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शहर में खतरे के निशान को पार कर रहा प्रदूषण
Updated Tue, 08 Nov 2016 12:15 AM IST
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सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है।
- फोटो : अमर उजाला
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सुहागनगरी में प्रदूषण खतरे के निशान को भी पार कर गया है। सोमवार को यह खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। प्रदूषण का स्तर अब तक का सर्वाधिक 450 के प्लस का अनुमान है। लोगों का सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है।
आसमान पर प्रदूषण के रूप में जहर की परत छा गई है। आतिशबाजी ने प्रदूषण को कई गुना बढ़ाया। अब हजारों वाहन सड़क पर दौड़कर इसको और बढ़ा रहे हैं। दीपावली व दौज के दिन हाइवे सहित प्रमुख मार्गों पर वाहनों के दौड़ने से प्रदूषण का मानक खतरनाक स्तर पहुंच गया है। आसमान में ऐसी धुंध छाई है जो घनी होती जा रही है। पिछले तीन दिनों से शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदूषण का स्तर 300 था तो रविवार को 300 पार पर पहुंच गया। सोमवार को सुबह मौसम साफ था, दोपहर दो बजे के बाद एकदम से धुंध छा गई। लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। आंखों में जलन व पानी आने की शिकायत से राहगीर परेशान हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सोमवार को प्रदूषण का स्तर 450 प्लस रहने का अनुमान है, जो अबतक सर्वाधिक प्रदूषण माना जा रहा है।
छह साल में प्रदूषण का हाल
2011 - 207 माइक्रोग्राम
2012 - 205 माइक्रोग्राम
2013 - 241 माइक्रोग्राम
2014 - 285 माइक्रोग्राम
2015 - 212 माइक्रोग्राम
2016 - 296 माइक्रोग्राम
नोट-आंकड़े सीडीजीआई के रिकार्ड के मुताबिक
प्रदूषण बढ़ने का यह है मुख्य कारण
-खेतों में फसलों की कटाई से हवा में उड़ने वाले कण
-कूड़े को जलाने से प्रदूषण बढ़ता है
-सड़कों पर होने वाले निर्माण से उठते धूल के गुबार
-बड़ी मात्रा में पेड़-पौधों का कटान होना
-हाइवे पर हजारों की संख्या में दौड़ते वाहन
-बड़ी संख्या में धुआं उगलते डीजल चालित वाहन
क्या कहते हैं अफसर
प्रदूषण का स्टैंडर्ड मानक 100 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर है। आम दिनों में पीएम-10 का स्तर 200 से 300 के मध्य रहता है, परंतु दीपावली के बाद इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। मौसम खराब होने के कारण दो दिनों में पीएम-10 300 से ऊपर रहा। वहीं सोमवार को पीएम-10 450 से ऊपर रहने का अनुमान है।
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डा. विश्वनाथ शर्मा
क्षेत्रीय अधिकारी-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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आसमान पर प्रदूषण के रूप में जहर की परत छा गई है। आतिशबाजी ने प्रदूषण को कई गुना बढ़ाया। अब हजारों वाहन सड़क पर दौड़कर इसको और बढ़ा रहे हैं। दीपावली व दौज के दिन हाइवे सहित प्रमुख मार्गों पर वाहनों के दौड़ने से प्रदूषण का मानक खतरनाक स्तर पहुंच गया है। आसमान में ऐसी धुंध छाई है जो घनी होती जा रही है। पिछले तीन दिनों से शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदूषण का स्तर 300 था तो रविवार को 300 पार पर पहुंच गया। सोमवार को सुबह मौसम साफ था, दोपहर दो बजे के बाद एकदम से धुंध छा गई। लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। आंखों में जलन व पानी आने की शिकायत से राहगीर परेशान हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सोमवार को प्रदूषण का स्तर 450 प्लस रहने का अनुमान है, जो अबतक सर्वाधिक प्रदूषण माना जा रहा है।
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छह साल में प्रदूषण का हाल
2011 - 207 माइक्रोग्राम
2012 - 205 माइक्रोग्राम
2013 - 241 माइक्रोग्राम
2014 - 285 माइक्रोग्राम
2015 - 212 माइक्रोग्राम
2016 - 296 माइक्रोग्राम
नोट-आंकड़े सीडीजीआई के रिकार्ड के मुताबिक
प्रदूषण बढ़ने का यह है मुख्य कारण
-खेतों में फसलों की कटाई से हवा में उड़ने वाले कण
-कूड़े को जलाने से प्रदूषण बढ़ता है
-सड़कों पर होने वाले निर्माण से उठते धूल के गुबार
-बड़ी मात्रा में पेड़-पौधों का कटान होना
-हाइवे पर हजारों की संख्या में दौड़ते वाहन
-बड़ी संख्या में धुआं उगलते डीजल चालित वाहन
क्या कहते हैं अफसर
प्रदूषण का स्टैंडर्ड मानक 100 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर है। आम दिनों में पीएम-10 का स्तर 200 से 300 के मध्य रहता है, परंतु दीपावली के बाद इसमें लगातार इजाफा हो रहा है। मौसम खराब होने के कारण दो दिनों में पीएम-10 300 से ऊपर रहा। वहीं सोमवार को पीएम-10 450 से ऊपर रहने का अनुमान है।
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डा. विश्वनाथ शर्मा
क्षेत्रीय अधिकारी-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड