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नार्सिंग होम सीज, जांच में मिली गड़बड़ी

अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात Updated Sun, 21 May 2017 12:55 AM IST
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अस्पताल सीज
अस्‍पताल सीज - फोटो : amarujala

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कानपुर देहात।  जच्चा और बच्चा की मौत के बाद डिप्टी सीएमओ की जांच में अकबरपुर स्थित नर्सिंग होम मानक विहीन मिला। एसडीएम ने शुक्रवार की देररात ही नर्सिंग होम को सीज कर दिया। वहीं, अस्पताल संचालक जांच टीम को कोई भी अभिलेख नहीं दिखा सका। वहीं, विस्तृत जांच के लिए अब सीएमओ टीम गठित करेंगी।
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 बता दें कि अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के कुईत मंदिर गांव के शत्रुघ्न सिंह की पत्नी सुशीला सोनी (32) को प्रसव पीड़ा होने पर आशा अनीता दुबे ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद वहां से मां हास्पिटल के कर्मियों ने सांठगांठ कर उसे अपने नर्सिंग होम ले गए थे। वहां आपरेशन के दौरान जच्चा व बच्चा की मौत हो गई थी। परिजनों ने हंगामा किया था।

 
महिला के पति की तहरीर पर अस्पताल के तीन डाक्टरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। साथ ही डिप्टी सीएमओ एमके जतारिया से अस्पताल की जांच शुरू कराई गई थी।

जांच करने के बाद डिप्टी सीएमओ ने शुक्रवार की रात में ही रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी थी। एसडीएम ने अस्पताल के मरीजों को जिला अस्पताल भिजवाने के बाद उसे सीज कर दिया। डिप्टी सीएमओ एमके जटारिया ने बताया कि जांच के दौरान अस्पताल संचालक किशन पाल व अमित पाल कोई अभिलेख नहीं दिखा पाए।

विस्तृत जांच के लिए सीएमओ को रिपोर्ट भेजी गई है। एसडीएम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बिना अनुमति के अस्पताल संचालित होने की बात सामने आई है। जिससे उसे सीज कर दिया गया है। सीएमओ अपने स्तर से कई बिंदुओं की जांच करवाएंगी।

प्रसूता पर भारी पड़ी आशा की मिलीभगत
कानपुर देहात। जिला अस्पताल में हावी नर्सिंग होम के दलालों के नेटवर्क में आशाओं की भूमिका मुख्य हैं। आशाएं गांव से मरीज लेकर जिला अस्पताल आती हैं। यहां से जांच करवाने के बाद मरीज के परिजनों को समझाकर नर्सिंग होम में भर्ती करवाने का सुझाव देती हैं।

कुईत मंदिर गांव की गर्भवती सुशीला को आशा बहू अनीता गुरुवार की शाम 7 बजे लेकर जिला अस्पताल पहुंची। यहां पर उसकी जांच की गई तो बताया गया कि प्रसव में अभी कुछ समय लगेगा। थोड़ी देर बाद आशा ने प्रसूता के पति को समझाया कि यहां पर अच्छा इलाज नहीं होता है। नर्सिंग होम में ले चलो, वहां अच्छे से सब हो जाएगा।

इसके बाद सुशीला के पति अस्पताल में हस्ताक्षर करके उसे मां अस्पताल में उसे भर्ती करवा दिया। वहां जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। बता दें कि कुछ माह पहले समर्थ हास्पिटल में एक प्रसूता की मौत हुई थी। वहां भी प्रसूता जिला अस्पताल की ओटी से चलकर उक्त अस्पताल में आ गई थी। जिला अस्पताल में आने वाली आशा बहुओं का नेटवर्क नर्सिंग होम से जुड़े होने से प्रसूताओं की जान जा रही हैं।

जिला अस्पताल महिला की सीएमएस डा. अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि आशा बहुओं की भूमिका की जांच के लिए डीएम और सीएमओ को पत्र लिखा गया  है। यही लोग मरीजों को भड़का कर ले जाती हैं यह बड़ा दुर्भाग्य है।

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