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जेई टीकाकरण अभियान का हुआ शुभारंभ
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आजमगढ़। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जापानी इंसेफ्लाइटिस टीकाकरण अभियान का शुभारंभ सोमवार को सीएमओ डा. वीके अग्रवाल ने एक बच्चे को महिला अस्पताल में दवा पिलाकर किया। यह अभियान आठ मार्च तक चलेगा।
सीएमओ ने बताया कि इस अभियान के तहत एक वर्ष से 15 वर्ष तक के उन सभी बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा, जो किसी भी कारण से जेई टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। इस अभियान के तहत सभी उच्च जोखिम एरिया जैसे ईंट भट्ठे, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले सभी बच्चों का विशेष ध्यान देते हुए टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में 1.07 लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है। अभियान की सफलता के लिए 4620 सत्रों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के संचालन के लिए 462 टीमें, 88 सेक्टर पर्यवेक्षक की टीम गठित की गई है।
सीएमओ ने बताया कि इस अभियान के संचालन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रोगों और गंभीर बीमारियों से बचाना है। एसीएमओ डा. संजय ने बताया कि संक्रमण के बाद बीमारी का कोई विशेष इलाज नहीं है। लेकिन बीमारी का शुरू में ही पता चल जाने से उपचार जल्दी किया जाए तो ऐसी स्थिति में पीड़ितत बच्चे या व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इस मौके पर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. अमिता अग्रवाल, एसीएमओ डा. वाईके राय, एसीएमओ डा. परवेज अख्तर, सुशील पांडेय, प्रशांत सोनकर, पूनम शुक्ला आदि उपस्थित थी।
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सीएमओ ने बताया कि इस अभियान के तहत एक वर्ष से 15 वर्ष तक के उन सभी बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा, जो किसी भी कारण से जेई टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। इस अभियान के तहत सभी उच्च जोखिम एरिया जैसे ईंट भट्ठे, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले सभी बच्चों का विशेष ध्यान देते हुए टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में 1.07 लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है। अभियान की सफलता के लिए 4620 सत्रों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के संचालन के लिए 462 टीमें, 88 सेक्टर पर्यवेक्षक की टीम गठित की गई है।
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सीएमओ ने बताया कि इस अभियान के संचालन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रोगों और गंभीर बीमारियों से बचाना है। एसीएमओ डा. संजय ने बताया कि संक्रमण के बाद बीमारी का कोई विशेष इलाज नहीं है। लेकिन बीमारी का शुरू में ही पता चल जाने से उपचार जल्दी किया जाए तो ऐसी स्थिति में पीड़ितत बच्चे या व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इस मौके पर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. अमिता अग्रवाल, एसीएमओ डा. वाईके राय, एसीएमओ डा. परवेज अख्तर, सुशील पांडेय, प्रशांत सोनकर, पूनम शुक्ला आदि उपस्थित थी।
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