{"_id":"614b646e8ebc3e02624d2b39","slug":"there-has-been-an-increase-in-the-packaging-and-processing-of-potato-chips-in-the-district-firozabad-news-agr508693043","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में आलू चिप्स की पैकेजिंग व प्रस्संकरण में आई तेजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में आलू चिप्स की पैकेजिंग व प्रस्संकरण में आई तेजी
विज्ञापन
फिरोजाबाद। जिले में सीडीओ चर्चित गौड़ के निर्देशन में शिकोहाबाद के दिखतौली में चिप्स इकाई का ट्रायल शुरू हो गया है। पैकेजिंग व्यवस्था के शुरू होने के साथ जिले में स्वयंसेवा महिला समूहों का आर्क ब्रांड नामक चिप्स शीघ्र बाजार में नजर आएगा।
सीडीओ चर्चित गौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंर्तगत गठित स्वयं सहायता समूह की महिला कृषकों को जोड़कर सुहागनगरी महिला प्रेरणा कृषक उत्पादन कंपनी के नाम से एफपीओ (फॉर्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन) का गठन किया है। एफपीओ का गठन करने के साथ ब्लॉक शिकोहाबाद के दिखतौली में इकाई की स्थापना की गई है। इकाई की संचालन के लिए 46 लाख रुपये व्यय किया जाना है। उन्होंने कहा कि 650 महिलाओं से तीन हजार प्रत्येक के हिसाब से 19.50 लाख रुपये और 22 लाख रुपये केनरा बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराया है।
इकाई के रखरखाव और प्रशिक्षण आदि पर होने वाला व्यय नाबार्ड द्वारा वहन किया जाएगा। इस समूह से अधिक महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। सीडीओ ने बताया कि पांच रुपये के चिप्स के पैकेट पर तीन रुपये 80 पैसा का लाभ कंपनी से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि चिप्स बनाने वाली मशीन से प्रतिदिन करीब चार क्विंटल आलू की खपत होगी।
विज्ञापन
एक घंटे में 50 किलोग्राम आलू के चिप्स तैयार होंगे। चिप्स की सप्लाई सभी सरकारी मीटिंगों के साथ समूह से जुड़ी महिलाओं के माध्यम से ग्रामीण अंचल में किया जाएगा। चिप्स फैक्ट्री के संचालन का प्रशिक्षण महिलाओं को दिया जाएगा।
विज्ञापन
सीडीओ चर्चित गौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंर्तगत गठित स्वयं सहायता समूह की महिला कृषकों को जोड़कर सुहागनगरी महिला प्रेरणा कृषक उत्पादन कंपनी के नाम से एफपीओ (फॉर्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन) का गठन किया है। एफपीओ का गठन करने के साथ ब्लॉक शिकोहाबाद के दिखतौली में इकाई की स्थापना की गई है। इकाई की संचालन के लिए 46 लाख रुपये व्यय किया जाना है। उन्होंने कहा कि 650 महिलाओं से तीन हजार प्रत्येक के हिसाब से 19.50 लाख रुपये और 22 लाख रुपये केनरा बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराया है।
विज्ञापन
इकाई के रखरखाव और प्रशिक्षण आदि पर होने वाला व्यय नाबार्ड द्वारा वहन किया जाएगा। इस समूह से अधिक महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। सीडीओ ने बताया कि पांच रुपये के चिप्स के पैकेट पर तीन रुपये 80 पैसा का लाभ कंपनी से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि चिप्स बनाने वाली मशीन से प्रतिदिन करीब चार क्विंटल आलू की खपत होगी।
विज्ञापन
एक घंटे में 50 किलोग्राम आलू के चिप्स तैयार होंगे। चिप्स की सप्लाई सभी सरकारी मीटिंगों के साथ समूह से जुड़ी महिलाओं के माध्यम से ग्रामीण अंचल में किया जाएगा। चिप्स फैक्ट्री के संचालन का प्रशिक्षण महिलाओं को दिया जाएगा।