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सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा, खुले बाजार में गेहूं बेच रहे किसान
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सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा, खुले बाजार में गेहूं बेच रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। गेहूं खरीद के लिए बनाए गए सरकारी केंद्रों पर अभी सन्नाटा है। किसान खुले बाजार में गेहूं की बिक्री के लिए पहुंच रहे हैं। कारण सरकारी रेट से उन्हें अधिक दाम खुले बाजार में मिल रहे हैं। जिले में प्रशासन ने 63 खरीद केंद्र बनाए हैं। सरकारी केंद्रों पर गेहूं खरीद का रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि खुले बाजार में 2075 से लेकर 2125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जा रही है। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री के दौरान ऑनलाइन पंजीकरण और तुरंत नकद पैसा न मिलने का भी झंझट है।
जिले में सरकारी केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होनी थी। लेकिन दस दिन बीतने के बाद 63 केंद्रों पर खरीद शून्य है। सोमवार को कोटला रोड मंडी समिति में सरकारी खरीद केंद्र पर सन्नाटा दिखा। जबकि आढ़तियों के यहां 2075 से लेकर 2125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बिक रहा था। जसराना मंडी में आढ़त चलाने वाले राजेश कुमार का कहना है किसान नकद भुगतान के कारण खुले बाजार में बिक्री कर रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता के गेहूं व्यापारी हाथोंहाथ खरीद रहे हैं।
किसानों की मंशा अपनी उपज का तुरंत भुगतान लेने की रहती है। वैसे भी अभी खुले बाजार में गेेहूं के भाव ठीक मिल रहे हैं। सरकारी खरीद केंद्र पर 2015 रेट है वहीं खुले बाजार में 2075 से लेकर 2125 रुपये तक प्रति क्विंटल भाव है। इसके कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर जाने से किसान बच रहे हैं।
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अवनीश शर्मा, आढ़तिया
सरकारी केंद्रों पर फसल बिक्री को पंजीकरण कराने से लेकर भुगतान मिलने तक 20 दिन लगते हैं। दूसरे खुले बाजार में गेहूं की कीमत सरकारी क्रय केंद्रों से अधिक मिल रही है। भुगतान तुरंत मिल रहा है। इस लिए किसान खुले बाजार की ओर रुख करने को मजबूर है।
सर्वेश राजपूत, किसान हाथवंत
गेहूं की खरीद के लिए 63 सरकारी केंद्र एक अप्रैल से खोले जा चुके हैं। लेकिन किसी भी केंद्र से गेेहूं खरीद की सूचना नहीं आई है। संभवत: किसानों ने अभी अपनी उपज को रोक रखा हो। वैैसे गर्मी के कारण बडे़ किसान मंडी आने से कतरा रहे हैं।
गोरखनाथ यादव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। गेहूं खरीद के लिए बनाए गए सरकारी केंद्रों पर अभी सन्नाटा है। किसान खुले बाजार में गेहूं की बिक्री के लिए पहुंच रहे हैं। कारण सरकारी रेट से उन्हें अधिक दाम खुले बाजार में मिल रहे हैं। जिले में प्रशासन ने 63 खरीद केंद्र बनाए हैं। सरकारी केंद्रों पर गेहूं खरीद का रेट 2015 रुपये प्रति क्विंटल है। जबकि खुले बाजार में 2075 से लेकर 2125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जा रही है। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री के दौरान ऑनलाइन पंजीकरण और तुरंत नकद पैसा न मिलने का भी झंझट है।
जिले में सरकारी केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होनी थी। लेकिन दस दिन बीतने के बाद 63 केंद्रों पर खरीद शून्य है। सोमवार को कोटला रोड मंडी समिति में सरकारी खरीद केंद्र पर सन्नाटा दिखा। जबकि आढ़तियों के यहां 2075 से लेकर 2125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बिक रहा था। जसराना मंडी में आढ़त चलाने वाले राजेश कुमार का कहना है किसान नकद भुगतान के कारण खुले बाजार में बिक्री कर रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता के गेहूं व्यापारी हाथोंहाथ खरीद रहे हैं।
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किसानों की मंशा अपनी उपज का तुरंत भुगतान लेने की रहती है। वैसे भी अभी खुले बाजार में गेेहूं के भाव ठीक मिल रहे हैं। सरकारी खरीद केंद्र पर 2015 रेट है वहीं खुले बाजार में 2075 से लेकर 2125 रुपये तक प्रति क्विंटल भाव है। इसके कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर जाने से किसान बच रहे हैं।
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अवनीश शर्मा, आढ़तिया
सरकारी केंद्रों पर फसल बिक्री को पंजीकरण कराने से लेकर भुगतान मिलने तक 20 दिन लगते हैं। दूसरे खुले बाजार में गेहूं की कीमत सरकारी क्रय केंद्रों से अधिक मिल रही है। भुगतान तुरंत मिल रहा है। इस लिए किसान खुले बाजार की ओर रुख करने को मजबूर है।
सर्वेश राजपूत, किसान हाथवंत
गेहूं की खरीद के लिए 63 सरकारी केंद्र एक अप्रैल से खोले जा चुके हैं। लेकिन किसी भी केंद्र से गेेहूं खरीद की सूचना नहीं आई है। संभवत: किसानों ने अभी अपनी उपज को रोक रखा हो। वैैसे गर्मी के कारण बडे़ किसान मंडी आने से कतरा रहे हैं।
गोरखनाथ यादव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी