{"_id":"56e445e64f1c1b2e6f8b456b","slug":"disease-increased-with-increasing-pollution","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण बढ़ने के साथ ही बढ़ती गई बीमारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूषण बढ़ने के साथ ही बढ़ती गई बीमारियां
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 12 Mar 2016 10:08 PM IST
विज्ञापन
िुरपु
- फोटो : getty images
एनसीआर में विकास का पहिया जितनी तेजी से चला, पर्यावरण उतनी ही तेजी से बिगड़ता गया। दिल्ली से कारखानों, पुराने वाहनों और डेयरियों के बाहर निकाले जाने पर एनसीआर पर प्रदूषण का दबाव और बढ़ गया। हालत को बिगाड़ने में घटती हरियाली भी मुख्य कारण रही।
विज्ञापन
मौजूदा समय में गाजियाबाद की हवा सांस लेने लायक नहीं है। यहां तक कि लखनऊ और कानपुर से भी ज्यादा प्रदूषित हवा एनसीआर में है। इससे बीमारियों ने लोगों को घेर लिया है। वर्ष 2008 के बाद जिस तेजी से वायु प्रदूषण बढ़ा है, उससे आने वाले दिनों में यहां सांस लेना मुश्किल हो जाएगा।
विज्ञापन
यही हाल जल प्रदूषण का भी है। एनसीआर में बड़ी नदियों में प्रदूषण के चलते पानी की हालत नालों जैसी हो गई है। जिस हिंडन नदी में 1995 में लोग स्नान किया करते थे, वहीं पर अब उसके पानी का स्पर्श ही चर्म रोग पैदा कर देता है।
विज्ञापन
गाजियाबाद सहित एनसीआर में सबसे ज्यादा प्रदूषण वायु में हुआ है। देश में जहां वायु प्रदूषण का वार्षिक औसत 60 माइक्रोग्राम/घनमीटर है, वहीं पर एनसीआर में यह 350 है। पिछले वर्ष पर्यावरण मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट केअनुसार गाजियाबाद व एनसीआर का एयर पोल्यूशन बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते यहां मानव स्वास्थ्य को खतरा बढ़ता जा रहा है।