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जब नीर बनेगा ‘क्षीर’ तभी खत्म होगी ‘पीर’
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Sat, 13 May 2017 11:06 PM IST
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संत नगर में दूषित पेयजल से फैल रही बीमारियां।
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गर्मी का मौसम आते ही नगर के विभिन्न क्षेत्रों के साथ मलिन बस्तियों में डायरिया का प्रकोप बढ़ जाता है। इसके निवारण के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मलिन बस्तियों और अन्य क्षेत्रों में एक सर्वे किया। सर्वे की रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। इसमें टीम ने बताया है कि पेयजल पाइप में नालियों का पानी सप्लाई हो रहा है। वहीं, लोग प्लास्टिक से पाइपों को बांध कर सप्लाई ले रहे हैं। इससे डायरिया महामारी का रूप ले रही है। सर्वे रिपोर्ट नगर निगम को सौंप दी गई है। साथ ही संक्रामक बीमारियों पर अंकुश के लिए निराकरण करने को कहा है। सर्वे की एक रिपोर्ट शासन को भी भेजी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मलिन बस्तियों में महामारी फैलने का कारण दूषित जल है। इन बस्तियों में अधिकतर प्लास्टिक और रबर के पाइपों से पानी की सप्लाई की जा रही है, जो लीक होने के कारण रबर से या कपडे़, पॉलीथिन आदि से बांधे गए हैं। ये पाइप लाइनें नालियों से गुजरती हैं। कुछ जगहों पर नाली के पास ही पानी भरने की व्यवस्था है।
इन मलिनबस्तियों में किया सर्वे
संतनगर, कौशल्या नगर, हिमांयूपुर, सैलई, रसूलपुर, सत्यनगर, टापा, आसफाबाद आदि के सर्वे के लिए सीएमओ डा. एसके दीक्षित, डा. आरएन गुप्ता रहे।
नगर निगम को यह व्यवस्था करने के दिए निर्देश
- जलकल विभाग को पाइप लाइनों को नियमित जांच कर ठीक कराकर सप्लाई के निर्देश दिए गए हैं।
- पानी की पाइप लाइनों को नाली से 1.5 फीट दूर रखा जाए।
- समय-समय पर ओटी टेस्ट कराया जाए। कीट नाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए।
- खाद्य विभाग द्वारा समय समय पर खाद्य पदार्थों का परीक्षण किया जाए।
कोट
जांच रिपोर्ट नगर निगम और शासन को भेज दी है। मलिन बस्तियों का स्वास्थ्य लिहाज के हिसाब से खराब है। हमने पाइप लाइन को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम को कहा है।
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डा. एसके दीक्षित, सीएमओ
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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मलिन बस्तियों में महामारी फैलने का कारण दूषित जल है। इन बस्तियों में अधिकतर प्लास्टिक और रबर के पाइपों से पानी की सप्लाई की जा रही है, जो लीक होने के कारण रबर से या कपडे़, पॉलीथिन आदि से बांधे गए हैं। ये पाइप लाइनें नालियों से गुजरती हैं। कुछ जगहों पर नाली के पास ही पानी भरने की व्यवस्था है।
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इन मलिनबस्तियों में किया सर्वे
संतनगर, कौशल्या नगर, हिमांयूपुर, सैलई, रसूलपुर, सत्यनगर, टापा, आसफाबाद आदि के सर्वे के लिए सीएमओ डा. एसके दीक्षित, डा. आरएन गुप्ता रहे।
नगर निगम को यह व्यवस्था करने के दिए निर्देश
- जलकल विभाग को पाइप लाइनों को नियमित जांच कर ठीक कराकर सप्लाई के निर्देश दिए गए हैं।
- पानी की पाइप लाइनों को नाली से 1.5 फीट दूर रखा जाए।
- समय-समय पर ओटी टेस्ट कराया जाए। कीट नाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए।
- खाद्य विभाग द्वारा समय समय पर खाद्य पदार्थों का परीक्षण किया जाए।
कोट
जांच रिपोर्ट नगर निगम और शासन को भेज दी है। मलिन बस्तियों का स्वास्थ्य लिहाज के हिसाब से खराब है। हमने पाइप लाइन को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम को कहा है।
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डा. एसके दीक्षित, सीएमओ