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फोर्स को ठहराने के लिए मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं कॉलेज
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फिरोजाबाद। टूंडला विधानसभा उपचुनाव के लिए जिले में आने वाले केंद्रीय सुरक्षा बल को ठहराने के लिए कोरोना से बचाव का इंतजाम रखना है। कोरोना के मानकों को पूरा करते हुए कालेज खोजने में जिले के सात थानों की पुलिस को पसीना आ रहा है। क्योंकि मानक के हिसाब से कोई कालेज खरा नहीं उत पा रहा है। प्रशासन अन्य विकल्पों पर विचार करने को मजबूर हो गया है।
चुनाव कराने को बीस कंपनी सीपीएमएफ के साथ होमगार्ड एवं सुरक्षा कर्मियों को ठहराने को होटल, धर्मशाला, मैरिज होम के साथ कालेजों की तलाश की जा रही है। कोरोना संक्रमण के चलते बचाव के सभी इंतजाम के साथ ठहराने के निर्देश आयोग ने दिए हैं। एक कंपनी (सौ जवानों) को ठहराने के लिए दस कमरों की जरूरत होगी।
कमरे तो स्कूल कालेजों में आसानी से मिल रहे हैं, लेकिन एक कंपनी के लिए 15 शौचालय होना आवश्यक हैं जो नहीं मिल रहे। अधिकांश स्कूलों, कालेजों में आठ से दस शौचालय ही बने हैं। थाना प्रभारी, सीओ एवं एसपी सिटी ऐसे कालेजों की तलाश में जुटे हैं। यदि आधा-आधा कंपनी ठहराते हैं तो भोजन आदि की दिक्कत होगी क्योंकि एक कंपनी पर इनके मैस चलते हैं।
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टूंडला विधानसभा उपचुनाव को जिले में आने वाले फोर्स के लिए स्कूल, कॉलेज, होटल, मैरिज होमों के किो चिह्नित किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते दिए गए मानकों के कारण अधिक मंथन करना पड़ रहा है। एक कंपनी पर 15 शौचालय का मानक पूरा होता अधिकांश कालेजों में नहीं दिखाई दे रहा है। अन्य विकल्पों पर मंथन चल रहा है।
मुकेशचंद्र मिश्र, एसपी सिटी
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चुनाव कराने को बीस कंपनी सीपीएमएफ के साथ होमगार्ड एवं सुरक्षा कर्मियों को ठहराने को होटल, धर्मशाला, मैरिज होम के साथ कालेजों की तलाश की जा रही है। कोरोना संक्रमण के चलते बचाव के सभी इंतजाम के साथ ठहराने के निर्देश आयोग ने दिए हैं। एक कंपनी (सौ जवानों) को ठहराने के लिए दस कमरों की जरूरत होगी।
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कमरे तो स्कूल कालेजों में आसानी से मिल रहे हैं, लेकिन एक कंपनी के लिए 15 शौचालय होना आवश्यक हैं जो नहीं मिल रहे। अधिकांश स्कूलों, कालेजों में आठ से दस शौचालय ही बने हैं। थाना प्रभारी, सीओ एवं एसपी सिटी ऐसे कालेजों की तलाश में जुटे हैं। यदि आधा-आधा कंपनी ठहराते हैं तो भोजन आदि की दिक्कत होगी क्योंकि एक कंपनी पर इनके मैस चलते हैं।
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टूंडला विधानसभा उपचुनाव को जिले में आने वाले फोर्स के लिए स्कूल, कॉलेज, होटल, मैरिज होमों के किो चिह्नित किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते दिए गए मानकों के कारण अधिक मंथन करना पड़ रहा है। एक कंपनी पर 15 शौचालय का मानक पूरा होता अधिकांश कालेजों में नहीं दिखाई दे रहा है। अन्य विकल्पों पर मंथन चल रहा है।
मुकेशचंद्र मिश्र, एसपी सिटी