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पशुओं के टीकाकरण को नहीं मिली वैक्सीन, खुरपका का खतरा बढ़ा
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फिरोजाबाद। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अक्तूबर में पशुओं को टीका लगाने का अभियान शुरू होना था, लेकिन जिले में अभी तक यह शुरू नहीं किया गया है। शासन स्तर से जिले को अभी वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस कारण पशुओं में खुरपका बीमारी होने का खतरा बढ़ रहा है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि अक्तूबर तक टीकाकरण कराने की योजना थी, लेकिन वैक्सीन न मिलने से अभियान शुरू नहीं हो सका है। 15 दिसंबर के बाद जिले में वैक्सीन आने की संभावना जताई जा रही है। करीब 8.10 लाख पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित है। गलाघोंटू की वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
ये हैं खुरपका रोग के लक्षण
जिला पशु चिकित्साधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पशु के मुंह से अत्यधिक लार का टपकना, जीभ और तालू पर छालों का उभरना, जुगाली बंद करना, दूध उत्पादन में कमी और गर्भपात होना आदि खुरपका के लक्षण हैं।
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ऐसे करें बचाव
रोग का पता लगने पर पशु और अन्य पशुओं से अलग रखें। दूध निकालने वाले व्यक्ति को हाथ और मुंह साबुन से धोने चाहिए। प्रभावित क्षेत्र को सोडियम कार्बोनेट के घोल से धोना चाहिए। चिकित्सकों की सलाह पर तुरंत टीका लगवाने के साथ नियमित उपचार कराएं। पशुओं को बांधने की जगह पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करना चाहिए।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि अक्तूबर तक टीकाकरण कराने की योजना थी, लेकिन वैक्सीन न मिलने से अभियान शुरू नहीं हो सका है। 15 दिसंबर के बाद जिले में वैक्सीन आने की संभावना जताई जा रही है। करीब 8.10 लाख पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित है। गलाघोंटू की वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
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ये हैं खुरपका रोग के लक्षण
जिला पशु चिकित्साधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पशु के मुंह से अत्यधिक लार का टपकना, जीभ और तालू पर छालों का उभरना, जुगाली बंद करना, दूध उत्पादन में कमी और गर्भपात होना आदि खुरपका के लक्षण हैं।
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ऐसे करें बचाव
रोग का पता लगने पर पशु और अन्य पशुओं से अलग रखें। दूध निकालने वाले व्यक्ति को हाथ और मुंह साबुन से धोने चाहिए। प्रभावित क्षेत्र को सोडियम कार्बोनेट के घोल से धोना चाहिए। चिकित्सकों की सलाह पर तुरंत टीका लगवाने के साथ नियमित उपचार कराएं। पशुओं को बांधने की जगह पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करना चाहिए।