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हीट स्ट्रोक और टाइफाइड कर रहा बेहाल: जरा सी लापरवाही आपको पहुंचा देगी अस्पताल, डॉक्टरों ने बताए बचाव के तरीके
Sun, 18 Jun 2023 06:54 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला, फिरोजाबाद
अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 18 Jun 2023 06:54 PM IST
सार
फिरोजाबाद में हीट स्ट्रोक और टाइफाइड लोगों को बेहाल कर रहा है। जरा सी लापरवाही आपको अस्पताल पहुंचा देगी। डॉक्टरों ने इससे बचाव के तरीके बताए। इन्हें अपनाकर आप भी बीमार होने से बच सकते हैं।
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फिरोजाबाद ! मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में भर्ती बच्चों का इलाज कराते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में गर्मी बढ़ने के साथ ही टाइफाइड के रोगी बढ़ने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हरदिन 15 से 20 टाइफाइड के मरीज पहुंच रहे हैं। वर्तमान में यहां टाइफाइड से पीड़ित 12 बच्चे भर्ती हैं। डॉक्टर बीमार होने के पीछे प्रमुख वजह दूषित खानपान बता रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि खानपान में सफाई का विशेष ध्यान रखें। वहीं सन बर्न और हीट स्ट्रोक के रोगियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
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सौ शैया अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि टाइफाइड एक बैक्टीरियल बीमारी है, जो आंतों पर असर करती है। गर्मियों में टाइफाइड के अधिक होने की प्रमुख वजह दूषित पेय पदार्थों का सेवन है। सड़क किनारे बिकने वाले जूस, गन्ने का रस, शिकंजी आदि में डाली जाने वाली बर्फ चीजों को ठंडा करने के लिए होती है, लेकिन जूस, रस और शिकंजी वाले उस बर्फ को पिलाने का काम करते हैं। यह एक वजह है टाइफाइड होने की।
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बताया कि इसके अलावा गर्मियों में भोजन जल्दी खराब होता है। ऐसे में बासी भोजन करने से भी टाइफाइड हो सकता है। जरूरी है कि ताजा भोजन करें और शीतल पेय पदार्थों का सेवन करते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें। उनकी यह भी सलाह है कि बाहर का खाने से बचा जाए। जितना भी हो घर पर बनी चीजें खाएं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में टाइफाइड के 12 बच्चों का उपचार चल रहे हैं। जिनमें शुरुआती लक्षण होते हैं, उनको दवा देकर घर भेज दिया जाता है।
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टाइफाइड के लक्षण
टाइफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है, जो 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक हफ्ते तक आता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण पाए जाते हैं।यह भी पढ़ेंः- शादी के बाद पता चला पत्नी का असली सच: पैरों तले खिसक गई जमीन, बोला- साहब! मेरी शादी महिला से नहीं बल्कि...
इन बातों का रखें ध्यान
- खाने से पहले या कुछ खाने के बाद हाथ जरूर धोएं।
- खाने को हमेशा ढककर रखें।
- खानपान में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- दरवाजों के हैंडल, टीवी का रिमोट, मोबाइल फोन आदि को भी साफ रखें।
- मरीज के कपड़े और बिस्तर की चादर भी प्रतिदिन बदलें।
- बच्चों को हमेशा टाइफाइड के मरीजों से दूर रखें।
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टाइफाइड के मरीजों के लिए खानपान
- टाइफाइड होने पर मरीज का वजन कम हो जाता है। ऐसे में वह हाई कैलोरी युक्त भोजन लें। वजन बढ़ाने के लिए रोटी, केला, उबला हुआ आलू अधिक खाएं।
- टाइफाइड में तेज बुखार और डायरिया होने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शरीर में तरल पदार्थ के स्तर में कमी होने से उपचार में समस्याएं आ सकती हैं। पर्याप्त पानी और ताजे फलों से तैयार जूस का सेवन अधिक करें।
- उबले हुए चावल और उबले आलू खाएं। इन्हें पचाना आसान होता है।
- अपने भोजन में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे फलियां, पनीर और दही शामिल करें। मांस के सेवन से परहेज करें, क्योंकि इसे पचाना आसान नहीं होगा।