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विश्वविद्यालयों में चलेगी ‘ग्रीन-क्लीन’ की मुहिम

Fri, 25 Mar 2016 10:49 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Fri, 25 Mar 2016 10:49 PM IST
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Universities will Start 'clean green' campaign
यूजीसी ने यूनिवर्सिटियों को नए दिशा निर्देश जारी किए हैं
विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसर में अब पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की पहल चलेगी। कॉलेज परिसर को हरा-भरा बनाया जाएगा। केवल सीएनजी, बायो फ्यूल, इलेक्ट्रिक और सोलर से चलने वाले वाहन विवि परिसर में आ सकेंगे। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उच्च शिक्षण संस्थानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी ने यह निर्देश जारी किए हैं।
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सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को ‘ग्रीन कैंपस’ में तब्दील करने की विशेष मुहिम के तहत यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को गाइड लाइन जारी की है। इसके तहत सभी को अपने परिसर को ग्रीन कैंपस के रूप में बदलने के लिए मास्टर प्लान तैयार करना होगा। पांच वर्ष के इस मास्टर प्लान में पेट्रोल और डीजल सहित अन्य परंपरागत ऊर्जा का उपयोग 25 फीसदी तक घटाने का लक्ष्य बताना होगा। ग्रीन कैंपस के लिए संस्थानों को केंद्रीय नवीन एवं नवीनीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। यह पहली बार है, जब यूजीसी ने इस तरह का कदम उठा रही है। इससे पहले यूजीसी ने वॉटर हार्वेस्टिंग को लेकर निर्देश दिए गए थे। नये निर्देशों के तहत संस्थानों को अपना मास्टर प्लान बनाकर केंद्रीय नवीन एवं नवीनीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजना होगा। एसआरके डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विपिन अग्रवाल ने कहा कि यूजीसी की पहल अच्छी है। पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जाएगा।
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पुराने कॉलेजों का ये करना होगा
- ऊर्जा और जल स्रोतों का ऑडिट कराना होगा।
- परिसर में स्ट्रीट लाइट पूरी तरह से नियंत्रण में होनी चाहिए।
- स्ट्रीट लाइट में ऐसे सेंसर हों, जो ऊर्जा की खपत को कम करने में मदद कर सकें।
- गैर परंपरागत ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देना होगा।
- मसलन, सोलर वॉटर हीटर, एयरकंडीशन, ड्रॉयर, पंप, सिग्नल आदि का इस्तेमाल करना होगा।
- छात्रवासों में सोलर कुकिंग सिस्टम का उपयोग करना होगा।
- इमारतों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना होगा।
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