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शौचालय निर्माण में लापरवाही पर नारखी ताल्लुका के प्रधान के अधिकार सीज
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फिरोजाबाद। नारखी ब्लॉक में डीएम चंद्र विजय सिंह को सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही एवं वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं। इस पर उन्होंने ग्राम पंचायत नारखी ताल्लुका प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही उन्होंने गांव में विकास कार्यों और सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य की जांच के लिए कमेटी गठित की है।
ग्राम पंचायत नारखी ताल्लुका में 123 वंचित परिवारों में शौचालय निर्माण कराया जाना है। इसके लिए ग्राम निधि खाता संख्या 14 लाख, 76 हजार रुपये की धनराशि भी निर्गत की गई। वहीं, अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत में कुल 68 शौचालय बने मिले।
इनमें भी 24 के गड्ढे नहीं खोदे गए हैं। वहीं 22 अन्य निर्माणाधीन शौचालयों में एक-एक गढ्ढा बनाया गया। वहीं दो अधूरे मिले हैं। इसके अलावा शेष 25 का निर्माण अभी भी शुरू नहीं हुआ, जबकि प्रधान द्वारा ग्राम पंचायत को आवंटित 123 शौचालयों की संपूर्ण धनराशि आहरित कर ली गई है।
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छह जून 2020 को डीपीआरओ के निरीक्षण में भी कार्यों में कई वित्तीय खामियां मिलीं थीं। इस पर उन्होंने प्रधान प्रियंका बघेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया।
पंचायत राज विभाग की ओर से इस प्रकरण में एक रिपोर्ट डीएम चंद्र विजय सिंह को सौंपी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने गत दिनांक 23 सितंबर 2020 को जारी अपने आदेशों में ग्राम प्रधान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। मामले में जांच के लिए जिला क्रीड़ाधिकारी एवं सहायक अभियंता आरईडी को नामित किया है। पंचायत राज अधिकारी नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि कार्य में अनियमितता मिलने पर ग्राम प्रधान के अधिकारी सीज किए गए हैं।
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ग्राम पंचायत नारखी ताल्लुका में 123 वंचित परिवारों में शौचालय निर्माण कराया जाना है। इसके लिए ग्राम निधि खाता संख्या 14 लाख, 76 हजार रुपये की धनराशि भी निर्गत की गई। वहीं, अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत में कुल 68 शौचालय बने मिले।
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इनमें भी 24 के गड्ढे नहीं खोदे गए हैं। वहीं 22 अन्य निर्माणाधीन शौचालयों में एक-एक गढ्ढा बनाया गया। वहीं दो अधूरे मिले हैं। इसके अलावा शेष 25 का निर्माण अभी भी शुरू नहीं हुआ, जबकि प्रधान द्वारा ग्राम पंचायत को आवंटित 123 शौचालयों की संपूर्ण धनराशि आहरित कर ली गई है।
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छह जून 2020 को डीपीआरओ के निरीक्षण में भी कार्यों में कई वित्तीय खामियां मिलीं थीं। इस पर उन्होंने प्रधान प्रियंका बघेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया।
पंचायत राज विभाग की ओर से इस प्रकरण में एक रिपोर्ट डीएम चंद्र विजय सिंह को सौंपी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने गत दिनांक 23 सितंबर 2020 को जारी अपने आदेशों में ग्राम प्रधान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। मामले में जांच के लिए जिला क्रीड़ाधिकारी एवं सहायक अभियंता आरईडी को नामित किया है। पंचायत राज अधिकारी नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि कार्य में अनियमितता मिलने पर ग्राम प्रधान के अधिकारी सीज किए गए हैं।