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Azamgarh News: घट गए सात हजार मजदूर, अभी भी 41 पोखरों की चल रही खोदाई
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वीबीजी-रामजी (विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन) के तहत बारिश के बीच पोखरों समेत अन्य मिट्टी के कार्य कराए जाने का मामला सामने आने के बाद एक सप्ताह में मनरेगा जैसे कार्यों में लगे मजदूरों की संख्या करीब सात हजार घट गई है।
इसके बावजूद जिले की 38 ग्राम पंचायतों में 41 पोखरों की खोदाई अब भी जारी है। इन पोखरों की खोदाई में शुक्रवार को 1222 मजदूरों की हाजिरी लगाई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीडीओ ने सभी विकास खंडों से चल रहे कार्यों की सूची तलब की है। साथ ही प्रत्येक कार्य की जांच के निर्देश दिए हैं।
जिले में इस वर्ष अब तक 600 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। बारिश के कारण खेतों और पोखरों में पानी भरा है। इसके बावजूद कई स्थानों पर पोखरी खोदाई, बाहा खोदाई, चकबंध निर्माण और खेतों के समतलीकरण जैसे मिट्टी के कार्य कराए जा रहे थे।
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तीन सितंबर को जिले में 24 हजार से अधिक जॉबकार्ड धारकों की हाजिरी लगाई गई थी। इससे प्रदेश में रोजगार देने के आंकड़ों में आजमगढ़ पहले पायदान पर पहुंच गया था।
अमर उजाला ने बारिश के बीच इन कार्यों और हाजिरी के आंकड़ों में गड़बड़ी का मामला प्रमुखता से उजागर किया था। इसके बाद कई ग्राम पंचायतों में काम बंद कर दिए गए और हाजिरी में भी कमी आई।
शुक्रवार को जिले में कुल 17035 मजदूरों को काम पर दिखाया गया। हालांकि, इनमें 41 पोखरों पर काम कर रहे 1222 मजदूर भी शामिल हैं। मामला सामने आने के बाद अब विकास विभाग ने कार्यों की वास्तविक स्थिति की पड़ताल शुरू की है।
डीडीओ ने सभी ब्लॉकों से कार्यवार रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को मौके पर जाकर एक-एक कार्य की जांच करने और बारिश के बीच काम कराए जाने की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन कार्यों की वास्तव में जरूरत थी और किन स्थानों पर सिर्फ कागजों में मजदूरों की हाजिरी लगाई गई।
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पोखरों की खोदाई में अभी भी ठेकमा आगे
जिले में एक सप्ताह पूर्व तक कुल 118 पोखरों की खोदाई चल रही थी। मामला उजागर होने के बाद एक-एक कर पोखरे बंद होते गए। शुक्रवार को 41 पोखरों की खोदाई अभी भी कागजों में चलती रही। इसमें ठेकमा सबसे आगे रहा। यहां कुल 15 पोखरे अभी भी कागजों में खोदे जा रहे हैं। वहीं, अहरौला, महाराजगंज, मोहम्मदपुर, पल्हना, पवई में एक-एक पोखरों की खोदाई चलती रही, जबकि अजमतगढ़ व जहानागंज में 4-4, लालगंज में 3, मेंहनगर में 5, तहबरपुर में 2, तरवां में 3 पोखरे कागजों में जल संचयन का कार्य करते रहे।
-- -- -- वर्जन
बारिश के सीजन में मिट्टी के कार्य अनुमन्य नहीं हैं। सभी विकास खंडों से उनके चल रहे कार्यों की सूची मांगी गई है। साथ ही इस पर हुए भुगतान, एमबी आदि को भी तलब किया गया है। एक-एक कार्य की जांच होगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई की जाएगी। -संजय कुमार सिंह, डीडीओ।
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इसके बावजूद जिले की 38 ग्राम पंचायतों में 41 पोखरों की खोदाई अब भी जारी है। इन पोखरों की खोदाई में शुक्रवार को 1222 मजदूरों की हाजिरी लगाई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीडीओ ने सभी विकास खंडों से चल रहे कार्यों की सूची तलब की है। साथ ही प्रत्येक कार्य की जांच के निर्देश दिए हैं।
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जिले में इस वर्ष अब तक 600 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। बारिश के कारण खेतों और पोखरों में पानी भरा है। इसके बावजूद कई स्थानों पर पोखरी खोदाई, बाहा खोदाई, चकबंध निर्माण और खेतों के समतलीकरण जैसे मिट्टी के कार्य कराए जा रहे थे।
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तीन सितंबर को जिले में 24 हजार से अधिक जॉबकार्ड धारकों की हाजिरी लगाई गई थी। इससे प्रदेश में रोजगार देने के आंकड़ों में आजमगढ़ पहले पायदान पर पहुंच गया था।
अमर उजाला ने बारिश के बीच इन कार्यों और हाजिरी के आंकड़ों में गड़बड़ी का मामला प्रमुखता से उजागर किया था। इसके बाद कई ग्राम पंचायतों में काम बंद कर दिए गए और हाजिरी में भी कमी आई।
शुक्रवार को जिले में कुल 17035 मजदूरों को काम पर दिखाया गया। हालांकि, इनमें 41 पोखरों पर काम कर रहे 1222 मजदूर भी शामिल हैं। मामला सामने आने के बाद अब विकास विभाग ने कार्यों की वास्तविक स्थिति की पड़ताल शुरू की है।
डीडीओ ने सभी ब्लॉकों से कार्यवार रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को मौके पर जाकर एक-एक कार्य की जांच करने और बारिश के बीच काम कराए जाने की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन कार्यों की वास्तव में जरूरत थी और किन स्थानों पर सिर्फ कागजों में मजदूरों की हाजिरी लगाई गई।
पोखरों की खोदाई में अभी भी ठेकमा आगे
जिले में एक सप्ताह पूर्व तक कुल 118 पोखरों की खोदाई चल रही थी। मामला उजागर होने के बाद एक-एक कर पोखरे बंद होते गए। शुक्रवार को 41 पोखरों की खोदाई अभी भी कागजों में चलती रही। इसमें ठेकमा सबसे आगे रहा। यहां कुल 15 पोखरे अभी भी कागजों में खोदे जा रहे हैं। वहीं, अहरौला, महाराजगंज, मोहम्मदपुर, पल्हना, पवई में एक-एक पोखरों की खोदाई चलती रही, जबकि अजमतगढ़ व जहानागंज में 4-4, लालगंज में 3, मेंहनगर में 5, तहबरपुर में 2, तरवां में 3 पोखरे कागजों में जल संचयन का कार्य करते रहे।
बारिश के सीजन में मिट्टी के कार्य अनुमन्य नहीं हैं। सभी विकास खंडों से उनके चल रहे कार्यों की सूची मांगी गई है। साथ ही इस पर हुए भुगतान, एमबी आदि को भी तलब किया गया है। एक-एक कार्य की जांच होगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, कार्रवाई की जाएगी। -संजय कुमार सिंह, डीडीओ।