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ग्रीन बेल्ट स्थापना संबंधी घोषणा पत्र देने के बाद ही जारी होंगे जल व वायु सहमति पत्र
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फिरोजाबाद। टीटीजेड (ताज ट्रिपेजियम जोन) में संचालित सभी श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को जारी जल व वायु सहमति पत्र तभी जारी किया जाएगा जब ग्रीन बेल्ट स्थापना संबंधी घोषणा पत्र मुहैया कराया जाएगा। यही नहीं, सहमति पत्र के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वाली इकाइयों को ग्रीन बेल्ट के फोटोग्राफ भी आवेदन के साथ संलग्न करने होंगे।
टीटीजेड में पर्यावरण संतुलन के लिए सघन पौधरोपण पर एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अभिकरण) का फोकस है। एनजीटी ने सार्वजनिक स्थलों के अलावा औद्योगिक इकाइयों के आसपास व आंतरिक भाग में पौधरोपण कराने को कहा है। खास तौर पर तीन हजार वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों में संचालित इकाइयों को हर हाल में करीब दस से 20 मीटर की ग्रीन बेल्ट की स्थापना कराना अनिवार्य है। लेकिन औद्योगिक इकाइयों ने इनका पूर्णत: पालन नहीं किया।
23 जुलाई को हुई एनजीटी की बैठक में यह मुद्दा उठा। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी ग्रीन बेल्ट स्थापना संबंधी निर्देशों के पालन के लिए कड़ाई शुरू कर दी है। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार औद्योगिक इकाइयों के जल व वायु सहमति पत्रों का नवीनीकरण कराने से पूर्व ग्रीन बेल्ट स्थापना सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके लिए शर्त होगी कि इकाइयां नवीनीकरण के लिए जरूरी आवेदन प्रपत्र के साथ ग्रीन बेल्ट स्थापना से संबंधी घोषणा पत्र व फोटोग्राफ संलग्न करें।
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110 इकाइयां निशाने पर
जिले में संचालिर्त ईंट भट्ठा, साबुन निर्माण, कांच व हैंडीक्राफ्ट, आटा मिल के अलावा कोल्ड स्टोरेज को इकाई संचालन के लिए जल व वायु सहमति पत्र अपरिहार्य है। प्रत्येक इकाई को दो अथवा पांच वर्ष की अवधि के लिए सहमति पत्र जारी किए जाते हैं। 110 इकाइयां ऐसी हैं, जिनके सहमति पत्र नवीनकृत किए जाने हैं। विभाग अब ऐसी इकाइयों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
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टीटीजेड में पर्यावरण संतुलन के लिए सघन पौधरोपण पर एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अभिकरण) का फोकस है। एनजीटी ने सार्वजनिक स्थलों के अलावा औद्योगिक इकाइयों के आसपास व आंतरिक भाग में पौधरोपण कराने को कहा है। खास तौर पर तीन हजार वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों में संचालित इकाइयों को हर हाल में करीब दस से 20 मीटर की ग्रीन बेल्ट की स्थापना कराना अनिवार्य है। लेकिन औद्योगिक इकाइयों ने इनका पूर्णत: पालन नहीं किया।
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23 जुलाई को हुई एनजीटी की बैठक में यह मुद्दा उठा। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी ग्रीन बेल्ट स्थापना संबंधी निर्देशों के पालन के लिए कड़ाई शुरू कर दी है। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार औद्योगिक इकाइयों के जल व वायु सहमति पत्रों का नवीनीकरण कराने से पूर्व ग्रीन बेल्ट स्थापना सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके लिए शर्त होगी कि इकाइयां नवीनीकरण के लिए जरूरी आवेदन प्रपत्र के साथ ग्रीन बेल्ट स्थापना से संबंधी घोषणा पत्र व फोटोग्राफ संलग्न करें।
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110 इकाइयां निशाने पर
जिले में संचालिर्त ईंट भट्ठा, साबुन निर्माण, कांच व हैंडीक्राफ्ट, आटा मिल के अलावा कोल्ड स्टोरेज को इकाई संचालन के लिए जल व वायु सहमति पत्र अपरिहार्य है। प्रत्येक इकाई को दो अथवा पांच वर्ष की अवधि के लिए सहमति पत्र जारी किए जाते हैं। 110 इकाइयां ऐसी हैं, जिनके सहमति पत्र नवीनकृत किए जाने हैं। विभाग अब ऐसी इकाइयों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।