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Firozabad News: हर बारिश में यही कहानी... स्कूल बने ताल, पंचायत घर में चली क्लास
Tue, 11 Jul 2023 01:49 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 11 Jul 2023 01:49 AM IST
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फिरोजाबाद। कहने को तो जिले में परिषदीय स्कूल कायाकल्प हो गए। लेकिन, हर बारिश में स्कूलों की कहानी कुछ अलग दिखती है। रविवार को हुई बारिश के बाद सोमवार को स्कूल ताल बने नजर आए। पंचायत घर में कक्षाएं संचालित करनी पड़ीं। कहीं पीछे की बाउंड्री से कूदकर बच्चों को बरामदे में बैठकर पढ़ना पड़ा। विद्यालय का रसोई घर में भी जलभराव था, ऐसे में मध्याह्न भोजन रसोइया खुद घर से पकाकर लाई। यह कहानी एक, दो की नहीं, बल्कि जिले के कई विद्यालयों की है।
रविवार को दिनभर तेज बारिश हुई, ऐसे में विद्यालय परिसर पानी से लबालब हो गए। उच्च प्राथमिक विद्यालय पिड़सरा में गंदा पानी विद्यालय परिसर से लेकर कक्षाओं और रसोई तक भरा था। ऐसे में कक्षाओं तक पहुंचना शिक्षक और बच्चों के लिए मुश्किल था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए शिक्षकों ने गांव में बने पंचायत घर के बरामदे में बैठाकर बच्चों की कक्षाएं संचालित कीं। विद्यालय में पानी भरा होने तक यही पर कक्षाएं संचालित करने की बात शिक्षकों ने कही है। विद्यालय में जलभराव की यह स्थिति हर बारिश में आती है। बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए इधर-उधर ठिकाने की तलाश करने पड़ती है।
प्राथमिक विद्यालय नगला चैन में भी बारिश के बाद जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे मे विद्यालय परिसर से लेकर कमरों में पानी भरा है। छतों से पानी टपक रहा है। पहले बच्चे और शिक्षक बारिश के दिनों में कक्षाएं संचालित करने के लिए जगह तलाशते थे। लेकिन सोमवार को बच्चे विद्यालय की पिछले हिस्से की दीवार कूदकर विद्यालय के बरामदे तक पहुंचे। इसी बरामदे में ही क्लास शुरु कर दी। जबकि बराबर में ही गंदा पानी पानी भरा था। रसोइया मध्याह्न भोजन घर से पका कर लाईं।
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प्राथमिक विद्यालय कचोलर में गिरी बाउंड्री
अरांव ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कचोलर में बारिश के बाद पूरी बाउंड्री गिर गई। विद्यालय पहुंचे बच्चे और शिक्षक बाउंड्री को गिरा देखकर डर गए। बच्चों और शिक्षकों को डर था कि जब बाउंड्री गिर सकती है तो भवन से भी हादसा हो सकता है। ऐसे में बच्चे डर के बीच पढ़ने को मजबूर हुए।
शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह जर्जर परिसर में बच्चों को न बैठाएं। हम बीईओ से रिपोर्ट मांगेंगे कि कहां जलभराव होता है। उन विद्यालयों की समस्या निराकरण के लिए शासन-प्रशासन से वार्ता करेंगे।
आशीष पांडेय, बीएसए
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रविवार को दिनभर तेज बारिश हुई, ऐसे में विद्यालय परिसर पानी से लबालब हो गए। उच्च प्राथमिक विद्यालय पिड़सरा में गंदा पानी विद्यालय परिसर से लेकर कक्षाओं और रसोई तक भरा था। ऐसे में कक्षाओं तक पहुंचना शिक्षक और बच्चों के लिए मुश्किल था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए शिक्षकों ने गांव में बने पंचायत घर के बरामदे में बैठाकर बच्चों की कक्षाएं संचालित कीं। विद्यालय में पानी भरा होने तक यही पर कक्षाएं संचालित करने की बात शिक्षकों ने कही है। विद्यालय में जलभराव की यह स्थिति हर बारिश में आती है। बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए इधर-उधर ठिकाने की तलाश करने पड़ती है।
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प्राथमिक विद्यालय नगला चैन में भी बारिश के बाद जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे मे विद्यालय परिसर से लेकर कमरों में पानी भरा है। छतों से पानी टपक रहा है। पहले बच्चे और शिक्षक बारिश के दिनों में कक्षाएं संचालित करने के लिए जगह तलाशते थे। लेकिन सोमवार को बच्चे विद्यालय की पिछले हिस्से की दीवार कूदकर विद्यालय के बरामदे तक पहुंचे। इसी बरामदे में ही क्लास शुरु कर दी। जबकि बराबर में ही गंदा पानी पानी भरा था। रसोइया मध्याह्न भोजन घर से पका कर लाईं।
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प्राथमिक विद्यालय कचोलर में गिरी बाउंड्री
अरांव ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कचोलर में बारिश के बाद पूरी बाउंड्री गिर गई। विद्यालय पहुंचे बच्चे और शिक्षक बाउंड्री को गिरा देखकर डर गए। बच्चों और शिक्षकों को डर था कि जब बाउंड्री गिर सकती है तो भवन से भी हादसा हो सकता है। ऐसे में बच्चे डर के बीच पढ़ने को मजबूर हुए।
शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह जर्जर परिसर में बच्चों को न बैठाएं। हम बीईओ से रिपोर्ट मांगेंगे कि कहां जलभराव होता है। उन विद्यालयों की समस्या निराकरण के लिए शासन-प्रशासन से वार्ता करेंगे।
आशीष पांडेय, बीएसए