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छह शव उतरे तो फट पड़ा हृदय
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 26 Jun 2015 12:11 AM IST
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बुधवार आगरा में हुए हादसे के बाद गुरुवार को शिकेहाबाद के एटा चौराहा पर सन्नाटा पसरा रहा। क्षेत्र का बाजार पूरी तरह से बंद था। लोग इस दुखद हादसे को लेकर मायूस दिखाई दे रहे थे। देर रात मृतकों के शव उनके एटा चौराहा स्थित आवास पर पहुंचे तो हजारों की संख्या में लोगों को हुजुम उमड़ पड़ा। हर किसी की आंख नमन दिखाई दे रही थी। अपनों को हादसे में गवांने के बाद आंसुओं का सैलाब नहीं थम रहा है।
बुधवार दोपहर आगरा के छलेसर के समीप हादस में मौत का दामन थामने वाले छह व्यापारी नीटू यादव, हरेंद्र, गौरव यादव और कैलाश के साथ दो अन्य युवकों के शव देर रात करीब दो बजे उनके एटा चौराहा पर पहुंचे तो रात की खामोशी को महिलाओं की चीख पुकार ने चीर दिया। हजारों की संख्या में लोग मृतकों को अंतिम विदाई देने के लिए उनके दरबाजे पर एकत्रित हो गए। सफेद कपड़े में लिपटे नीटू और कैलाश का शव देख उनकी नवविवाहिता सुध बुध खो बैठी। पति की लाश पर सिर पटक पटक कर रो रही थी। नवविवाहिताओं को इस स्थिति को देखते हुए वहां मौजूद हर किसी की आंख में आंसू भर आए। चीख पुकार के चलते हाइवे पर दौडने वाले वाहनों के पहियों की भी रफ्तार थम सी गई। चौराहा पर एकत्रित हजारों की भीड़ और पुलिस फोर्स की मौजूदगी को देख वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को इस दुखद हादसे के बारे में जानकारी की तो उनकी भी आंखें नमन दिखाई दी। युवा व्यापारियों के शवों को देर रात ही उनके पैतृक गांवों को लेकर परिवारीजन क्षेत्रीय लोगों के साथ पहुंचे तो गांवों में भी मातमी सन्नाटा पसर गया। चूल्हों की आग ठंठी पड़ी तो गांव की पगड़डियों से लेकर चौपालों तक सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। गुरुवार दोपहर सभी शवों का गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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बुधवार दोपहर आगरा के छलेसर के समीप हादस में मौत का दामन थामने वाले छह व्यापारी नीटू यादव, हरेंद्र, गौरव यादव और कैलाश के साथ दो अन्य युवकों के शव देर रात करीब दो बजे उनके एटा चौराहा पर पहुंचे तो रात की खामोशी को महिलाओं की चीख पुकार ने चीर दिया। हजारों की संख्या में लोग मृतकों को अंतिम विदाई देने के लिए उनके दरबाजे पर एकत्रित हो गए। सफेद कपड़े में लिपटे नीटू और कैलाश का शव देख उनकी नवविवाहिता सुध बुध खो बैठी। पति की लाश पर सिर पटक पटक कर रो रही थी। नवविवाहिताओं को इस स्थिति को देखते हुए वहां मौजूद हर किसी की आंख में आंसू भर आए। चीख पुकार के चलते हाइवे पर दौडने वाले वाहनों के पहियों की भी रफ्तार थम सी गई। चौराहा पर एकत्रित हजारों की भीड़ और पुलिस फोर्स की मौजूदगी को देख वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को इस दुखद हादसे के बारे में जानकारी की तो उनकी भी आंखें नमन दिखाई दी। युवा व्यापारियों के शवों को देर रात ही उनके पैतृक गांवों को लेकर परिवारीजन क्षेत्रीय लोगों के साथ पहुंचे तो गांवों में भी मातमी सन्नाटा पसर गया। चूल्हों की आग ठंठी पड़ी तो गांव की पगड़डियों से लेकर चौपालों तक सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। गुरुवार दोपहर सभी शवों का गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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