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रंजिश में युवक की पीट-पीटकर हत्या

Tue, 11 Jun 2019 01:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2019 01:44 AM IST
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घाटमपुर/सजेती(कानपुर)। आपसी रंजिश में थाना सजेती के बदले-सिमनापुर गांव में बीते रविवार की देररात एक युवक की लात-घूसों और डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक के पिता की तहरीर पर एक ही परिवार के चार लोगों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। आरोपी मजदूरी का काम करते हैं।
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गांव निवासी बद्रीप्रसाद निषाद ने बताया कि बीते रविवार की रात उसका पुत्र अनिल निषाद (25) अपने घर के बाहर लेटा था। तभी पड़ोसी अखिलेश निषाद, उसकी मां शांति देवी, परसोले उर्फ परशुराम निषाद और दिनेश निषाद ने उसको घेरकर लात-घूसों, जूतों और डंडों से पीटा जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मारपीट करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इधर, झगड़े की सूचना पर देररात यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन, समय पर उपचार न मिलने से अनिल की करीब 12.30 बजे रात में मौके पर ही मौत हो गई।
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बदले-सिमनापुर गांव में युवक की पीटकर हत्या किए जाने की सूचना पर सीओ शैलेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिशें देनी शुरू कीं। जबकि, युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई भी शुरू की। सोमवार की सुबह मृतक के पिता बद्रीप्रसाद की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। बद्रीप्रसाद ने बताया कि आरोपियों ने उसके बेटे के ऊपर घर पर ईंट-पत्थर फेंकने और गाली-गलौज करने का आरोप लगाकर मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गई।
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सीओ शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक मानसिक रूप से बीमार था। पड़ोसियों और गांववालों के मुताबिक वह अक्सर उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और घरों पर पथराव करता था। जिससे परेशान होकर आरोपियों ने उसकी जमकर पिटाई की जिससे उसकी मौत हो गई। सीओ ने गांव में किसी तनाव जैसी स्थिति से इंकार किया।



समय पर उपचार मिलने से बच सकती थी जान
घाटमपुर। बदले-सिमनापुर गांव में झगड़े की सूचना पाकर यूपी 100 पुलिस मौके पर गई। उस समय अनिल घायल पड़ा हुआ था। लेकिन, पुलिस ने उसको तत्काल अस्पताल पहुंचाने की जगह आरोपियों की खोजबीन करने में समय गवां दिया जिससे अनिल की मौत हो गई। सीओ शैलैंद्र सिंह ने माना कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद अनिल की जान बच सकती थी। उन्होंने यूपी 100 पुलिस की इस लापरवाही पर अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।

सीओ ने बताया कि दो दिन पहले भी मृतक अनिल निषाद ने पड़ोसियों के घर पर पथराव किया था। जिसपर पुलिस ने उनके खिलाफ शांतिभंग की आशंका की कार्रवाई की थी। बताया कि अनिल की शादी हो चुकी थी लेकिन, पत्नी उसकी हरकतों से तंग होकर मायके चली गई थी। जबकि, उसके मां-बाप भी बाहर रहते हैं।
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