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Firozabad News: रपड़ी में माहौल मिला बेहतर तो बढ़ने लगा पक्षियों और जीवों का कुनबा

Thu, 06 Mar 2025 12:21 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Thu, 06 Mar 2025 12:21 AM IST
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When the environment got better in Rapadi, the population of birds and creatures started increasing.
रपड़ी के वन क्षेत्र में रिकार्ड की गई विलुप्त प्रजाति का पक्षी। - फोटो : रपड़ी के वन क्षेत्र में रिकार्ड की गई विलुप्त प्रजाति का पक्षी।
फिरोजाबाद। अनुकूल माहौल विकसित होने के बाद जिले के वन क्षेत्र रपड़ी में पक्षियों व जलीय जीवों का कुनबा भी बढ़ने लगा है। जनवरी-फरवरी में हुए सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक ईको पर्यटन स्थल रपड़ी में यमुना तट के आसपास 50 से अधिक प्रजाति के पक्षियों व जलीय जीवों की आवाजाही हो दिखने लगी है। कई विलुप्त व दुर्लभ श्रेणी के पक्षियों ने प्रवास के लिए घोसले भी बना लिए हैं।वन विभाग द्वारा पर्यावरण को बढ़ावा देने एवं वन क्षेत्र विस्तारीकरण के उद्देश्य से रपड़ी में ईको पर्यटन केंद्र विकसित किया है। यमुना नदी से सटे ईको पर्यटन केंद्र पर रोपित खास किस्म के पौधे अब पेड़ों की शक्ल अख्तियार कर चुके हैं। इन्हीं पेड़-पौधों की टहनियाें को दुर्लभ और विलुप्त प्रजाति के पक्षियों ने अपना बसेरा बना लिया है। वहीं यमुना नदी के तट पर नियमित सफाई व कटान कम हाेने के कारण जलीय जीवों की संख्या भी बढ़ गई है। बीते जनवरी-फरवरी में वन विभाग द्वारा एक निजी संस्था से कराए सर्वे रिपोर्ट के तथ्य जिला वासियों के लिए खुशी का कारण बन सकते हैं। कारण ईको पर्यटन केंद्र रपड़ी के इर्द-गिर्द करीब तीन किलोमीटर के दायरे में 50 से अधिक प्रजाति के पक्षी व जलीय जीव दिखाई दिए हैं।
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सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक रपड़ी दर्ज हुई इन पक्षियों की आमद-
निजी संस्था बीआरडीएस के माध्यम से कराये सर्वे के मुताबिक रपड़ी के जंगलों में इन दिनों इजिप्सियन वल्चर, हम्स बार्वलर, रेड फ्लाई कैचर, ग्रे फ्रेकलिन, स्पॉटेड आऊकेल, लाफिंग डव के अलावा मगरमच्छ और कछुआ के अलावा कीटवर्ग में शामिल विभिन्न प्रजाति तितलियां हवा में अठखेलियां करतीं नजर आ रहीं हैं।
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विशेषज्ञ की बात-
रपड़ी तीन प्रकार के वन क्षेत्र के अलावा जलीय ईको सिस्टम विकसित है।इस प्रकार के प्राकृतिक स्थलों पर जैव विविधता उच्च स्तरीय होती है। यह परिस्थितियां पक्षियों व जलीय जीवों के रहवास के लिए प्रेरित करतीं हैं। - अनुज कुमार शोधार्थी बीआरडीएस, पर्यावरण विज्ञानी
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अधिकारी की बात
रपड़ी में बीते जनवरी से फरवरी 2024 तक सर्वे कराया है। सर्वे रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक रपड़ी में 28 प्रजाति की वाटर बर्ड, स्थानीय प्रजाति की 28 नस्ल के पक्षी रिकार्ड किये गये हैं। इसके अलावा कई किस्म की तितलियां भी दिखाई दे रहीं हैं।
श्यामू सिंह क्षेत्रीय वनाधिकारी शिकोहाबाद रेंज
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