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ट्रांसपोर्ट की आढ़ में चल रहा नकली दूध का सामान बेचने का गोरखधंधा

Fri, 24 Sep 2021 06:05 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 06:05 PM IST
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The racket of selling fake milk goods running under the guise of transport
फिरोजाबाद। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को शिकोहाबाद में ट्रांसपोर्ट की आढ़ में नकली दूध का सामान बेचने का गोरखधंधा पकड़ा गया। मौके से प्रतिबंधित केमिकल और नकली दूध बनाने में प्रयुक्त होने वाले डिटर्जेंट व अन्य सामग्री मिली है। टीम ने जांच के लिए नमूना लेकर भेजा है। सामान को सीज कर दिया है। यह विक्रेता दूधिया और डेयरी संचालकों को सामान सप्लाई करता था।
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मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी बीएस कुशवाह के नेतृत्व में पुलिस फोर्स के साथ टीम ने शिकोहाबाद के एटा रोड स्थित गुप्ता ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापा मारा। इसे ट्रांसपोर्टर खजांची लाल और विकासचंद्र चलाते हैं। जांच को पहुंची टीम को मौके से 650 सर्विटाल सोल्यूशन, 200 किलो ग्लूकोज पाउडर और डिटर्जेंट को सील कर दिया। यह दूधिया और डेयरी संचालकों को सप्लाई किया जा रहा था। इससे नकली दूध तैयार किया जाता था। टीम ने शिकोहाबाद में रविंद्र कुमार के टैंकर से दूध का नमूना भी लिया है। प्रतापुर में मोहनदत्त दुग्ध सग्रहण केंद्र से दूध का नमूना लिया।
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- सूचना मिली थी कि शिकोहाबाद में ट्रांसपोर्ट की आढ़ में नकली दूध बनाने का कारोबार चल रहा है। हमने टीम बनाकर छापेमारी की। मौके से केमिकल पकड़ा गया है। विशेष एक्ट में मुकदमा दायर किया जा रहा है। इस केमिकल से बनने वाला नकली दूध नुकसान पहुंचाता है। बीएस कुशवाह, मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी
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लैब की आधुनिक मशीनें भी खा जाती थी धोखा
नकली दूध में सर्विटाल सोल्यूशन मिलाया जाता था। यह मिलाने के बाद नकली दूध का सैंपल भी आधुनिक मशीनों से जांच में नहीं पकड़ा जाता था। सर्विटाल को घोलने के लिए डिटर्जेंट पाउडर का इस्तेमाल किया जाता था। दूध में मिठास लाने के लिए ग्लूकोज मिलाया जाता था।

एक घंटे तक किया टीम ने इंतजार
जब कोई सामान लेने आता था, तभी ट्रांसपपोर्ट को खोला जाता था। शिकायत के आधार पर टीम ट्रांसपोर्ट के आसपास खड़ी हो गई। करीब एक घंटे के बाद दुकान खुली तो टीम ने कार्रवाई शुरू की। टीम ने देखा कि ग्लूकोज को कई बोरियों के भीतर भरा गया था। ताकि कोई ग्लूकोज होने का अंदाजा नहीं लगा सके। लोग कार्रवाई का विरोध करने आए। लेकिन इस गोरखधंधे को देखकर व्यापारी नेताओं ने भी चुप्पी साध ली और वापस लौट गए।
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