद

Sun, 28 Jun 2026 12:34 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 12:34 AM IST
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1021 crore rupees were wasted in six years, yet not a single drop fell from the taps.
मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद
गाजीपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना बेदम साबित हो रही है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में इसे लॉन्च किया गया था। जिले में जल जीवन मिशन का पूरा प्रोजेक्ट 2756 करोड़ रुपये का है। अब तक कुल लागत धनराशि का 35 प्रतिशत यानी 1021 करोड़ रुपये खर्च किया जा चुका है। लेकिन, इतनी धनराशि खर्च होने व छह वर्ष का समय गुजरने के बाद भी 66,944 घर आज भी पेयजल टोंटी का कनेक्शन होने की बाट जोह रहे हैं। इस संबंध में जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता ने बताया कि बजट की कमी होना सबसे बड़ा रोड़ा है। इसके बावजूद तेजी से काम करने का प्रयास जारी है।
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जल जीवन मिशन को धरातल पर मूर्त रूप देने की जिम्मेदारी जल निगम ग्रामीण की है। योजना के तहत जिले की 1238 ग्राम पंचायतों की 39 लाख आबादी को लाभान्वित करना है। योजना के तहत कुल तीन लाख 82 हजार 754 घरों में कनेक्शन होने हैं। अब तक केवल तीन लाख 15 हजार 810 कनेक्शन ही हो पाए हैं। ओवरहेड टैंक 875 बनने हैं। लेकिन, 224 ओवरहेड टैंक ही बन पाए हैं। पेयजलापूर्ति के लिए 11 हजार 795 किलोमीटर पाइप लाइन बिछनी तय है। विभाग का दावा है कि 80 प्रतिशत यानी 9436 किलोमीटर तक पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। पहले प्रोजेक्ट 2024 तक पूरा करना था। लेकिन, अब इसको बढ़ाकर वर्ष 2028 तक कर दिया गया है।
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पांच साल बाद भी नहीं बन सकी पानी टंकी

केस एक

बिरनो ब्लॉक के भोजापुर में पांच वर्ष से ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन, अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसके कारण ग्राम पंचायत के करीब तीन हजार ग्रामीणों को भी शुद्ध पेयजल आने का इंतजार है। दो वर्ष तक तो कार्य ठप हो गया था। इसके पीछे की वजह बजट न होना था।
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तीन वर्ष पहले लगी टोंटी, लेकिन नहीं आया पानी

केस दो

खानपुर क्षेत्र के जमीन संदल में तीन वर्ष पहले ग्राम पंचायत के 2500 घरों में पेयजल का कनेक्शन देते हुए टोंटी लगा दी गई। लेकिन, आज तक टोंटियां सूखी हुई हैं। अभी तक इनसे पानी नहीं टपका है। ग्रामीण तीन वर्षों से नल की टोंटियों से शुद्ध पेयजल आने का इंतजार कर रहे हैं।
शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीण लगाए बैठे हैं टकटकी
खानपुर क्षेत्र के रजहती में 2023 में 200 किलोलीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। लेकिन, अभी तक ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसके कारण ग्राम पंचायत में शुद्ध पेयजलापूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है। 302 घरों में पेयजलापूर्ति के लिए 2.65 लाख की योजना है। विभाग का दावा है कि इससे 2960 ग्रामीण लाभान्वित होंगे।

टंकी बनकर तैयार, लेकिन पाइप बिछाना भूले जिम्मेदार

सुहवल क्षेत्र के पटकनी में तीन वर्ष से ओवरहेड टैंक बनकर तैयार हो गया है। लेकिन, लापरवाही इस कदर है कि गांव में न तो पाइप लाइन बिछाई गई है और न ही नल की टोंटियां लगाई गई हैं। इसके कारण आज तक ग्रामीणों के घरों में पेयजलापूर्ति नहीं हो पाई है।
जगह-जगह अधूरी पाइप लाइन

सुहवल क्षेत्र के युवराजपुर में जगह-जगह पेयजलापूर्ति की पाइप लाइन अधूरी पड़ी हुई है। पूरी पाइप लाइन नहीं बिछाए जाने के कारण ग्रामीणों के घरों में इस बार गर्मी में भी पानी नहीं पहुंची। ग्रामीण आज भी हैंडपंप के माध्यम से अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

सूखी टोंटी से उम्मीदें हो रहीं ओझल
मनिहारी में तीन वर्ष पहले ही घरों में नल की टोंटी लगा दी गई। टोंटी लगने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पानी आएगा। जब एक-दो महीने बाद भी पानी नहीं आई, तो उन्होंने पूछताछ शुरू की। लेकिन, तब से लेकर आज तक उनको केवल आश्वासन दिया जा रहा है। नल की सूखी टोंटी से अब ग्रामीणों की उम्मीदें भी टूटती हुई नजर आ रही हैं।
एक वर्ष से काम ठप
सैदपुर क्षेत्र के हसनपुर में ओवरहेड टैंक के लिए चहारदीवारी बना दी गई है। लेकिन, ओवरहेड टैंक बनाने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। एक वर्ष से यहां पर काम रुका हुआ है। ग्रामीण जब सवाल पूछते हैं, तो जिम्मेदार चुप्पी साध लेते हैं। गांव में पेयजलापूर्ति कब शुरू होगी, यह सवाल लगातार उठ रहा है।

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जल जीवन मिशन पूरी तरह से लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है। इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। संबंधित अभियंताओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए। - कृष्ण मोहन सिंह, गाई
कहीं पांच तो कहीं पर तीन वर्षों से ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। ऐसे में हाल-फिलहाल शुद्ध पेयजलापूर्ति की उम्मीद करना बेमानी है। - चंद्रभान सिंह, हरहरी

योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। जबकि जिले में योजना के शुरू हुए छह वर्ष हो चुके हैं। इसके बाद भी अधिकांश घरों में पानी नहीं पहुंचा है। - अमित यादव, हसनपुर

कहीं पाइप लाइन तो कहीं पर ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य अधूरा है। इससे पता चलता है कि विभाग के कार्यों की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर नहीं हो रही है। - सतीश पांडेय, तियरा
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जल जीवन मिशन योजना में बजट रोड़ा बन रहा है। समय से बजट जारी न होने के कारण कई जगह कार्य अधूरे पड़े हुए हैं। इसके बावजूद कार्य में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है।- राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण


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मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

मनिहारी में नल का टोटी खोलकर पानी आने का इंतजार करतीं महिलाएं। संवाद

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